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अमित शाह बोले: जम्मू-कश्मीर की शांति में खलल डालने वालों के साथ सख्ती से निपटेंगे, बनाएंगे मॉडल स्टेट

Sun, 24 Oct 2021 10:19 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Sun, 24 Oct 2021 10:19 AM IST
सार

गृहमंत्री ने कहा, कश्मीर में विकास और बदलाव की बयार को कोई नहीं रोक सकता। प्रदेश की 70 फीसदी आबादीयुवाओं को विकास गतिविधियों से जोड़ेंगे। साथ ही जम्मू-कश्मीर जल्द ही देश के विकास में योगदान देगा।

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Amit Shah said: Will deal strictly with those who disturb the peace of Jammu and Kashmir, will make model state
जम्मू में अमित शाह - फोटो : ANI

विस्तार

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर की शांति में खलल डालने वालों के साथ सख्ती से निपटेंगे। कश्मीर में विकास और बदलाव की बयार को अब कोई नहीं रोक सकता। जम्मू-कश्मीर की 70 फीसदी आबादी युवाओं को विकास गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। अभी तक इस प्रदेश को केंद्र से मदद मिलती थी, जल्द ही जम्मू-कश्मीर देश के विकास में योगदान देगा। जम्मू-कश्मीर को मॉडल स्टेट के तौर पर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पांच अगस्त, 2019 का दिन जम्मू-कश्मीर के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर पहुंचे अमित शाह शनिवार को श्रीनगर में मिशन यूथ के तहत युवा क्लबों के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर के युवाओं को हर क्षेत्र में अवसर मिले हैं। ढाई साल पहले घाटी से पत्थरबाजी की खबरें आती थीं, अब कश्मीरी युवा रोजगार-विकास की बात कर रहा है। अमित शाह ने कहा कि पिछले दो साल में जम्मू-कश्मीर में हुए विकास कार्यों को देखकर आश्चर्यचकित हूं। पांच अगस्त 2019 का दिन जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए नींव पत्थर साबित हुआ है। विकास के एक नए दौर की शुरूआत हुई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का राग अलापने वाले पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लोगों की स्थिति पर नजर डालें।
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उन्होंने कहा कि आतंकवाद के चलते जम्मू-कश्मीर में अब तक चालीस हजार से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं। इस दहशतगर्र्दी को हर हाल में खत्म करना है। दहशतगर्दी और विकास एक साथ संभव नहीं है। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से आह्वान किया कि वे बहकावे में न आकर आगे बढ़ने के लिए एक लक्ष्य तय करें।
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यह भी पढ़ें- श्रीनगर: शहीदों और मारे गए नागरिकों के परिजनों से मिले अमित शाह, सरकार के साथ होने का दिलाया भरोसा   

तीन परिवारों से निकल आम लोगों तक पहुंचा लोकतंत्र
अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछले 70 साल के दौरान जम्हूरियत के नाम पर लोगों को धोखा मिला है। प्रदेश में 87 विधायक, छह सांसद और तीन परिवार थे। पांच अगस्त, 2019 के बाद सभी लोगों को आगे बढ़ने के अवसर मिले हैं। जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र अब तीन परिवारों से बाहर निकलकर घर-घर तक पहुंचा है। नाम लिए बगैर तंज कसते हुए कहा कि इस वजह से लोग चिल्ला रहे हैं। त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लागू होने से लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत हुई हैं।

जम्मू-कश्मीर से दहशतगर्दी खत्म करने में युवा आएं आगे
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि दहशतगर्दी व विकास साथ-साथ नहीं चल सकते। विकास के लिए शांति जरूरी है। दहशतगर्दी को अकेले सरकार के लिए हटाना मुश्किल है। युवा यह काम आसानी से कर सकता है। युवाओं को चाहिए कि वह अपनी पीढ़ी को जागरूक करे कि दहशतगर्दी का रास्ता ठीक नहीं है। आह्वान किया कि दहशतगर्दी खत्म करने के लिए युवा आगे आए और बहकावे में न आकर आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य तय करे।

भ्रष्टाचार ने दीमक की तरह जम्मू-कश्मीर को कर दिया था खोखला
अमित शाह ने कहा कि भ्रष्टाचार ने जम्मू-कश्मीर को दीमक की तरह खोखला कर दिया था। आजादी के बाद प्रति व्यक्ति जम्मू-कश्मीर को सबसे अधिक मदद पहुंचती थी, लेकिन यहां से गरीबी का खात्मा नहीं हुआ। अब भ्रष्टाचार कम हुआ है। यदि योग्यता है तो घर बैठे नियुक्ति पत्र मिल जाएगा। पूरी पारदर्शी तरीके से सरकारी पदों पर भर्ती हो रही है। पारदर्शिता ने भ्रष्टाचार के खात्मे की नींव रखी है।

कश्मीर के कुछ नेता नहीं चाहते परिसीमन हो
गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव और राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए रोडमैप को दोहराते हुए कहा कि परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव होंगे। इसके बाद राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। कहा कि कुछ स्थानीय नेता परिसीमन की प्रक्रिया में रोड़ा अटका रहे हैं। कश्मीर के नेता चाहते हैं कि परिसीमन रोक दिया जाए क्योंकि इससे उनकी राजनीति को चोट पहुंचती है। अब कश्मीर में ऐसी चीजें नहीं रुकेंगी। कश्मीर के युवाओं को अवसर मिलेगा। जो लोग शोर मचा रहे हैं वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि जम्हूरियत तीन परिवारों की गिरफ्त से बाहर आ गई है और अब यह गरीबों तक पहुंच गई है। कहा कि उन्होंने संसद में वादा किया है कि विधानसभा चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा। यह मैंने देश की संसद में कहा है और यही रोडमैप है।
 
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