{"_id":"61bf7d2645591a7a382b98ca","slug":"bijli-rspura-news-jmu250166624","type":"story","status":"publish","title_hn":"वीती रात उपजिले के कई गांव कस्वो में विजली सेवा ठप रही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वीती रात उपजिले के कई गांव कस्वो में विजली सेवा ठप रही
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आरएस पुरा /मीरां साहिब। उपजिले के शनिवार रात कई गांव कस्बों में बिजली आपूर्ति ठप रही। इस दौरान लोगों को सर्दी में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शनिवार रात नौ बजे बिजली सेवा ठप रहने पर रविवार सुबह पांच बजे बहाल हो पाई।
रविवार को भी बिजली की आंख मिचौली के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गांव कृष्णा नगर की पंच रुचि डोगरा, नीलम शर्मा ने कहा कि बिजली विभाग के कर्मियों की हड़ताल के चलते लोगों को सुचारु रूप से आपूर्ति नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की गलत नीतियों के चलते लोग इस सर्द मौसम में परेशानियों का सामना कर रहे हैं। पूर्व सरपंच किशोर कुमार ने कहा कि बिजली ठप रहने पर लोगों को रात भर बिजली गुल रहने पर अंधेरे में रहना पड़ा। कई लोगों को पानी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सीमावर्ती गांव में इन दिनों बिजली ठप रहने पर किसान धर्मपाल का कहना है कि मौजूदा सरकार लोगों को मूलभूत सुविधाएं कराने के लिए विफल साबित हुई है।
उन्होंने कहा कि अस्थायी कर्मियों की अनदेखी करने पर कर्मी द्वारा काम छोड़ो हड़ताल के चलते दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग यूनियन के गुरमीत सिंह का कहना है कि कई वर्षों से बिजली विभाग के अस्थायी कर्मियों की सरकार की ओर अनदेखी की जा रही है। हालत यह है कि कई लोगों की अधिक आयु होने पर किसी और स्थान पर नौकरी नहीं कर सकते। सरकार को चाहिए कि कर्मियों के साथ इंसाफ किया जाए। उन्होंने कहा कि अब बिजली विभाग को निगमीकरण किया जा रहा, जिसके चलते अस्थायी कर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पडे़गा।
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उपराज्यपाल करें हस्तक्षेप, मामले को सुलझाएं
सांबा। जिला महासभा के अध्यक्ष रवि खजूरिया ने उपराज्यपाल से आग्रह किया है कि वर्तमान में चल रही बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के मामले में वह हस्तक्षेप करें, और इस मामले को सुलझाएं। ताकि सरकार व इंजीनियर एंव कर्मचारियों के इस टकराव में प्रताड़ित हो रही जनता को निजात मिले।
खजूरिया ने आश्चर्य जताया है कि स्थिति यहां तक कैसे पहुंच गई। प्रशासन ने संगठनों की चेतावनी को गंभीरता से क्यों नहीं लिया, लोग भीषण ठंड में बिना बिजली पानी कैसे रह पाएंगे। माना की इससे स्वयं भी बडे़ अधिकारी प्रभावित होंगे, लेकिन आम लोगों के पास उनकी तरह जेनरेटर तो नहीं हैं। खजूरिया ने चिंता जताई कि सरकार ने डेलीवेजर को पक्का करने के लिए सात साल समय निर्धारित किया है। यहां पंद्रह वर्ष वाले भी अभी तक पक्के नहीं किए गए हैं। उन्होंने मांग की कि निगमीकरण आदेश निरस्त किए जाएं या विभागीय नेताओं को विश्वास में लेकर निर्णय लें।
एटीएम ने नकदी देना किया बंद
बिजली आपूर्ति ठप होने से जलापूर्ति की समस्या बढ़ी
सांबा। बिजली विभाग के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से जलशक्ति विभाग के ट्यूबवेल भी बंद हो रहे हैं। लोगों को पानी की किल्लत सताने लगी है। कई क्षेत्रों में एटीएम के बंद होने पर लोग परेशानी का सामना करने पर मजबूर हो रहे हैं।
