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J&K: चार माह में विधानसभा चुनाव होने की संभावना, विपक्ष की हर चुनौती के लिए तैयार भाजपा- तरुण चुघ
Tue, 27 Dec 2022 05:39 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 27 Dec 2022 05:39 PM IST
सार
तरुण चुग ने कहा कि जम्मू कश्मीर के युवा नेकां, पीडीपी और कांग्रेस के पाखंडी दृष्टिकोण को जान चुके हैं। जम्मू कश्मीर में भाजपा के कदम से उन्हें उनका उचित अधिकार दिया जा रहा है जो लोकतंत्र के अभाव में दबे हुए थे।
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तरुण चुघ
- फोटो : ANI
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विस्तार
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व कश्मीर मामलों के प्रभारी तरुण चुग ने कहा कि जम्मू कश्मीर के युवाओं ने सही दिशा में अपनी यात्रा शुरू की है। अब वे आईएएस, डॉक्टर, इंजीनियर, होटल व्यवसायी, उद्योगपति बन रहे हैं। प्रदेश के युवा जिन पत्थरों का हिंसा के लिए इस्तेमाल करते थे, वे विकास के निर्माण के लिए हैं। जो लोग फिर से युवाओं के हाथों में पत्थर देने की कोशिश कर रहे हैं वे कभी सफल नहीं होंगे। इस विकास की यात्रा में जम्मू कश्मीर के युवा बंदूक और पत्थर छोड़ रहे हैं।
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जम्मू कश्मीर के युवा नेकां, पीडीपी और कांग्रेस के पाखंडी दृष्टिकोण को जान चुके हैं। जम्मू कश्मीर में भाजपा के कदम से उन्हें उनका उचित अधिकार दिया जा रहा है जो लोकतंत्र के अभाव में दबे हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि नेकां, पीडीपी और कांग्रेस ने युवाओं को सिर्फ पथराव और हिंसा की तरफ ही धकेला। स्व. मुफ्ती मोहम्मद सईद गृह मंत्री और डॉ. फारूक अब्दुल्ला तत्कालीन मुख्यमंत्री थे जब कश्मीरी पंडितों का प्रवास हुआ था।
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दोनों नेता कश्मीरी पंडितों के विस्थापन को रोकने में विफल रहे थे। आज हर कोई सवाल कर रहा है कि जब दोनों नेता सत्ता में थे तो देश विरोधी तत्वों पर लगाम लगाने में नाकाम क्यों रहे। डॉ. फारूक, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की नम आंखों से आज कुछ हासिल नहीं होगा क्योंकि ये लोग अपने समय में पंडितों के जीवन की रक्षा नहीं कर पाए थे। इनकी दोगली बोलचाल और अंतर्मन को लोग जान गए हैं। आज ये पंडितों की भलाई के लिए रो रहे हैं। भाजपा जम्मू कश्मीर में भ्रष्टाचार और आतंकवाद को अनुमति नहीं देगी।
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उमर अब्दुल्ला पर प्रहार करते हुए कहा कि हम आगामी चुनाव में विपक्ष की हर चुनौती के लिए तैयार हैं। दरअसल उनके पीएडीजी को लोगों ने नकार दिया है। दशकों से चली आ रही वंशवादी राजनीति द्वारा पोषित हिंसा और रक्तपात से लोग तंग आ चुके हैं। आगामी 3 से 4 माह में जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।