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Jammu News: जीएमसी राजोरी में नशे के खिलाफ जगाई अलख
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बुधवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम करवाया। इसका नेतृत्व समाजसेवी नजम मीर, जिमी सूदन, कपिल शर्मा, कमर भट्ट, अबरार चौधरी, बिट्टू मलिक, साकिब वानी और सोहेल मलिक ने अन्य लोगों के साथ मिलकर किया। मरीजों, तीमारदारों और आम जनता के बीच नशा विरोधी संदेश और जागरूकता पर्चे बांटे गए।
एसएचओ आबिद बुखारी और जीएमसी के डॉक्टरों ने प्रतिभागियों से बातचीत की। युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस या सामाजिक संगठनों पर नहीं छोड़ी जा सकती। इसके लिए माता-पिता, शिक्षकों और पूरे समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। एसएचओ ने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए कई तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। संपत्तियां जब्त की गई हैं और एनडीपीएस अधिनियम सहित कड़े प्रावधान लागू किए गए हैं। नशे की लत को रोकने के लिए एक दीर्घकालिक समाधान के रूप में युवाओं को खेल, शारीरिक गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों की ओर निर्देशित करने पर भी जोर दिया गया। यह घोषणा की गई कि युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए आने वाले दिनों में विभिन्न खेल और युवा-उन्मुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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राजोेरी। जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बुधवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम करवाया। इसका नेतृत्व समाजसेवी नजम मीर, जिमी सूदन, कपिल शर्मा, कमर भट्ट, अबरार चौधरी, बिट्टू मलिक, साकिब वानी और सोहेल मलिक ने अन्य लोगों के साथ मिलकर किया। मरीजों, तीमारदारों और आम जनता के बीच नशा विरोधी संदेश और जागरूकता पर्चे बांटे गए।
एसएचओ आबिद बुखारी और जीएमसी के डॉक्टरों ने प्रतिभागियों से बातचीत की। युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस या सामाजिक संगठनों पर नहीं छोड़ी जा सकती। इसके लिए माता-पिता, शिक्षकों और पूरे समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। एसएचओ ने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए कई तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। संपत्तियां जब्त की गई हैं और एनडीपीएस अधिनियम सहित कड़े प्रावधान लागू किए गए हैं। नशे की लत को रोकने के लिए एक दीर्घकालिक समाधान के रूप में युवाओं को खेल, शारीरिक गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों की ओर निर्देशित करने पर भी जोर दिया गया। यह घोषणा की गई कि युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए आने वाले दिनों में विभिन्न खेल और युवा-उन्मुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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