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नशीली दवाओं के खिलाफ युवाओं को दिया जाए परामर्श
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सांबा। जिले के सरकारी डिग्री कॉलेज रामगढ़ ने एड्स कंट्रोल सोसाइटी के सहयोग से ‘इंटरनेशनल ड्रग एब्यूज एंड इलिसिट ट्रैफिकिंग दिवस’ मनाया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के पोस्टर मेकिंग और स्लोगन लेखन आनलाइन प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। अब तक की प्रविष्टियां पंजाब, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली से प्राप्त हुईं। पेंटिंग प्रतियोगिता के परिणाम शनिवार को घोषित किए जाएंगे।
शुक्रवार को सरकारी डिग्री कालेज रामगढ़ के फेसबुक पेज पर सुबह 10 बजे ‘बेहतर ज्ञान के लिए बेहतर देखभाल’ विषय पर वेबिनार शुरू हुआ। प्रथम वक्ता एसएसपी शक्ति पाठक रहे। उन्होंने संबंधित मुद्दों पर जागरूक किया और इस तथ्य पर जोर दिया कि युवाओं को नशीली दवाओं के उपयोग के खिलाफ नियमित रूप से परामर्श दिया जाना चाहिए। डॉ. वरुण शर्मा, सहायक प्रोफेसर दर्शन शास्त्र गवर्नमेंट पीजी कॉलेज फॉर वूमेन गांधी नगर जम्मू ने समाज पर दवाओं के बुरे प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. नारायण मेंगी सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता सामाजिक कार्यकर्ता ने हर साल इस दिन को मनाने के तथ्यों और इतिहास पर प्रकाश डाला। अक्षिता अबरोल रिसर्च स्कॉलर जम्मू विश्वविद्यालय ने ड्रग्स लेने की बुरी आदत रखने वाले युवाओं के साथ अध्ययन और बातचीत करने का पहला अनुभव बताया।
डॉ. मेरू अबरोल प्रिंसिपल जीडीसी रामगढ़ और मुश्ताक अहमद राथर, परियोजना निदेशक जेकेएसीएस की देखरेख में लाइन गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम का सह-संचालन डॉ. संदीप कुमार सहायक प्रोफेसर सांख्यिकी और प्रो. ऋषा कुमारी सहायक प्रोफेसर पंजाबी, राजेश शर्मा सहायक निदेशक (युवा मामले) जेकेएसीएस के सहयोग से किया गया। डॉ. मेरु अबरोल ने ऑनलाइन कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ड्रग्स के दुष्प्रभावों के बारे में युवाओं को शिक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पुनर्वास केंद्र खोले जाएं। डॉ. मुश्ताक अहमद राथर ने नशाखोरी के खतरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उस तरीके पर जोर दिया, जिसमें ड्रग्स मस्तिष्क के काम करने में बाधा डालते हैं जिससे मानव जीवन बर्बाद हो जाता है।
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पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय नशा विरोध दिवस पर किया कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। पुलिस ने पुलिस मुख्यालय में और जिले में सांबा पुलिस की सभी अधीनस्थ इकाइयों में ‘ड्रग एब्यूज एंड इलिसिट ट्रैफिकिंग’ के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को दवाओं के विनाशकारी प्रभावों के बारे में जागरूक करना और उन्हें नशाखोरी के खतरे से बचाना रहा। एसएसपी शक्ति पाठक ने वीडियो संदेश में बच्चों के माता-पिता को सलाह दी कि वे अपने वार्ड में होने वाली समस्याओं पर ध्यान दें और बच्चों पर कोई मनोवैज्ञानिक दबाव न डालें जो उन्हें ड्रग के खतरे की ओर आकर्षित कर सकते हैं।
एसएसपी ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से अवगत कराया गया। इसके अलावा, सांबा पुलिस ने आम जनता को बाहर करने के अपने प्रयास में भी जागरूकता के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को अपनाया है और इसके लिए नशीली दवाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और नशे को दूर करने के तरीकों पर मूल्यवान पोस्ट साझा करके स्वयं 20 जून से नशीली दवाओं के बारे में जागरूकता अभियान चलाया है। इसके अलावा, पुलिस स्टेशन स्तर पर नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर बैनर, प्लेकार्ड को प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित किया गया, ताकि युवाओं और साथ ही समाज को नशीली दवाओं के बुरे परिणामों के बारे में जागरूक किया जा सके।
फोटो
नशे का धंधा सामाजिक महामारी