सांबा नगर परिषद के पार्षद रवि खजूरिया, पार्षद संजे पाधा ने बताया कि बिजली की आपूर्ति बंद रहने पर पानी की किल्लत भी बनी हुई है। रविवार दोपहर बाद अधिकतर एटीएम भी बंद हो गए। ऐसे में लोगों को नकदी के लिए भटकना पड़ा है। बिजली आपूर्ति ठप होने से लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों ने सरकार से मांग कि कि वह बिजली विभाग के कर्मचारियों की मांगों को शीघ्र पूरा करे, ताकि लोगों को परेशानी से बचाया जा सके। संवाद
क्षेत्र में जल संकट गहराया, पढ़ाई पर भी पड़ रहा असर
अरनिया। क्षेत्र में ठप विद्यत आपूर्ति रविवार को भी बहाल नहीं हुई। इससे लोगों को जल संकट सहित अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इस बीच नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सैनी सहित सैकड़ों लोगों ने शनिवार रात को लल्याना स्थित ग्रिड स्टेशन पर धरना प्रदर्शन भी किया।
स्थानीय निवासी अशोक कुमार, मनोहर लाल, विशंभर दास, कमल जीत सिंह, मंजीत सिंह व गुरिंद्र सिंह ने कहा कि दो दिन से बिजली ठप है, जिससे रविवार को भी पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहा। बड़ी समस्या जलापूर्ति की आ रही है। खाना बनाना तो दूर पीने तक भी पानी नहीं है। जल शक्ति विभाग के ट्यूबवेल पर निर्भर हैं। इसके अलावा ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों पर भी मोबाइल चार्ज न होने से विपरीत असर पड़ रहा है। घरों के इन्वर्टर डेड होने के बाद मोमबत्ती जलाकर काम चल रहा है। दूसरी ओर त्रेवा की सरपंच बलबीर कौर ने कहा कि अगर क्षेत्र में बिजली जल्द बहाल नहीं की गई तो सोमवार को एक बार फिर चक शेरा ग्रिड स्टेशन की घटना को दोहराना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी खुद विभाग की होगी। संवाद
पंचायत अपर कार्थोली बिजली के उपकरण जले
बाड़ी ब्राह्मणा। पंचायत अपर कार्थोली के वार्ड-5 में दो दिन पहले तकनीकी खराबी आने के कारण वोल्टेज अधिक आ गई। इसमें वार्ड के लगभग 20 घरों में बिजली के उपकरण जल गए। इसमें रेफ्रिजरेटर, एलईडी लाइट और अन्य उपकरण जो रोजमर्रा इस्तेमाल होते हैं, उनको क्षति पहुंची है।
सरपंच तरसेम सिंह ने बताया कि विद्युत विभाग को वोल्टेज हाई होने का पता लगाना चाहिए। उस तकनीकी खराबी को दूर किया जाना चाहिए ताकि आने वाले समय में दोबारा ऐसा न हो और इससे लोगों को नुकसान न उठाना पड़े। स्थानीय लोगों ने बताया कि ऐसा पहले भी उनकी पंचायत में हो चुका है, जिससे लोगों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन उसके ऊपर विद्युत विभाग की तरफ से कोई गंभीरता नहीं की गई है। संवाद
बाड़ी ब्राह्मणा में नहीं दिखा कोई असर
बाड़ी ब्राह्मणा। बिजली विभाग के निगमीकरण किए जाने को लेकर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वे हड़ताल पर चले गए हैं। दो दिन से बिजली की समस्या से काफी क्षेत्र प्रभावित है। कई जगह लोगों द्वारा बिजलीघर में जाकर विरोध प्रदर्शन करने के मामले सामने आ रहे हैं। बाड़ी ब्राह्मणा में हड़ताल का कोई असर नहीं दिखाई दिया है। यहां बिजली की आपूर्ति सुचारु रूप से चल रही है। छोटा मोटा फाल्ट आने के बाद ही बिजली बंद हो रही है। उसके अलावा बिजली की आपूर्ति निरंतर चल रही है। दो दिन से चल रही हड़ताल को लेकर बाड़ी ब्राह्मणा सामान्य है।
इस संबंध में एईई राजीव शर्मा का कहना है कि बाड़ी ब्राह्मणा में भी कर्मचारी हड़ताल पर हैं। अगर तकनीकी खराबी होती है तो उसे ठीक नहीं किया जाएगा, जिससे बिजली बंद रहने के आसार बढ़ जाएंगे। फिलहाल जब तक बिजली सुचारु रूप से चल रही है, उसमें कोई भी बाधा नहीं आएगी।
बिजली आपूर्ति ठप रहने से मोबाइल हुए डेड
अखनूर। निगमीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर क्षेत्र के कई जगहों पर आपूर्ति ठप रही। इस दौरान लोगों को कई प्रकार की परेशानियों से गुजरना पड़ा। हालांकि अखनूर में बिजली की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रही। क्षेत्र की कई पंचायतों में बिजली आपूर्ति ठप होने पर लोग मोबाइल चार्ज भी नहीं कर पाए। बिजली से चलने वाले उपकरण भी नहीं चल पा रहे। लोगों का कहना है कि सरकार को बिजली कर्मचारियों से बातचीत कर समाधान करना चाहिए, ताकि लोगों को हो रही परेशानी खत्म हो सके। संवाद
