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भारत-पाक सीमा पर बाबा चमलियाल मेला आज
ब्यूरो, अमर उजाला/सांबा
Updated Thu, 23 Jun 2016 12:17 AM IST
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बाबा चामलियाल की दरगाह पर वीरवार को मेले का आयोजन
- फोटो : File Photo
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जिले के रामगढ़ क्षेत्र की भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बाबा चामलियाल की दरगाह पर वीरवार को मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में भारत-पाक जीरो लाईन पर एक सम्मेलन का आयोजन किया जाता है।
जिसमें भारतीय जिला प्रशासन एवं सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ पाकिस्तान प्रशासन एवं रेंजर अधिकारी भी आयोजन में शिरकत करते हैं। मेले के जरिए दोनों देशों की दूरियां कुछ पल के लिए मिट जाती हैं। दोनों देशों के सुरक्षा बल अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी आपस में उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं।
सनद रहे कि भारत-पाक सीमा की जीरो लाईन पर ऐतिहासिक बाबा चामलियाल मेला शांति का प्रतीक है, इसका आयोजन आजादी से पहले होता आ रहा है। आजादी से पहले पाक श्रद्धालु बाबा की मजार पर आकर चादर चढ़ाया करते थे। लेकिन बंटवारे के बाद रेंजर अधिकारी ही बाबा को चादर चढ़ाते हैं।
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बाबा चामलियाल मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। पाकिस्तान के सैदाबाली गांव में भी बाबा की मजार है, वहां पर एक सप्ताह तक मेला चलता है।
मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मेले की महत्वता देखते हुए जिला प्रशासन ने भी कमर कस ली है। डीसी सांबा व मेला अधिकारी मेले पर कड़ी नजर बनाए रखे हुए हैं, ट्रैफिक, ट्रांसपोर्ट, पीएचई, पीडब्लूडी आदि सरकारी महकमों ने श्राद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा ले लिया है। बाबा चमलियाल दरगाह को विषेश तौर पर सजाया गया है। जिसपर जिला प्रशासन ने कड़ी नजर बनाए रखी है
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जिसमें भारतीय जिला प्रशासन एवं सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ पाकिस्तान प्रशासन एवं रेंजर अधिकारी भी आयोजन में शिरकत करते हैं। मेले के जरिए दोनों देशों की दूरियां कुछ पल के लिए मिट जाती हैं। दोनों देशों के सुरक्षा बल अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी आपस में उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं।
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सनद रहे कि भारत-पाक सीमा की जीरो लाईन पर ऐतिहासिक बाबा चामलियाल मेला शांति का प्रतीक है, इसका आयोजन आजादी से पहले होता आ रहा है। आजादी से पहले पाक श्रद्धालु बाबा की मजार पर आकर चादर चढ़ाया करते थे। लेकिन बंटवारे के बाद रेंजर अधिकारी ही बाबा को चादर चढ़ाते हैं।
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बाबा चामलियाल मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। पाकिस्तान के सैदाबाली गांव में भी बाबा की मजार है, वहां पर एक सप्ताह तक मेला चलता है।
मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मेले की महत्वता देखते हुए जिला प्रशासन ने भी कमर कस ली है। डीसी सांबा व मेला अधिकारी मेले पर कड़ी नजर बनाए रखे हुए हैं, ट्रैफिक, ट्रांसपोर्ट, पीएचई, पीडब्लूडी आदि सरकारी महकमों ने श्राद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा ले लिया है। बाबा चमलियाल दरगाह को विषेश तौर पर सजाया गया है। जिसपर जिला प्रशासन ने कड़ी नजर बनाए रखी है