अखनूर। रेड रिबन क्लब और जीडीसी अखनूर ने ड्रग एब्यूज और इलिसिट ट्रैफिकिंग के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस पर एक दिवस वेबिनार का आयोजन बेहतर देखभाल के लिए बेहतर ज्ञान विषय के साथ किया। कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों सहित लगभग 50 प्रतिभागियों ने बीबक्स ऑनलाइन मंच से सक्रिय रूप से भाग लिया।
प्राचार्य डॉ. नम्रता ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से समाज में ड्रग एब्यूज और इलिसिट ट्रैफिकिंग के खिलाफ जागरूकता पैदा होती है। एसडीपीओ अजय शर्मा विषेश रूप से मौजूद थे। जिन्होंने प्रतिभागियों को दवाओं, प्रकारों और समाज पर इसके प्रभाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अवैध धंधा सामाजिक महामारी है, जिसे युवा आमतौर पर करते हैं और इसे पूरी जांच में रखा जाना चाहिए। इससे पहले कार्यक्रम के आयोजन सचिव प्रोफेसर योगेश शर्मा द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पवन शर्मा ने किया। आयोजन से जुड़े अन्य सदस्य प्रो. तरसेम लाल, प्रो. इंडीवर चन्याल, डॉ. अनिल कुमार और निशा शर्मा थे। कॉलेज के रेड रिबन क्लब के संयोजक प्रो. द्वारिका नाथ के प्रयास के तहत पूरे कार्यक्रम का समन्वय किया गया। ई-सर्टिफिकेट सभी प्रतिभागियों को उनके पंजीकृत मेल आईडी से भेजा गया।
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युवा नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहें
आरएस पुरा। कस्बे में अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस के मौके पर यूथ अवेयरनेस एंड एंटी ड्रग्स फेडरेशन आफ इंडिया की तरफ से कार्यक्रम का आयोजन कर युवाओं को नशा जैसी बुरी आदतों से बचाए जाने के बारे में जागरूक किया गया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए संस्था के संस्थापक रोमेश मांडी और निदेशक नितिन महाजन ने कहा कि उनकी संस्था द्वारा हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन करती है, लेकिन इस साल लॉकडाउन के कारण छोटे स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन कर युवाओं से अपील की गई कि वह नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहें और देश निर्माण में योगदान दें। उन्होंने क्षेत्र में नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि नशे को रोकने के लिए समाज के हर एक वर्ग को आगे आने की जरूरत है। इस मौके पर सह निदेशक अजय भगत सहित फेडरेशन के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। संवाद
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शुक्रवार को सरकारी डिग्री कालेज रामगढ़ के फेसबुक पेज पर सुबह 10 बजे ‘बेहतर ज्ञान के लिए बेहतर देखभाल’ विषय पर वेबिनार शुरू हुआ। प्रथम वक्ता एसएसपी शक्ति पाठक रहे। उन्होंने संबंधित मुद्दों पर जागरूक किया और इस तथ्य पर जोर दिया कि युवाओं को नशीली दवाओं के उपयोग के खिलाफ नियमित रूप से परामर्श दिया जाना चाहिए। डॉ. वरुण शर्मा, सहायक प्रोफेसर दर्शन शास्त्र गवर्नमेंट पीजी कॉलेज फॉर वूमेन गांधी नगर जम्मू ने समाज पर दवाओं के बुरे प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. नारायण मेंगी सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता सामाजिक कार्यकर्ता ने हर साल इस दिन को मनाने के तथ्यों और इतिहास पर प्रकाश डाला। अक्षिता अबरोल रिसर्च स्कॉलर जम्मू विश्वविद्यालय ने ड्रग्स लेने की बुरी आदत रखने वाले युवाओं के साथ अध्ययन और बातचीत करने का पहला अनुभव बताया।
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डॉ. मेरू अबरोल प्रिंसिपल जीडीसी रामगढ़ और मुश्ताक अहमद राथर, परियोजना निदेशक जेकेएसीएस की देखरेख में लाइन गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम का सह-संचालन डॉ. संदीप कुमार सहायक प्रोफेसर सांख्यिकी और प्रो. ऋषा कुमारी सहायक प्रोफेसर पंजाबी, राजेश शर्मा सहायक निदेशक (युवा मामले) जेकेएसीएस के सहयोग से किया गया। डॉ. मेरु अबरोल ने ऑनलाइन कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ड्रग्स के दुष्प्रभावों के बारे में युवाओं को शिक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पुनर्वास केंद्र खोले जाएं। डॉ. मुश्ताक अहमद राथर ने नशाखोरी के खतरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उस तरीके पर जोर दिया, जिसमें ड्रग्स मस्तिष्क के काम करने में बाधा डालते हैं जिससे मानव जीवन बर्बाद हो जाता है।
