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Jammu News: सूखे व गीले कचरे के पृथक्करण के लिए किया जागरूक
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प्लास्टिक अभियान में शामिल छात्र व अन्य
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन जम्मू की एनएसएस इकाई ने भारतीय प्रदूषण नियंत्रण संघ (आईपीसीए) के सहयोग से प्राचार्या प्रो. एकता गुप्ता के संरक्षण में सोमवार को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम करवाया। इसमें छात्रों व शिक्षकों ने भाग लिया। सूखे और गीले कचरे के पृथक्करण के बारे में जागरूक किया गया। आईपीसीए के साथ जीसीओई ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किया। 10 किलोग्राम प्लास्टिक अभियान के तहत 13 किलोग्राम प्लास्टिक एकत्र कर आईपीसीए को सौंपा जाता है। प्रो. एकता गुप्ता ने कहा कि कार्यक्रम का लक्ष्य मुद्दे की गंभीरता को समझना और प्लास्टिक के उपयोग को रोकना है।
आईपीसीए के क्षेत्रीय प्रबंधक रणवीर सिंह ने राष्ट्र के साथ-साथ जम्मू के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डाला। कहा कि प्लास्टिक कचरा एक बड़ी चुनौती है। प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की पहल सभी ने की है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह पर्यावरण के बारे में भी सोचे। सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि यह समझना चाहिए कि प्लास्टिक किस तीव्रता से हमारे पर्यावरण को नष्ट कर रहा है। इस मौके पर प्रो. शापिया शमीम, प्रो. सरिता डोगरा, प्रो. शालिनी राणा, प्रो. नीरज वर्मा, डॉ. सुषमा बाला, प्रो. अनुराधा चौधरी, प्रो. नीरज वर्मा, प्रो. शालिनी शर्मा मौजूद थीं।
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जम्मू। गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन जम्मू की एनएसएस इकाई ने भारतीय प्रदूषण नियंत्रण संघ (आईपीसीए) के सहयोग से प्राचार्या प्रो. एकता गुप्ता के संरक्षण में सोमवार को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम करवाया। इसमें छात्रों व शिक्षकों ने भाग लिया। सूखे और गीले कचरे के पृथक्करण के बारे में जागरूक किया गया। आईपीसीए के साथ जीसीओई ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किया। 10 किलोग्राम प्लास्टिक अभियान के तहत 13 किलोग्राम प्लास्टिक एकत्र कर आईपीसीए को सौंपा जाता है। प्रो. एकता गुप्ता ने कहा कि कार्यक्रम का लक्ष्य मुद्दे की गंभीरता को समझना और प्लास्टिक के उपयोग को रोकना है।
आईपीसीए के क्षेत्रीय प्रबंधक रणवीर सिंह ने राष्ट्र के साथ-साथ जम्मू के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डाला। कहा कि प्लास्टिक कचरा एक बड़ी चुनौती है। प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की पहल सभी ने की है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह पर्यावरण के बारे में भी सोचे। सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि यह समझना चाहिए कि प्लास्टिक किस तीव्रता से हमारे पर्यावरण को नष्ट कर रहा है। इस मौके पर प्रो. शापिया शमीम, प्रो. सरिता डोगरा, प्रो. शालिनी राणा, प्रो. नीरज वर्मा, डॉ. सुषमा बाला, प्रो. अनुराधा चौधरी, प्रो. नीरज वर्मा, प्रो. शालिनी शर्मा मौजूद थीं।
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