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जम्मू-कश्मीर: कन्याकुमारी से कश्मीर तक सीधी ट्रेन के लिए एक और कदम, बनिहाल में बनकोट टनल तैयार
Mon, 06 Dec 2021 10:11 AM IST
विमल शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Mon, 06 Dec 2021 10:11 AM IST
सार
घाटी को देश के दूसरे हिस्सों से रेल नेटवर्क के माध्यम से जोड़ने की एक चुनौती पार कर ली गई है। रामबन जिले के बनिहाल में बनकोट टनल बनकर तैयार हो गई है। 300 करोड़ की लागत से बनी दो किमी लंबी सुरंग से राष्ट्रीय परियोजना को और गति मिलेगी।
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जोजिला रोड टनल ( सांकेतिक )
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कश्मीर घाटी को राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए उत्तर रेलवे ने एक और चुनौती पार कर ली है। रामबन जिले में बनिहाल से बनकोट तक 300 करोड़ की लागत से दो किलोमीटर लंबी टनल की खोदाई रविवार को पूरी हो गई है। दो चरणों में तैयार की गई टनल के साथ ही बनिहाल से खारी सेक्शन के बीच टनल खोदने का अधिकांश काम पूरा हो गया है। टनल बनने से परियोजना का काम और रफ्तार पकड़ेगा।
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रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि 110 किमी लंबे कटड़ा-बनिहाल रेल मार्ग का कार्य अगले दो वर्ष में पूरा हो जाएगा। अतिरिक्त जिला उपायुक्त रामबन हरबंस लाल शर्मा ने टनल के दोनों सिरे मिलने पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि रेलवे ने एक और चुनौती को पार कर लिया है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक ट्रेन से सफर करने का सपना अगले दो वर्षों में साकार होने जा रहा है।
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विस्फोट रहित खोदाई के लिए पहली बार रोड हेडर का प्रयोग
बेग कंस्ट्रक्शन कंपनी (बीसीसी) के प्रबंध निदेशक इमरान बेग ने कहा कि कश्मीर रेल परियोजना में रेलवे सुरंगों की खोदाई में पहली बार रोड हेडर मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। रोड हेडर मशीन से सुरंगों की खोदाई के लिए विस्फोट नहीं ले जाने पड़ते। विस्फोट तकनीक से आसपास के आवासीय इलाकों में घरों को क्षति पहुंचती है। निर्माण को पूरी तरह से सुरक्षित और सटीक तरीके से अंजाम दिया जा रहा है।
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रामबन में 53 किमी रूट में से 96 फीसदी में सुरंगें
उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक की कुल लंबाई 272 किलोमीटर है, जिसमें रामबन जिले में पड़ने वाला 53 किलोमीटर क्षेत्र सबसे चुनौतीपूर्ण है। यहां 96 फीसदी रेलवे ट्रैक भूमिगत सुरंगों से गुजरेगा। जिला प्रशासन ने रेलवे परियोजना के लिए 11 हजार कनाल जमीन रेलवे को सौंपी है।