इसी जेल से छोड़ा गया था 'कांधार कांड' का आरोपी अजहर मसूद
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जम्मू के जिस जेल में अलगाववादी नेता मसर्रत आलम को शिफ्ट किया गया है, उसी जेल में कई बड़े आतंकी लंबे समय तक रहे हैं।
रियासत की दो सेंट्रल जेल में से एक कोट भलवाल जेल में पाकिस्तान के आतंकी मौलाना अजहर महमूद, अहमद उमर सईद शेख और मुश्ताक जरगर को कैद रखा गया था, जिन्हें 31 दिसंबर 1999 को कंधार कांड में इंडियन एयरलाइंस विमान के 150 यात्रियों की रिहाई के लिए छोड़ा गया था।
आतंकवाद के दौर में सेंट्रल जेल जम्मू और श्रीनगर में मुख्य रूप से आतंकी गतिविधियों में शामिल हरकत-उल-अंसर, हरकत-ए-जिहाद-ए-इस्लामी, जैश-ए-मोहम्मद, अल बदर मुजाहिदीन और लश्कर के आतंकियों को रखा गया।
इस जेल में कुछ घटनाओें के बाद तत्कालीन जेल सुपरिंटेंडेंट मिर्जा सलीम बेग ने पाकिस्तानी कैदियों को अलग बैरक में रखने की व्यवस्था की थी, ताकि अन्य कैदियों के साथ उनका विवाद न हो।
साथी कैदी ने किया था उस पर हमला
इसी जेल में पाकिस्तानी आतंकी सनाउल्लाह खान को रखा गया था, जिसे साथी कैदी ने हमला कर जख्मी कर दिया था। बाद में चंडीगढ़ में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। 1994 में गिरफ्तार हुए पाकिस्तानी मुजाहिदीन नेता और जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक अजहर मसूद को भी इसी जेल में रखा गया था।
1995 में श्रीनगर में कुछ विदेशी पर्यटकों का अपहरण कर मसूद की रिहाई की मांग की गई थी। एक पर्यटक चुंगल से भाग निकला था, जबकि शेष मार दिए गए थे। दिसंबर 1999 में आतंकियोें ने इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट 814 का अपहरण कर लिया था और उसे अफगानिस्तान के कंधार एयरपोर्ट पर ले गए थे।
जो उस समय तालिबान के नियंत्रण में था। उसके बाद वर्तमान एडीजीपी (हेड क्वार्टर) एसपी वैद मसूद को कोट भलवाल जेल से निकाल कर आतंकियों को सौंपने गए थे।