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Jammu News: ग्रामीणों की समस्याएं सुनने नहीं पहुंचे सिंचाई, बागवानी, पशुपालन विभाग
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बैक टू विलेज कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में राह ताकते रहे ग्रामीण
कहा- ग्रामीणों की समस्या ग्रामीणों के विभाग नहीं सुनेंगे तो हल कैसे होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। ग्रामीणों की परेशानी का उनके दरवाजे पर निवारण करने के लिए चल रहे सरकार के बैक टू विलेज कार्यक्रम में मुख्य विभागों के अधिकारियों ने पहुंचना जारी है। मंगलवार को भी छंब विधानसभा सभा क्षेत्र की पंचायत मट्टू में कार्यक्रम के चौथे चरण की समीक्षा बैठक हुई। इसमें ग्रामीणों की समस्याएं दूर करने वाले सिंचाई, राजस्व, बागवानी, पशुपालन जैसे प्रमुख विभाग के अधिकारी नहीं आए। इस कारण ग्रामीणों को निराशा हुई।
मंगलवार को मट्टू पंचायत में हुई समीक्षा बैठक में केसी रैना विजिटिंग अधिकारी थे। मौके पर पंचायत के सरपंच स्वर्ण सिंह मन्हास, नायब सरपंच कुलबीर सिंह, सभी वार्ड के पंच और स्थानीय लोग पहुंचे। ये सभी लोग अपने इलाकों की समस्याएं अधिकारियों को बताने के लिए पहुंचे थे। लेकिन, बैठक में केवल चार विभागों के ही अधिकारी आए, जिनमें कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग तथा जल शक्ति विभाग के अधिकारी शामिल रहे।
इस दौरान पंचायत के पंच गणेश दास ने कहा कि अगर सभी विभागों के लोग नहीं पहुंचेंगे तो विकास कार्यों की समीक्षा कैसे होगी? उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग कृषक हैं। इनका संबंध खेतीबाड़ी से है। इस बैठक में खेतीबाड़ी से संबंधित कृषि विभाग के अलावा सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग, बागवानी विभाग, सेरीकल्चर, पशुपालन, समाज कल्याण, वन विभाग, आदि नहीं पहुंचे। इन विभागों से संबंधित समस्याओं का समाधान कौन करेगा?
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सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक हर महीने के पहले सोमवार को होती है। जो अधिकारी बैक टू विलेज कार्यक्रम की समीक्षा बैठकों में नहीं पहुंच रहे हैं, उन पर मासिक बैठक में चर्चा कर कार्रवाई की जाएगी।
- तरसेम लाल, बीडीओ, खौड़
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कहा- ग्रामीणों की समस्या ग्रामीणों के विभाग नहीं सुनेंगे तो हल कैसे होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। ग्रामीणों की परेशानी का उनके दरवाजे पर निवारण करने के लिए चल रहे सरकार के बैक टू विलेज कार्यक्रम में मुख्य विभागों के अधिकारियों ने पहुंचना जारी है। मंगलवार को भी छंब विधानसभा सभा क्षेत्र की पंचायत मट्टू में कार्यक्रम के चौथे चरण की समीक्षा बैठक हुई। इसमें ग्रामीणों की समस्याएं दूर करने वाले सिंचाई, राजस्व, बागवानी, पशुपालन जैसे प्रमुख विभाग के अधिकारी नहीं आए। इस कारण ग्रामीणों को निराशा हुई।
मंगलवार को मट्टू पंचायत में हुई समीक्षा बैठक में केसी रैना विजिटिंग अधिकारी थे। मौके पर पंचायत के सरपंच स्वर्ण सिंह मन्हास, नायब सरपंच कुलबीर सिंह, सभी वार्ड के पंच और स्थानीय लोग पहुंचे। ये सभी लोग अपने इलाकों की समस्याएं अधिकारियों को बताने के लिए पहुंचे थे। लेकिन, बैठक में केवल चार विभागों के ही अधिकारी आए, जिनमें कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग तथा जल शक्ति विभाग के अधिकारी शामिल रहे।
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इस दौरान पंचायत के पंच गणेश दास ने कहा कि अगर सभी विभागों के लोग नहीं पहुंचेंगे तो विकास कार्यों की समीक्षा कैसे होगी? उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग कृषक हैं। इनका संबंध खेतीबाड़ी से है। इस बैठक में खेतीबाड़ी से संबंधित कृषि विभाग के अलावा सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग, बागवानी विभाग, सेरीकल्चर, पशुपालन, समाज कल्याण, वन विभाग, आदि नहीं पहुंचे। इन विभागों से संबंधित समस्याओं का समाधान कौन करेगा?
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सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक हर महीने के पहले सोमवार को होती है। जो अधिकारी बैक टू विलेज कार्यक्रम की समीक्षा बैठकों में नहीं पहुंच रहे हैं, उन पर मासिक बैठक में चर्चा कर कार्रवाई की जाएगी।
- तरसेम लाल, बीडीओ, खौड़