NGT के खिलाफ ये करने की तैयारी, राज्यपाल ने श्राइन बोर्ड की बुलाई आपात बैठक
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राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के अमरनाथ की पवित्र गुफा को शांति क्षेत्र घोषित करने, जयकारों और मंत्रोच्चार पर रोक के आदेश के खिलाफ श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) अपील करने की तैयारी कर रहा है। बोर्ड के चेयरमैन एवं राज्यपाल एनएन वोहरा ने नौ जनवरी को बोर्ड पदाधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है।
इसमें एनजीटी के दिशा निर्देशों पर चर्चा करने के साथ अमरनाथ यात्रा और कार्यवाही के लिए रणनीति बनाई जाएगी। बोर्ड का कहना है कि एनजीटी ने अमरनाथ यात्रा संबंधी मामले में एसएएसबी को अपना पूरा पक्ष रखे बिना ही आदेश जारी कर दिए।
एसएएसबी के सीईओ, कानूनी सलाहकार और संबंधित अन्य लोगों के साथ हुई बातचीत में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने एनजीटी के निर्देशों पर कड़ा विरोध किया है। सीईओ ने कहा कि एसएएसबी में चर्चा के बाद अपील आदि दर्ज करने के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एनजीटी ने दी थी सफाई
एनजीटी ने ‘गौरी मौलखी बनाम जम्मू व कश्मीर राज्य तथा अन्य’ के मामले में 13 दिसंबर 2017 को अंतरिम आदेश पारित कर दिए गए थे। जिसमें निर्देश दिया गया था कि क्षेत्र सीढ़ियों से अंत तक पवित्र गुफा को एक शांत जोन के रूप में माना जाएगा।
ट्रिब्यूनल ने आगे निर्देश दिया था कि सभी दिशा निर्देशों को बिना चूक किए लागू किया जाए। कोई भी समिति या प्राधिकरण/ बोर्ड को इन दिशा-निर्देशों के कार्यान्वयन पर रोक लगाने का अधिकार नहीं होगा।
हालांकि, 14 दिसंबर 2017 के अपने बाद के आदेश में एनजीटी ने स्पष्ट किया था कि श्री अमरनाथ जी महा शिवलिंग के सामने खड़े होने पर भक्तों/ तीर्थयात्रियों या किसी के द्वारा शांति रखी जाएगी और इस तरह की कोई प्रतिबंध पवित्र गुफ ा के लिए मुख्य सीढ़ियां और दैनिक आरती के दौरान अन्य किसी भी हिस्से पर लागू नहीं है।
इसके अलावा एनजीटी ने 13 दिसंबर, 2017 के अपने आदेश में किसी भी व्यक्ति, तीर्थयात्रा या गुफ ा से पिछली सीढ़ी से भक्त को पूजा सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। एनजीटी ने बाद के अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह अंतरता पवित्र गुफ ा के लिए सीढ़ी के 30वें पायदान के बाद लागू होगी।