फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Army deployed within 80 kilometer radius to eliminate terrorists

Jammu : आतंकियों का खात्मा करने के लिए 80 किलोमीटर के दायरे में सेना तैनात, ऊंची पहाड़ियों पर बनाई पोस्ट

Thu, 18 Jul 2024 02:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/कठुआ
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/कठुआ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 18 Jul 2024 02:14 AM IST
सार

संभाग के 48 स्थानों को चिह्निनत किया गया है जहां सेना, अर्धसैनिक बलों व पुलिस को तैनात किया गया है। 1990 में जब आतंकवाद अपने चरम पर था उसके बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि बड़े पैमाने पर सेना की तैनाती छत्रगलां से लेकर लोहाई मल्हार के बीच 80 किलोमीटर दायरे में की गई है।

विज्ञापन
Army deployed within 80 kilometer radius to eliminate terrorists
डोडा में जारी सर्च ऑपरेशन - फोटो : संवाद

विस्तार

जम्मू संभाग में लगातार बढ़ रहे आतंकी हमलों के बाद सुरक्षाबलों ने बड़े क्लीनिकल ऑपरेशन की तैयारी की है। संभाग के 48 स्थानों को चिह्निनत किया गया है जहां सेना, अर्धसैनिक बलों व पुलिस को तैनात किया गया है। 1990 में जब आतंकवाद अपने चरम पर था उसके बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि बड़े पैमाने पर सेना की तैनाती छत्रगलां से लेकर लोहाई मल्हार के बीच 80 किलोमीटर दायरे में की गई है। सूत्रों के मुताबिक आतंकियों और उनके मददगारों के सफाए के लिए सेना की अब तक लगभग छह कंपनियां कठुआ जिले में तैनात हो चुकी हैं।

विज्ञापन


कठुआ जिले के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में आतंकियों के सफाए के लिए सेना ने बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है। सामरिक दृष्टि से यह काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उधमपुर जिले से सटे चोचरू गला, बनी सब डिवीजन के ढग्गर और डुग्गन के पहाड़ी चोटियों पर सेना की स्थायी पोस्टें तैयार हो गई हैं। बुधवार को इन कंपनियों ने चोचरू गला समेत ढग्गर और डुग्गन के पहाड़ी चोटियों पर अपनी स्थायी पोस्टें तैयार कर लीं। बदनोता समेत डोडा में सुरक्षाबलों पर हो रहे हमलों में आतंकी जंगलों की ओट में छिपकर हमला कर रहे हैं। साथ ही पहाड़ी चोटियों का इस्तेमाल कर सेना पर हमले भी कर रहे हैं। इसी को देखते हुए अब सेना ने इन आतंकियों को इन्हीं जंगलों को ढूंढ़कर ढेर करने के लिए ऑपरेशन तेज किया है।
विज्ञापन


आतंकी हमले या मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों की अतिरिक्त टुकड़ियां मौके पर पहुंचने से पहले आतंकी फरार हो जाते हैं लेकिन अब उन्हें ऐसा करने का मौका नहीं मिलेगा। पहाड़ी चोटियों से सेना हर गतिविधि पर नजर रखेगी। साथ ही किसी भी इलाके में तत्काल पहुंचने और आतंकियों को ढेर करने के लिए भी सेना तैयार हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खुफिया सूत्रों की मानें तो सेना ने उन ठिकानों पर फिर से अपना डेरा जमा लिया है, जहां से 1990 के दौरान आतंकवाद के चरम पर होने के बाद आतंकवादियों का सफाया कर दिया गया था।


बनी में 1992 में हुई थी आतंकी हमले से शुरुआत
जिले के दूरदराज पहाड़ी सब डिवीजन बनी एक लंबे अर्से तक आतंकियों की पनाहगार रहा। वर्ष 1992 में आतंकियों ने सबसे पहले सरथल में पुलिस चेक पोस्ट को निशाना बनाकर अपनी मौजूदगी इस इलाके में दर्ज करवाई। इसके बाद आतंकियों की धरपकड़ के लिए सेना और स्थानीय पुलिस ने बड़े पैमाने पर ऑपरेशन शुरू कर दिया। मार्च 1995 में चिरौड़ी में एनकाउंटर तो वहीं 2001 में चलोग में दो आतंकियों का सफाया सुरक्षाबलों ने किया। इसके बाद वर्ष 2002 में गौ गला, दलौन और पगारा के बाद 2003 में द्रब्बल में तीन आतंकियों को सुरक्षाबलों ने ढेर किया। 2003 में आतंकियों ने रौल्का में एसटीएफ की पोस्ट पर रॉकेट लांचर से हमला किया। 2004 में धमान, ढग्गर के द्रबड़ी में आतंकियों की मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है। सुरक्षाबल लोआंग के इलाकों में ही 90 के दशक के बाद स्थानीय आतंकियों के साथ-साथ इनके मददगाराें को भी ढेर कर चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed