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लिंचिंग मामला: डीएसपी अयूब पंडित की हत्या के 17 आरोपियों को जमानत, 2017 में जामिया मस्जिद के बाहर हुई थी घटना
Thu, 08 Sep 2022 04:07 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: विमल शर्मा
Updated Thu, 08 Sep 2022 04:07 AM IST
सार
एनआईए अदालत के लिए विशेष जज नियुक्त अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमएस मन्हास ने 81 पेज के आदेश में कहा कि आरोपियों के खिलाफ अभी तक पुख्ता सुबूत नहीं मिले हैं।
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- फोटो : istock
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विस्तार
श्रीनगर में नौहट्टा स्थित जामिया मस्जिद के बाहर ड्यूटी पर तैनात डीएसपी की लिंचिंग से हत्या मामले में 17 आरोपियों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने बुधवार जमानत दे दी। शब-ए-कद्र पर 22 जून 2017 को डीएसपी मोहम्मद अयूब पंडित की भीड़ ने हत्या कर दी थी।
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पुलिस ने इस मामले में 20 लोगों को चार्जशीट किया था, जिनका ट्रायल चल रहा है। आरपीसी (रनबीर पेनल कोड) की धारा 302, 148, 149, 392, 341 और यूएपीए की धारा 13 के तहत दर्ज मामले में बुधवार को सुनवाई की गई।
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एनआईए अदालत के लिए विशेष जज नियुक्त अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमएस मन्हास ने 81 पेज के आदेश में कहा कि आरोपियों के खिलाफ अभी तक पुख्ता सुबूत नहीं मिले हैं। आरोपपत्र में जो भी चार्ज लगाए गए हैं, अभियोजन पक्ष की ओर से उन आरोपों को साबित करने के लिए न तो आधार नजर आया है।
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ना ही अदालत को यह प्रतीत हो रहा है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया है। अब तक का ट्रायल चूंकि आरोपियों के खिलाफ ठोस सुबूत साबित करने में नाकाम रहा है, ऐसे में 17 आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया जाता है।
कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी को दो लाख रुपये की मुचलका राशि भरने समेत हर सुनवाई पर कोर्ट में पेश होने, प्रत्यक्ष या परोक्ष किसी भी रूप में जांच, सुबूतों को प्रभावित करने का प्रयास न करने और बिना अनुमति के कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर न जाने का आदेश दिया।