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Jammu News: आधुनिक शहर बसाने की राह आसान नहीं, आधे से ज्यादा बजट मुआवजे में लगेगा
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भलवाल में छोटा शहर बसाने में बजट का संकट सामने आ सकता है। ऐसी इसलिए कि रिंग रोड के दोनों ओर लगभग डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की निजी जमीन है। सभी को 13 हजार करोड़ के आसपास मुआवजा देना होगा जबकि परियोजना की कुल लागत ही 20 हजार करोड़ है। प्रारंभिक चरण में सात हजार करोड़ से हाउसिंग बोर्ड और जेडीए काम शुरू करेगा। बाद में जरूरत के हिसाब से बजट की मांग की जाएगी।
हाउसिंग बोर्ड के अनुसार साढ़े तीन हजार कनाल जमीन निजी है जबकि जेडीए और हाउसिंग बोर्ड की 2500 कनाल जमीन है। भूमि पैमाइश के बाद सर्वे करवाया जा रहा है। इससे पता चलेगा कि कौन सी परियोजना कहां पर बनाई जानी है। इसके बाद प्लान तैयार होगा। हालांकि बजट पहले से स्वीकृत है।
मौजूदा समय में जम्मू शहर बेतरतीब ढंग से बस रहा है। रिहायशी इलाकों के साथ ही वाणिज्यिक गतिविधियां हैं। अस्पताल, स्कूल और अन्य सुविधाएं दूर हैं। पुराने शहर में बदलाव कर आधुनिक बनाना चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में नया शहर बसाने की योजना है। यहां पर आवासीय, वाणिज्य, पार्क, कार्यालय समेत अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं अलग-अलग मिलेंगी। सड़क किनारे हाई स्टैंडर्ड बाहु मंजिला इमारतों का निर्माण होगा।
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परियोजना में निजी भूमि को हायर किया जाना है। साढ़े 13 हजार करोड़ मुआवजा देना है। इसके बाद काम आरंभ होगा।
- शबीर हुसैन, एमडी, हाउसिंग बोर्ड
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जम्मू। भलवाल में छोटा शहर बसाने में बजट का संकट सामने आ सकता है। ऐसी इसलिए कि रिंग रोड के दोनों ओर लगभग डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की निजी जमीन है। सभी को 13 हजार करोड़ के आसपास मुआवजा देना होगा जबकि परियोजना की कुल लागत ही 20 हजार करोड़ है। प्रारंभिक चरण में सात हजार करोड़ से हाउसिंग बोर्ड और जेडीए काम शुरू करेगा। बाद में जरूरत के हिसाब से बजट की मांग की जाएगी।
हाउसिंग बोर्ड के अनुसार साढ़े तीन हजार कनाल जमीन निजी है जबकि जेडीए और हाउसिंग बोर्ड की 2500 कनाल जमीन है। भूमि पैमाइश के बाद सर्वे करवाया जा रहा है। इससे पता चलेगा कि कौन सी परियोजना कहां पर बनाई जानी है। इसके बाद प्लान तैयार होगा। हालांकि बजट पहले से स्वीकृत है।
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मौजूदा समय में जम्मू शहर बेतरतीब ढंग से बस रहा है। रिहायशी इलाकों के साथ ही वाणिज्यिक गतिविधियां हैं। अस्पताल, स्कूल और अन्य सुविधाएं दूर हैं। पुराने शहर में बदलाव कर आधुनिक बनाना चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में नया शहर बसाने की योजना है। यहां पर आवासीय, वाणिज्य, पार्क, कार्यालय समेत अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं अलग-अलग मिलेंगी। सड़क किनारे हाई स्टैंडर्ड बाहु मंजिला इमारतों का निर्माण होगा।
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परियोजना में निजी भूमि को हायर किया जाना है। साढ़े 13 हजार करोड़ मुआवजा देना है। इसके बाद काम आरंभ होगा।
- शबीर हुसैन, एमडी, हाउसिंग बोर्ड