‘अमर उजाला’ फाउंडेशन का रक्तदान शिविर आज
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रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। मानवता के प्रति अपने कर्त्तव्यों का निर्वाह करते हुए सभी वर्ग के लोगों को इस महादान में भरपूर सहयोग देना चाहिए। रक्तदान से अपनों और दूसरों को नया जीवन दिया जा सकता है। सरकारी और निजी अस्पतालों में खून की कमी को पूरा करने के लिए एक कदम और आगे बढ़ते हुए ‘अमर उजाला’ फाउंडेशन विश्व रक्तदाता दिवस (14 जून) पर रेडक्रास सोसायटी, ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग, जीएमसी और जेके एड्स कंट्रोल सोसायटी के सहयोग से महेशपुरा चौक स्थित रेडक्रास अटेंडेंट सराय में विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन कर रहा है।
यह शिविर सुबह नौ बजे से शुरू होकर दोपहर तक जारी रहेगा। रक्तदाताओं को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि शहर के ही सरकारी और निजी अस्पतालों में हर साल खून की उपलब्धता और मांग में भारी अंतर रहता है। करीब साठ हजार यूनिटों में आधा ही अस्पतालों में मिल पाता है। जागरूकता के अभाव में रक्तदान के लिए अभी भी खुलकर रक्तदाता अस्पतालों तक नहीं पहुंच रहे हैं।
इसमें पढ़े-लिखे लोग भी इस महादान को करने से परहेज कर जाते हैं। अमर उजाला फाउंडेशन ने रक्तदान के साथ जागरूकता को बढ़ावा देने का बीड़ा उठाया है। अस्पतालों में रक्तदाताओं की कमी से गंभीर मरीजों को पर्याप्त खून उपलब्ध करवाना बड़ी चुनौती रहता है। इसमें अधिकांश मरीज अपने घरवालों पर ही निर्भर रहते हैं। अमर उजाला फाउंडेशन के विशेष रक्तदान शिविर में इच्छुक रक्तदानी रक्तदान करके महादान करें।
रक्तदान से पहले ये करें
1. खाली पेट रक्तदान के लिए नहीं आएं
2. रक्तदान से पहले पर्याप्त पेय पदार्थ और स्वल्पाहार लें
3. रक्तदान से पहले तंबाकू, सिगरेट आदि नशीली वस्तु का सेवन न करें
भ्रांतियों को बुलाकर स्वैच्छिक रक्तदान के लिए खुद तैयार होकर ही रक्त की कमी को पूरा किया जा सकता है। अमर उजाला फाउंडेशन के विशेष रक्तदान शिविर में सभी वर्ग के लोगों को बढ़ चढ़कर रक्तदान करना चाहिए, ताकि खून की कमी से किसी की जान न जाए। (ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसन विभाग, जीएमसी जम्मू के एचओडी प्रो. विजय साहनी)
रक्तदान के फायदें
रक्तदान से खून की जांच के दौरान रक्तदाता के भीतर की पांच बीमारियों की मौजूदा स्थिति का पता चलता है। इसमें एचआईवी/एड्स, हेपेटाइटिस बी और सी, वीडीआरएल और मलेरिया शामिल हैं। कई रक्तदाताओं को रक्तदान के बाद खुद के भीतर पल रही ऐसी बीमारियों का पता चलता है।