{"_id":"608c27768ebc3e8d3b47fe45","slug":"baramula-police-rescued-three-youths-from-involvement-in-terrorism","type":"story","status":"publish","title_hn":"एप से आतंक का पाठ: पुलिस ने आतंकवाद में शामिल होने से तीन युवाओं को बचाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एप से आतंक का पाठ: पुलिस ने आतंकवाद में शामिल होने से तीन युवाओं को बचाया
Fri, 30 Apr 2021 09:21 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 30 Apr 2021 09:21 PM IST
विज्ञापन
आतंकवाद
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारामुला में पुलिस ने तीन युवाओं को आतंकवाद में शामिल होने से समय रहते रोक लिया। हिरासत में लेकर तीनों की काउंसलिंग की गई। इसके बाद परिवार वालों के हवाले कर दिया गया। बारामुला पुलिस ने बताया कि उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा के तीन युवकों को एक शख्स द्वारा एक ऑनलाइन प्राइवेसी एप से कॉल की जा रही थी।
विज्ञापन
उस शख्स के द्वारा इन तीनों को गुमराह कर कट्टरता का पाठ पढ़ाया गया। इतना ही नहीं इन युवकों से कहा गया कि उड़ी के रास्ते एलओसी पार करवाया जाएगा। वह उन्हें खुद उड़ी में मिलेगा और उन्हें एलओसी पार करने का रास्ता बताएगा।
विज्ञापन
यह जानकारी पुलिस को सूत्रों से हासिल हुई जिस पर तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने इन तीनों को उड़ी बाजार से हिरासत में ले लिया जहां वह एक कार में सवार हो रहे थे। तीनों की काउंसलिंग के बाद उन्हें परिवार वालों के हवाले कर दिया गया।
विज्ञापन
इस दौरान पुलिस ने परिवार वालों को अपने बच्चों पर नजर रखने के निर्देश भी दिए ताकि वह गलत राह पर न भटकें। पुलिस के अनुसार इन तीनों की शिनाख्त हंदवाड़ा नौगाम के माजिद रकीब कोशी (26), डेडिकोट कुपवाड़ा के वसीम अहमद खान (28) व गोशी कुपवाड़ा के गुलाम मुस्तफा अहंगर (28) के तौर पर हुई है।
ये भी पढ़ें- 18 साल बाद खुशी के पल: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी के आगे फसल की कटाई शुरू
ये भी पढ़ें- आपदा में उगाही: रसोई गैस सिलेंडर के वितरण में उपभोक्ताओं से छल, जानिए क्या बोले जिम्मेदार