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जम्मू-कश्मीरः श्री श्री रविशंकर के कार्यक्रम में गूंजे जाकिर मूसा और आजादी के नारे

Sun, 11 Mar 2018 05:19 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली,अमर उजाला,श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली,अमर उजाला,श्रीनगर Updated Sun, 11 Mar 2018 05:19 PM IST
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anti national and zakir musa slogan raised in ravishankar program in srinagar
sri sri ravishankar - फोटो : BASIT ZARGAR

श्री श्री रविशंकर के पैगाम-ए-मोहब्बत कार्यक्रम में शुनिवार को जाकिर मूसा तथा आजादी के नारे गूंजे। कार्यक्रम में पहुंचे लोगों का आरोप था कि उन्हें धोखे से लाया गया था। इस वजह से ज्यादातर लोग कार्यक्रम बीच में ही छोड़ वापस निकल गए।

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कार्यक्रम शाम चार बजे तक चलना था, लेकिन हंगामे की स्थिति के चलते बीच में ही स्थगित करना पड़ा। बावजूद श्रीश्री कश्मीरियों से अपने दिल की बात साझा करने में कामयाब रहे।
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विश्व प्रसिद्ध डल झील के किनारे स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) के लॉन में कड़ी सुरक्षा के बीच पैगाम-ए-मोहब्बत कार्यक्रम आयोजित था।
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इसका मकसद कश्मीर घाटी के लोगों खासकर युवाओं से जुड़ना और अमन शांति के लिए एक नई शुरुआत करना था। यह कार्यक्रम दोपहर 2:20 बजे शुरू हुआ। 2:40 बजे रविशंकर ने कश्मीरी भाषा में लोगों से बात की। पूछा कि क्या आप सब ठीक हो।

मुझे आप सबकी बहुत याद आ रही थी। इसलिए मिलने चला आया। कहा कि वह यहां लोगों को सुनने आए हैं। मोहब्बत फैलाना हर एक का फर्ज है। यहां के लोगों की दर्द और पीड़ा देखी है। 

कार्यक्रम छोड़ चले गए लोग, कहा धोखे से बुलाया

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कार्यक्रम के दौरान मचा बवाल - फोटो : BASIT ZARGAR
पैगाम-ए-मोहब्बत कार्यक्रम शुरू हुए 15 मिनट ही हुए होंगे की समारोह में मौजूद बड़ी संख्या में लोग भड़क उठे। वह कार्यक्रम छोड़ निकलने लगे। उनका आरोप था कि उन्हें धोखे से लाया गया। कहा गया था कि स्किल डेवलपमेंट के नाम पर एक हजार रुपये प्रति महीने दिए जाएंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।

किसी को किसान लोन माफ करने के नाम पर बहकाकर लाया गया था। सोपोर से आए गुलाम मोहम्मद ने कहा कि हमें किसान लोन माफ करने के संबंध में बात करने के लिए बुलाया गया था। इस बहाने सेमिनार में बुलाया गया। हमें नहीं पता था कि श्री श्री रवि शंकर का प्रोग्राम है।

बडगाम के अब्दुल रशीद ने बताया कि उन्हें कहा गया कि फॉर्म भरो, आपको प्रति माह 1000 रुपये दिए जाएंगे। मैं अपनी दिहाड़ी तोड़कर आया हूं। उसने वह फॉर्म भी दिखाए जो उससे स्किल डेवलपमेंट के तौर पर भरवाए गए थे जिस पर अकाउंट नंबर भी भरा गया था।

दिलों को जोड़ने आए हैं
 श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि वह लोगों के दिलों को जोड़ने के लिए आए हैं। 1980 से यहां लगातार आते रहे हैं। जन्नत के साथ दशकों पुराना संबंध रहा है। जो घाव लोगों के दिलों में है उस पर मलहम लगाने की जरूरत है।

हम सब एक साथ मिलकर पीड़ा दूर करने का काम करेंगे। यहां की परिस्थितियों के चलते प्यार दिलों में दबा रह जाता है। वह पैगाम-ए-मोहब्बत आप सब के दिलों से शुरू करने आए हैं। जरूरत है पुरानी बातों को भूलकर भविष्य के बारे में सोचने की। कश्मीरी काफी मीठी भाषा है और इसके प्रचार की जरूरत है। इसे यूनिवर्सिटी स्तर पर भी पढ़ाया जाना चाहिए। 
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