ऑपरेशन KTC: टॉप कमांडरों के खात्मे में जुटी सेना, जुनैद और सब्जार के अंत से हुई शुरूआत
कश्मीर के कुलगाम में लश्कर के मोस्ट वांटेड कमांडर जुनैद मट्टू के अंत के बाद सुरक्षाबलों के हौसले बुलंद है। आतंकियों की नापाक साजिश और कश्मीर में एलओसी पार से हो रही आतंकी घुसपैठ के बीच सुरक्षाबलों की बदली रणनीति का असर अब घाटी में आतंक के अंत के साथ दिखने लगा है।
आतंक के खिलाफ सेना की बदली रणनीति के तहत अब उन इलाकों में पूरी सक्रियता दिखाने की है जिनमें आतंकियों ने अपने गढ़ बनाने की साजिश रची थी। सेना की बदली रणनीति का ही एक हिस्सा है ऑपरेशन केटीसी। सेना के ऑपरेशन केटीसी का पूरा नाम ऑपरेशन किल टॉप कमांडर है जिसे कि भारतीय सेना के द्वारा आतंकियों के आकाओं के अंत के लिए कश्मीर में शुरू किया गया है।
इस ऑपरेशन की शुरूआत उस वक्त हुई है जब कि कश्मीर में आतंकियों के तमाम वीडियो को वायरल कराकर आतंकी संगठन द्वारा घाटी में अपनी मौजूदगी साबित करने की कोशिश की जा रही थी। इसे पूरी गंभीरता से लेते हुए सेना और केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा कश्मीर में आतंक के अंत के लिए एक दोहरी रणनीति की शुरूआत की गई।
जिलों से लेकर एलओसी तक बरती जा रही है पूरी सतर्कता
कश्मीर में आतंकियों के अंत की इस रणनीति के तहत सेना द्वारा पिछले दिनों कई इलाकों में कासो यानि की कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। इसके साथ ही कश्मीर में आतंकियों की मौजूदगी के तमाम ठिकानों की तलाश शुरू कर दी गई है। एक दशक के बाद श्रीनगर के लालचौक में भी सर्च ऑपरेशन चलाए गए हैं।
सेना के द्वारा एलओसी पर भी आतंकियों की घुसपैठ के इनपुट्स के बाद गहन सर्च अभियान चलाए गए हैं। इस अभियान की सफलता की मिसाल ये है कि एलओसी के रास्ते नौगाम, उड़ी और गुरेज सेक्टरों में घुसपैठ की कोशिशों को पूरी सतर्कता से नाकाम किया गया है।