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जम्मू-कश्मीर में जब गूंजे, अंधेरे में एक चिंगारी अटल बिहारी-अटल बिहारी के नारे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 17 Aug 2018 08:19 PM IST
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी कुछ यादें जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा कस्बे से भी जुड़ी हुई हैं। चुनाव प्रचार के दौरान उनके समर्थन में अंधेरे में एक चिंगारी, अटल बिहारी-अटल बिहारी के नारे लगे। यहां के सुभाष दषगोत्रा को उन्हें स्कूटर पर बैठाकर बैठकों में ले जाने का मौका मिला। लोग उनके साथ बिताए लम्हों को याद कर रहे हैं। जिन लोगों ने उनसे मुलाकात की आज वे उन पलों को याद कर रहे हैं और उनके सादगी भरे जीवन के प्रति आभार जता रहे हैं।
मीरां साहिब के सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि वर्ष 1985 में राज्य के विधानसभा चुनाव के दौरान वाजपेयी जी ने आरएस पुरा व बिश्नाह में जनसभाओं को संबोधित किया था। इस दौरान वह कुछ पल के लिए मीरां साहिब में रुके। इस दौरान उनके साथ फोटो खिंचवाई। सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि पार्टी के आरएस पुरा विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार चौधरी चुन्नी लाल के लिए उन्होंने हनुमान चौक में सभा की। उनके भाषण में कही बातें आज भी याद हैं। कस्बे में पहुंचने पर लोगों ने अंधेरे में एक चिंगारी, अटल बिहारी-अटल बिहारी के नारे लगाए। उनका भाषण लोगों को अपनी ओर खींच लेता था और मैं भी इसीलिए उनका कायल था। प्रधानमंत्री बनने पर उनके नेतृत्व में 1998 में पोकरण में परमाणु परीक्षण करने पर दुनिया में देश का गौरव बढ़ाया। आज वह हमारे मध्य नहीं हैं लेकिन उनकी देश के प्रति भावनाएं सदा अमर रहेगी।
म्यूनिसिपल कमेटी के पूर्व चेयरमैन विश्वामित्र गुप्ता ने कहा कि संघ का कार्यकर्ता होने पर जब कभी भी अटल जी जम्मू आते तो उनसे मिलने का मौका मिलता। उनका सादगी भरा जीवन और अपने साथियों की पहचान बहुत अच्छी थी। वर्ष 1969 व 1998 में वह पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने आए थे। आरएस पुरा में सभा संपन्न कर बिश्नाह में सभा के लिए उनके साथ जाने का मौका मिला। कोई गंभीर विषय होने पर भी वह अपनी वाणी से इसके समाधान के लिए ऐसा कहते थे कि जैसे कुछ हुआ ही नहीं।
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भाजपा के पितामह के तौर पर उन्होंने पार्टी के नेताओं को दिए मूलमंत्र के चलते आज देश के 20 राज्यों में भाजपा की सरकार के साथ केंद्र में सरकार है, जिस पर भाजपा के हर एक कार्यकर्ता को गर्व है कि वह उस पार्टी के कार्यकर्ता हैं जिसके नेता अटल विहारी वाजपेयी रहे।
भारतीय किसान संघ के पूर्व महासचिव सुभाष दषगोत्रा ने कहा कि अटल जी जमीन से जुडे़ नेता थे। चाहे जम्मू कश्मीर की बात हो, चाहे किसी और राज्य की बात हो। उन्होंने कहा था कि कमल खिलेगा और देश में कमल खिला है। जम्मू में अटल जी को अपने स्कूटर पर बिठाने का मौका मिला और अक्सर जम्मू में पार्टी की बैठकों में उनके विचार सुनने का मौका मिलता रहा। इन बैठकों में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. चमन लाल गुप्ता, हंसराज डोगरा, बनारसी लाल जैसे नेता भी शामिल होते थे।
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मीरां साहिब के सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि वर्ष 1985 में राज्य के विधानसभा चुनाव के दौरान वाजपेयी जी ने आरएस पुरा व बिश्नाह में जनसभाओं को संबोधित किया था। इस दौरान वह कुछ पल के लिए मीरां साहिब में रुके। इस दौरान उनके साथ फोटो खिंचवाई। सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि पार्टी के आरएस पुरा विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार चौधरी चुन्नी लाल के लिए उन्होंने हनुमान चौक में सभा की। उनके भाषण में कही बातें आज भी याद हैं। कस्बे में पहुंचने पर लोगों ने अंधेरे में एक चिंगारी, अटल बिहारी-अटल बिहारी के नारे लगाए। उनका भाषण लोगों को अपनी ओर खींच लेता था और मैं भी इसीलिए उनका कायल था। प्रधानमंत्री बनने पर उनके नेतृत्व में 1998 में पोकरण में परमाणु परीक्षण करने पर दुनिया में देश का गौरव बढ़ाया। आज वह हमारे मध्य नहीं हैं लेकिन उनकी देश के प्रति भावनाएं सदा अमर रहेगी।
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म्यूनिसिपल कमेटी के पूर्व चेयरमैन विश्वामित्र गुप्ता ने कहा कि संघ का कार्यकर्ता होने पर जब कभी भी अटल जी जम्मू आते तो उनसे मिलने का मौका मिलता। उनका सादगी भरा जीवन और अपने साथियों की पहचान बहुत अच्छी थी। वर्ष 1969 व 1998 में वह पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने आए थे। आरएस पुरा में सभा संपन्न कर बिश्नाह में सभा के लिए उनके साथ जाने का मौका मिला। कोई गंभीर विषय होने पर भी वह अपनी वाणी से इसके समाधान के लिए ऐसा कहते थे कि जैसे कुछ हुआ ही नहीं।
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भाजपा के पितामह के तौर पर उन्होंने पार्टी के नेताओं को दिए मूलमंत्र के चलते आज देश के 20 राज्यों में भाजपा की सरकार के साथ केंद्र में सरकार है, जिस पर भाजपा के हर एक कार्यकर्ता को गर्व है कि वह उस पार्टी के कार्यकर्ता हैं जिसके नेता अटल विहारी वाजपेयी रहे।
भारतीय किसान संघ के पूर्व महासचिव सुभाष दषगोत्रा ने कहा कि अटल जी जमीन से जुडे़ नेता थे। चाहे जम्मू कश्मीर की बात हो, चाहे किसी और राज्य की बात हो। उन्होंने कहा था कि कमल खिलेगा और देश में कमल खिला है। जम्मू में अटल जी को अपने स्कूटर पर बिठाने का मौका मिला और अक्सर जम्मू में पार्टी की बैठकों में उनके विचार सुनने का मौका मिलता रहा। इन बैठकों में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. चमन लाल गुप्ता, हंसराज डोगरा, बनारसी लाल जैसे नेता भी शामिल होते थे।