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पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय नशा विरोध दिवस पर किया कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। पुलिस ने पुलिस मुख्यालय में और जिले में सांबा पुलिस की सभी अधीनस्थ इकाइयों में ‘ड्रग एब्यूज एंड इलिसिट ट्रैफिकिंग’ के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को दवाओं के विनाशकारी प्रभावों के बारे में जागरूक करना और उन्हें नशाखोरी के खतरे से बचाना रहा। एसएसपी शक्ति पाठक ने वीडियो संदेश में बच्चों के माता-पिता को सलाह दी कि वे अपने वार्ड में होने वाली समस्याओं पर ध्यान दें और बच्चों पर कोई मनोवैज्ञानिक दबाव न डालें जो उन्हें ड्रग के खतरे की ओर आकर्षित कर सकते हैं।
एसएसपी ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से अवगत कराया गया। इसके अलावा, सांबा पुलिस ने आम जनता को बाहर करने के अपने प्रयास में भी जागरूकता के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को अपनाया है और इसके लिए नशीली दवाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और नशे को दूर करने के तरीकों पर मूल्यवान पोस्ट साझा करके स्वयं 20 जून से नशीली दवाओं के बारे में जागरूकता अभियान चलाया है। इसके अलावा, पुलिस स्टेशन स्तर पर नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर बैनर, प्लेकार्ड को प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित किया गया, ताकि युवाओं और साथ ही समाज को नशीली दवाओं के बुरे परिणामों के बारे में जागरूक किया जा सके।
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नशे का धंधा सामाजिक महामारी
अखनूर। रेड रिबन क्लब और जीडीसी अखनूर ने ड्रग एब्यूज और इलिसिट ट्रैफिकिंग के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस पर एक दिवस वेबिनार का आयोजन बेहतर देखभाल के लिए बेहतर ज्ञान विषय के साथ किया। कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों सहित लगभग 50 प्रतिभागियों ने बीबक्स ऑनलाइन मंच से सक्रिय रूप से भाग लिया।
प्राचार्य डॉ. नम्रता ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से समाज में ड्रग एब्यूज और इलिसिट ट्रैफिकिंग के खिलाफ जागरूकता पैदा होती है। एसडीपीओ अजय शर्मा विषेश रूप से मौजूद थे। जिन्होंने प्रतिभागियों को दवाओं, प्रकारों और समाज पर इसके प्रभाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अवैध धंधा सामाजिक महामारी है, जिसे युवा आमतौर पर करते हैं और इसे पूरी जांच में रखा जाना चाहिए। इससे पहले कार्यक्रम के आयोजन सचिव प्रोफेसर योगेश शर्मा द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पवन शर्मा ने किया। आयोजन से जुड़े अन्य सदस्य प्रो. तरसेम लाल, प्रो. इंडीवर चन्याल, डॉ. अनिल कुमार और निशा शर्मा थे। कॉलेज के रेड रिबन क्लब के संयोजक प्रो. द्वारिका नाथ के प्रयास के तहत पूरे कार्यक्रम का समन्वय किया गया। ई-सर्टिफिकेट सभी प्रतिभागियों को उनके पंजीकृत मेल आईडी से भेजा गया।
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युवा नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहें
आरएस पुरा। कस्बे में अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस के मौके पर यूथ अवेयरनेस एंड एंटी ड्रग्स फेडरेशन आफ इंडिया की तरफ से कार्यक्रम का आयोजन कर युवाओं को नशा जैसी बुरी आदतों से बचाए जाने के बारे में जागरूक किया गया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए संस्था के संस्थापक रोमेश मांडी और निदेशक नितिन महाजन ने कहा कि उनकी संस्था द्वारा हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन करती है, लेकिन इस साल लॉकडाउन के कारण छोटे स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन कर युवाओं से अपील की गई कि वह नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहें और देश निर्माण में योगदान दें। उन्होंने क्षेत्र में नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि नशे को रोकने के लिए समाज के हर एक वर्ग को आगे आने की जरूरत है। इस मौके पर सह निदेशक अजय भगत सहित फेडरेशन के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। संवाद