फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   aNTI TERRORIST GRID AGAIN BECOMING ACTIVE IN KASHMIR

कश्मीर घाटी में फिर सक्रिय हुआ एंटी टेररिस्ट ग्रिड

Sat, 25 Mar 2017 12:52 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Sat, 25 Mar 2017 12:52 PM IST
विज्ञापन
aNTI TERRORIST GRID AGAIN BECOMING ACTIVE IN KASHMIR
आपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों के जवान - फोटो : फाइल फोटो

आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में उत्पन्न कानून व्यवस्था की स्थिति के चलते एंटी टेररिस्ट आपरेशनों में आई कमी को दूर करते हुए एक बार फिर सुरक्षाबलों की ओर से आपरेशन में तेजी लाई गई है। साथ ही कोशिश की जा रही है कि युवाओं को काउंसिलिंग के जरिए आतंक के पथ पर जाने से रोका जा सके।

विज्ञापन


इसके अलावा भटके युवाओं को समर्पण करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।आईजी कश्मीर एसजेएम गिलानी का कहना है कि दोबारा आपरेशनों में तेजी लाई गई है। इसके नतीजे भी सामने आए हैं। बुरहान के मारे जाने के बाद 88 स्थानीय युवाओं ने आतंक का दामन थामा है।
विज्ञापन


इसके पहले 2015 में 70 युवा आतंकी संगठनों में शामिल हुए थे। आशंका थी कि बुरहान के मारे जाने के बाद काफी संख्या में युवा आतंकी संगठनों का दामन थामेंगे, लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला। 

विज्ञापन
विज्ञापन

नवंबर के बाद से एंटी टेररिस्ट ऑपरेशनों में आई तेजी

aNTI TERRORIST GRID AGAIN BECOMING ACTIVE IN KASHMIR
आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों के जवान - फोटो : फाइल फोटो

उन्होंने बताया कि नवंबर से दोबारा एंटी टेररिस्ट आपरेशन में तेजी लाई गई है। पिछले चार-पांच महीनों में सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। अब एंटी-टेररिस्ट ग्रिड दोबारा से पूरी तरह काम करने लगा है और और आतंकी गतिविधियों पर भी काफी हद तक काबू पाया गया है। कहा कि आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर इलाके के घेराव के दौरान कोशिश रहती है कि समर्पण के लिए राजी किया जाए।

कई आपरेशन में परिवार वालों को बुलाकर समर्पण की कोशिश की गई। इसमें सफलता भी मिली। जनवरी में सोपोर में 2-3 आपरेशन में आतंकियों ने हथियार डाले थे। ज्ञात हो कि आगामी दिनों में सुरक्षा बलों को दोहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

बर्फ पिघलने के बाद घुसपैठ की कोशिशों में तेजी आएगी, साथ ही युवाओं को आतंक के राह पर चलने से रोकना भी चुनौती होगी। युवाओं को भटकने से बचाने के लिए पुलिस-पब्लिक बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसमें अभिभावकों और युवाओं दोनों की काउंसिलिंग की जा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed