फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   army not paying to porters kargil war

कारगिल युद्ध के असल मददगारों को भूल गई सेना

Mon, 19 Jan 2015 11:56 AM IST
Updated Mon, 19 Jan 2015 11:56 AM IST
विज्ञापन
army not paying to porters kargil war

1999 के कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाले पोर्टरों को 15 साल के हिसाब का इंतजार है। पोर्टरो ने मांग करते हुए विशेष मुआवजा या फिर सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

विज्ञापन


हालांकि पोर्टरों को उम्मीद है कि मोदी सरकार उनके लिए जरूर कुछ करेगी, क्योंकि जिस वक्त उन्होंने इस युद्ध में हिस्सा लिया, तब भी भाजपा की सरकार थी।

अब भी केंद्र सरकार में भाजपा है तो उम्मीद है कि उनकी मांगों की तरफ ध्यान दिया जाएगा। जम्मू के 200 पोर्टर ऐसे हैं, जिन्होंने युद्ध में अपना अहम योगदान दिया।
विज्ञापन


पोर्टर गारा राम, परमजीत, तिलक राज, प्रवीण कुमार ने बताया कि कारगिल युद्ध में पोर्टरों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

जब कोई नहीं था इन्होंने ही की थी मदद

army not paying to porters kargil war

हर तरफ बरसते गोलों के बीच पोर्टर ही थे जिन्होंने जवानों तक हथियार और गोला पहुंचाया। तब कोई भी जाने को तैयार नहीं था, लेकिन जम्मू के पोर्टरों ने भर्ती होकर देश भक्ति के लिए अपना जब्जा पेश किया।

तब सरकार की तरफ से आश्वासन मिला था कि पोर्टरों को सेना में भर्ती किया जाएगा, लेकिन अब 15 साल बीत जाने के बाद भी उनको कुछ नहीं मिला।

सेना की ओर से पोर्टरों को सर्टिफिकेट भी जारी किए गए हैं, ताकि जब कभी नौकरी की बात आए तो इसकी मदद से उनको प्राथमिकता मिले।

पूर्व सरकारों ने पोर्टरों की ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया। अब उन्हें मोदी सरकार से उम्मीद जगी है कि उनको कुछ मिलेगा।

पोर्टरों की मांग है कि उन्हें भी सेना का हिस्सा समझा जाए और सेना में दी जाने वाली सुविधाएं दी जाएं। पोर्टरों को 15 साल के हिसाब का इंतजार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed