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Jammu News: पत्नी का मोबाइल रिचार्ज कराने गया था राकेश, रास्ते में हमला हो गया
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अरनिया। आरएस पुरा के भलेसर गांव में हुए हत्याकांड से लोगों में दहशत का माहौल है। राकेश के घर में मातम छाया हुआ है। पत्नी और बेटी का रो-रो कर बुरा हाल है। वारदात के समय राकेश पत्नी के मोबाइल को रिचार्ज करने गया था। जाते समय कहा था कि चाय बनाकर रखों, मैं तुरंत रिचार्ज करवाकर आता हूं।
जानकारी के अनुसार हमले में राकेश कुमार की मौत ज्यादा खून बहने से हुई है। मृतक का शव जीएमसी जम्मू मोर्चरी में शिफ्ट किया गया है। रविवार को पोस्टमार्टम करने के बाद शव घर वालों को सौंप दिया जाएगा। राकेश की मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीण जीएमसी जम्मू पहुंच गए। वहां पर औपचारिकता पूरी की गई और उसके बाद लोग राकेश की पत्नी को घर ले आए।
जानकारी के अनुसार राकेश कुमार 10 साल पहले पेशे से ड्राइवर था। उसकी पत्नी सविता देवी शिक्षक हैं। सविता पहले अस्थायी तौर पर शिक्षक थी। जब वह स्थाई हो गई तो राकेश कुमार ने ड्राइवरी छोड़कर घर का ही कामकाज शुरू कर दिया था। घर के अंदर ही 3 साल तक उसने करियाना की दुकान की। मौजूदा समय में जानवरों की देखभाल कर रहा था।
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राकेश कुमार के माता-पिता का बरसों पहले देहांत हो चुका है। उसके दो भाई उत्तर प्रदेश में रहते हैं। राकेश भी पहले उत्तर प्रदेश में ही रहता था। पिछले 15 साल से गांव भलेसर में रह रहा था। राकेश मूल रूप से भलेसर गांव का रहने वाला है। ग्रामीणों के अनुसार राकेश कुमार काफी मिलनसार व्यक्ति था। वह सिर्फ अपने काम से मतलब रखता था। उसकी पत्नी शिक्षक के अलावा गांव की बीएलओ भी है। लोगों के कार्य वह प्राथमिकता से करती है। राकेश की मौत की खबर सुनते ही पूरे गांव में मातम छा गया है। उसके घर पर उसकी बेटी और पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है।
पत्नी सविता के अनुसार मोबाइल का रिचार्ज खत्म हो गया था। 31 मार्च तक स्कूल के काम का डाटा पूरा करने के लिए उन्होंने राकेश को रिचार्ज करवाने के लिए भेजा था। राकेश ने जाते हुए कहा कि आप चाय बनाओ मैं तुरंत रिचार्ज करवा कर आता हूं। उसके बाद गांव में किसी ने बताया कि राकेश का एक्सीडेंट हो गया है। पत्नी वहां पहुंची तो देखा कि पति गंभीर रूप से घायल सड़क किनारे पड़े हुए हैं। आने जाने वाले राहगीर भी हालत देखकर काफी डर गए थे। उसके बाद पुलिस को सूचित करने के बाद राकेश कुमार को जीएमसी जम्मू पहुंचाया गया।
सूत्रों के अनुसार राकेश ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। राकेश का एक बेटा और बेटी है। बेटी स्नातक की पढ़ाई कर रही है। बेटा एक साल पहले विदेश चला गया है। मृतक राकेश कुमार के घर देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहा। पूरे गांव के लोग पत्नी और बेटी को ढांढस बंधाने में लगे हुए थे।
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जानकारी के अनुसार हमले में राकेश कुमार की मौत ज्यादा खून बहने से हुई है। मृतक का शव जीएमसी जम्मू मोर्चरी में शिफ्ट किया गया है। रविवार को पोस्टमार्टम करने के बाद शव घर वालों को सौंप दिया जाएगा। राकेश की मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीण जीएमसी जम्मू पहुंच गए। वहां पर औपचारिकता पूरी की गई और उसके बाद लोग राकेश की पत्नी को घर ले आए।
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जानकारी के अनुसार राकेश कुमार 10 साल पहले पेशे से ड्राइवर था। उसकी पत्नी सविता देवी शिक्षक हैं। सविता पहले अस्थायी तौर पर शिक्षक थी। जब वह स्थाई हो गई तो राकेश कुमार ने ड्राइवरी छोड़कर घर का ही कामकाज शुरू कर दिया था। घर के अंदर ही 3 साल तक उसने करियाना की दुकान की। मौजूदा समय में जानवरों की देखभाल कर रहा था।
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राकेश कुमार के माता-पिता का बरसों पहले देहांत हो चुका है। उसके दो भाई उत्तर प्रदेश में रहते हैं। राकेश भी पहले उत्तर प्रदेश में ही रहता था। पिछले 15 साल से गांव भलेसर में रह रहा था। राकेश मूल रूप से भलेसर गांव का रहने वाला है। ग्रामीणों के अनुसार राकेश कुमार काफी मिलनसार व्यक्ति था। वह सिर्फ अपने काम से मतलब रखता था। उसकी पत्नी शिक्षक के अलावा गांव की बीएलओ भी है। लोगों के कार्य वह प्राथमिकता से करती है। राकेश की मौत की खबर सुनते ही पूरे गांव में मातम छा गया है। उसके घर पर उसकी बेटी और पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है।
पत्नी सविता के अनुसार मोबाइल का रिचार्ज खत्म हो गया था। 31 मार्च तक स्कूल के काम का डाटा पूरा करने के लिए उन्होंने राकेश को रिचार्ज करवाने के लिए भेजा था। राकेश ने जाते हुए कहा कि आप चाय बनाओ मैं तुरंत रिचार्ज करवा कर आता हूं। उसके बाद गांव में किसी ने बताया कि राकेश का एक्सीडेंट हो गया है। पत्नी वहां पहुंची तो देखा कि पति गंभीर रूप से घायल सड़क किनारे पड़े हुए हैं। आने जाने वाले राहगीर भी हालत देखकर काफी डर गए थे। उसके बाद पुलिस को सूचित करने के बाद राकेश कुमार को जीएमसी जम्मू पहुंचाया गया।
सूत्रों के अनुसार राकेश ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। राकेश का एक बेटा और बेटी है। बेटी स्नातक की पढ़ाई कर रही है। बेटा एक साल पहले विदेश चला गया है। मृतक राकेश कुमार के घर देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहा। पूरे गांव के लोग पत्नी और बेटी को ढांढस बंधाने में लगे हुए थे।