शहर से गांव तक ठप रही बिजली आपूर्ति
सांबा। बिजली के निगमीकरण के विरोध में कर्मचारियों के काम छोड़ हड़ताल पर चले जाने से रविवार दूसरे दिन भी आपूर्ति ठप रही। शहर से ग्रामीण क्षेत्र तक आपूर्ति ठप रहने से कई कारोबार प्रभावित रहे। हड़ताली कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की व अपना निर्णय वापस लेने की मांग उठाई।
शुक्रवार सुबह से ही बिजली आपूर्ति ठप रहने से टायर पंक्चर लगाने की दुकानें भी बंद हो गईं। दुकानदार पवन कुमार, राजु, राम कुमार आदि ने बताया कि शनिवार सुबह से ही बिजली ठप होने से रविवार दिन भर वह दुकान पर पंक्चर नहीं लगाए पाए। क्योंकि पंक्चर लगाने के लिए टायर में हवा की जरूरत होती है। हवा की टंकी खाली रहने से उन्हें काफी परेशानी बनी रही। सीमावर्ती गांव कंगवाला के राजकुमार, बैनगलाड के अमन के अनुसार किसानों ने गेहूं की फसल की बीजाई तो कर दी है, बारिश के नहीं होने से मोटर पंप से सिंचाई की जानी है। ऐसे में बिजली आपूर्ति ठप होने से किसान भी परेशान हैं। कई छोटे दुकानदारों के कारोबार प्रभावित हो रहे हैं।
बिजली आपूर्ति ठप रहने पर किया प्रदर्शन
सांबा। बिजली विभाग के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से बिजली आपूर्ति ठप रहने पर लोगों ने कस्बे में कैंडल मार्च निकाल कर प्रदर्शन किया। कैली मंडी के सरपंच रविंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारी हड़ताल पर चले जाने से प्रशासन ने लोगों को पेश आने वाली परेशानी की ओर उचित कदम नहीं उठाया है। प्रशासन को पहले ही पता था कि कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगें। ऐसे में प्रशासन को पहले ही तैयारी रखनी चाहिए थी। आम लोगों को परेशानी में डाला गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने बिजली आपूर्ति बहाल कराने की पहल नहीं की तो लोग सड़कों पर आ जाएंगे। संवाद
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रविवार को भी बिजली की आंख मिचौली के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गांव कृष्णा नगर की पंच रुचि डोगरा, नीलम शर्मा ने कहा कि बिजली विभाग के कर्मियों की हड़ताल के चलते लोगों को सुचारु रूप से आपूर्ति नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की गलत नीतियों के चलते लोग इस सर्द मौसम में परेशानियों का सामना कर रहे हैं। पूर्व सरपंच किशोर कुमार ने कहा कि बिजली ठप रहने पर लोगों को रात भर बिजली गुल रहने पर अंधेरे में रहना पड़ा। कई लोगों को पानी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सीमावर्ती गांव में इन दिनों बिजली ठप रहने पर किसान धर्मपाल का कहना है कि मौजूदा सरकार लोगों को मूलभूत सुविधाएं कराने के लिए विफल साबित हुई है।
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उन्होंने कहा कि अस्थायी कर्मियों की अनदेखी करने पर कर्मी द्वारा काम छोड़ो हड़ताल के चलते दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग यूनियन के गुरमीत सिंह का कहना है कि कई वर्षों से बिजली विभाग के अस्थायी कर्मियों की सरकार की ओर अनदेखी की जा रही है। हालत यह है कि कई लोगों की अधिक आयु होने पर किसी और स्थान पर नौकरी नहीं कर सकते। सरकार को चाहिए कि कर्मियों के साथ इंसाफ किया जाए। उन्होंने कहा कि अब बिजली विभाग को निगमीकरण किया जा रहा, जिसके चलते अस्थायी कर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पडे़गा।
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उपराज्यपाल करें हस्तक्षेप, मामले को सुलझाएं
सांबा। जिला महासभा के अध्यक्ष रवि खजूरिया ने उपराज्यपाल से आग्रह किया है कि वर्तमान में चल रही बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के मामले में वह हस्तक्षेप करें, और इस मामले को सुलझाएं। ताकि सरकार व इंजीनियर एंव कर्मचारियों के इस टकराव में प्रताड़ित हो रही जनता को निजात मिले।
खजूरिया ने आश्चर्य जताया है कि स्थिति यहां तक कैसे पहुंच गई। प्रशासन ने संगठनों की चेतावनी को गंभीरता से क्यों नहीं लिया, लोग भीषण ठंड में बिना बिजली पानी कैसे रह पाएंगे। माना की इससे स्वयं भी बडे़ अधिकारी प्रभावित होंगे, लेकिन आम लोगों के पास उनकी तरह जेनरेटर तो नहीं हैं। खजूरिया ने चिंता जताई कि सरकार ने डेलीवेजर को पक्का करने के लिए सात साल समय निर्धारित किया है। यहां पंद्रह वर्ष वाले भी अभी तक पक्के नहीं किए गए हैं। उन्होंने मांग की कि निगमीकरण आदेश निरस्त किए जाएं या विभागीय नेताओं को विश्वास में लेकर निर्णय लें।
एटीएम ने नकदी देना किया बंद
बिजली आपूर्ति ठप होने से जलापूर्ति की समस्या बढ़ी
सांबा। बिजली विभाग के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से जलशक्ति विभाग के ट्यूबवेल भी बंद हो रहे हैं। लोगों को पानी की किल्लत सताने लगी है। कई क्षेत्रों में एटीएम के बंद होने पर लोग परेशानी का सामना करने पर मजबूर हो रहे हैं।
सांबा नगर परिषद के पार्षद रवि खजूरिया, पार्षद संजे पाधा ने बताया कि बिजली की आपूर्ति बंद रहने पर पानी की किल्लत भी बनी हुई है। रविवार दोपहर बाद अधिकतर एटीएम भी बंद हो गए। ऐसे में लोगों को नकदी के लिए भटकना पड़ा है। बिजली आपूर्ति ठप होने से लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों ने सरकार से मांग कि कि वह बिजली विभाग के कर्मचारियों की मांगों को शीघ्र पूरा करे, ताकि लोगों को परेशानी से बचाया जा सके। संवाद
क्षेत्र में जल संकट गहराया, पढ़ाई पर भी पड़ रहा असर
अरनिया। क्षेत्र में ठप विद्यत आपूर्ति रविवार को भी बहाल नहीं हुई। इससे लोगों को जल संकट सहित अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इस बीच नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सैनी सहित सैकड़ों लोगों ने शनिवार रात को लल्याना स्थित ग्रिड स्टेशन पर धरना प्रदर्शन भी किया।
स्थानीय निवासी अशोक कुमार, मनोहर लाल, विशंभर दास, कमल जीत सिंह, मंजीत सिंह व गुरिंद्र सिंह ने कहा कि दो दिन से बिजली ठप है, जिससे रविवार को भी पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहा। बड़ी समस्या जलापूर्ति की आ रही है। खाना बनाना तो दूर पीने तक भी पानी नहीं है। जल शक्ति विभाग के ट्यूबवेल पर निर्भर हैं। इसके अलावा ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों पर भी मोबाइल चार्ज न होने से विपरीत असर पड़ रहा है। घरों के इन्वर्टर डेड होने के बाद मोमबत्ती जलाकर काम चल रहा है। दूसरी ओर त्रेवा की सरपंच बलबीर कौर ने कहा कि अगर क्षेत्र में बिजली जल्द बहाल नहीं की गई तो सोमवार को एक बार फिर चक शेरा ग्रिड स्टेशन की घटना को दोहराना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी खुद विभाग की होगी। संवाद
पंचायत अपर कार्थोली बिजली के उपकरण जले
बाड़ी ब्राह्मणा। पंचायत अपर कार्थोली के वार्ड-5 में दो दिन पहले तकनीकी खराबी आने के कारण वोल्टेज अधिक आ गई। इसमें वार्ड के लगभग 20 घरों में बिजली के उपकरण जल गए। इसमें रेफ्रिजरेटर, एलईडी लाइट और अन्य उपकरण जो रोजमर्रा इस्तेमाल होते हैं, उनको क्षति पहुंची है।
सरपंच तरसेम सिंह ने बताया कि विद्युत विभाग को वोल्टेज हाई होने का पता लगाना चाहिए। उस तकनीकी खराबी को दूर किया जाना चाहिए ताकि आने वाले समय में दोबारा ऐसा न हो और इससे लोगों को नुकसान न उठाना पड़े। स्थानीय लोगों ने बताया कि ऐसा पहले भी उनकी पंचायत में हो चुका है, जिससे लोगों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन उसके ऊपर विद्युत विभाग की तरफ से कोई गंभीरता नहीं की गई है। संवाद
बाड़ी ब्राह्मणा में नहीं दिखा कोई असर
बाड़ी ब्राह्मणा। बिजली विभाग के निगमीकरण किए जाने को लेकर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वे हड़ताल पर चले गए हैं। दो दिन से बिजली की समस्या से काफी क्षेत्र प्रभावित है। कई जगह लोगों द्वारा बिजलीघर में जाकर विरोध प्रदर्शन करने के मामले सामने आ रहे हैं। बाड़ी ब्राह्मणा में हड़ताल का कोई असर नहीं दिखाई दिया है। यहां बिजली की आपूर्ति सुचारु रूप से चल रही है। छोटा मोटा फाल्ट आने के बाद ही बिजली बंद हो रही है। उसके अलावा बिजली की आपूर्ति निरंतर चल रही है। दो दिन से चल रही हड़ताल को लेकर बाड़ी ब्राह्मणा सामान्य है।
इस संबंध में एईई राजीव शर्मा का कहना है कि बाड़ी ब्राह्मणा में भी कर्मचारी हड़ताल पर हैं। अगर तकनीकी खराबी होती है तो उसे ठीक नहीं किया जाएगा, जिससे बिजली बंद रहने के आसार बढ़ जाएंगे। फिलहाल जब तक बिजली सुचारु रूप से चल रही है, उसमें कोई भी बाधा नहीं आएगी।
बिजली आपूर्ति ठप रहने से मोबाइल हुए डेड
अखनूर। निगमीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर क्षेत्र के कई जगहों पर आपूर्ति ठप रही। इस दौरान लोगों को कई प्रकार की परेशानियों से गुजरना पड़ा। हालांकि अखनूर में बिजली की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रही। क्षेत्र की कई पंचायतों में बिजली आपूर्ति ठप होने पर लोग मोबाइल चार्ज भी नहीं कर पाए। बिजली से चलने वाले उपकरण भी नहीं चल पा रहे। लोगों का कहना है कि सरकार को बिजली कर्मचारियों से बातचीत कर समाधान करना चाहिए, ताकि लोगों को हो रही परेशानी खत्म हो सके। संवाद
शहर से गांव तक ठप रही बिजली आपूर्ति
सांबा। बिजली के निगमीकरण के विरोध में कर्मचारियों के काम छोड़ हड़ताल पर चले जाने से रविवार दूसरे दिन भी आपूर्ति ठप रही। शहर से ग्रामीण क्षेत्र तक आपूर्ति ठप रहने से कई कारोबार प्रभावित रहे। हड़ताली कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की व अपना निर्णय वापस लेने की मांग उठाई।
शुक्रवार सुबह से ही बिजली आपूर्ति ठप रहने से टायर पंक्चर लगाने की दुकानें भी बंद हो गईं। दुकानदार पवन कुमार, राजु, राम कुमार आदि ने बताया कि शनिवार सुबह से ही बिजली ठप होने से रविवार दिन भर वह दुकान पर पंक्चर नहीं लगाए पाए। क्योंकि पंक्चर लगाने के लिए टायर में हवा की जरूरत होती है। हवा की टंकी खाली रहने से उन्हें काफी परेशानी बनी रही। सीमावर्ती गांव कंगवाला के राजकुमार, बैनगलाड के अमन के अनुसार किसानों ने गेहूं की फसल की बीजाई तो कर दी है, बारिश के नहीं होने से मोटर पंप से सिंचाई की जानी है। ऐसे में बिजली आपूर्ति ठप होने से किसान भी परेशान हैं। कई छोटे दुकानदारों के कारोबार प्रभावित हो रहे हैं।
बिजली आपूर्ति ठप रहने पर किया प्रदर्शन
सांबा। बिजली विभाग के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से बिजली आपूर्ति ठप रहने पर लोगों ने कस्बे में कैंडल मार्च निकाल कर प्रदर्शन किया। कैली मंडी के सरपंच रविंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारी हड़ताल पर चले जाने से प्रशासन ने लोगों को पेश आने वाली परेशानी की ओर उचित कदम नहीं उठाया है। प्रशासन को पहले ही पता था कि कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगें। ऐसे में प्रशासन को पहले ही तैयारी रखनी चाहिए थी। आम लोगों को परेशानी में डाला गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने बिजली आपूर्ति बहाल कराने की पहल नहीं की तो लोग सड़कों पर आ जाएंगे। संवाद