इस बार अमरनाथ यात्रा में मौसम बन सकता है बाधा
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श्री अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड ने वर्ष 2015 में 59 दिन की पूरी यात्रा करने की घोषणा तो कर दी है, लेकिन यात्रा को वक्त पर शुरू करना एक कड़ी चुनौती बन गया है। कश्मीर संभाग में इस साल देर से हो रही बर्फबारी यात्रा पर असर डाल सकती है।
हर दिन यात्रा के दोनों मार्गों पर बर्फ की चादर मोटी होती जा रही है। जितनी अधिक मोटी चादर होगी, यात्रा ट्रैक को सुधारने में इतनी ही दिक्कत होगी। पिछले साल सितंबर में आई बाढ़ से दोनों ट्रैक को नुकसान हुआ था।
इसलिए बोर्ड ने निर्णय लिया कि इस साल मरम्मत कार्य वक्त से पहले शुरू होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। अभी तक दोनों मार्ग तक बोर्ड पहुंच ही नहीं पाया है। दोनों मार्गों के बेस कैंप पर भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पा रहा।
यहां तक इस बार दोनों बेस कैंपों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं, जिनको वक्त पर लगाना भी चुनौती होगी।
बालटाल में रोज पड़ रही बर्फ
गांदरबल के उपायुक्त सरमद हाफिज का कहना है कि बालटाल इस समय पूरी तरह से बर्फ से ढका हुआ है। यहां करीब 10 फीट बर्फ जमी हुई है, जबकि बालटाल यात्रा रूट पर भी 20 फीट तक बर्फ पड़ने की संभावना है, हालांकि अभी इसका जायजा नहीं लिया गया है।
हर रोज बर्फ पड़ रही है। इस साल देरी से बर्फबारी हो रही है, जो देर तक रुकने के आसार हैं। मई के मध्य में ही इस मार्ग का जायजा लिया जा सकेगा। अभी सारा रास्ता बंद है। जब तक बर्फ कम नहीं होगी, तब तक यात्रा के बंदोबस्त करने में दिक्कत होगी।
अनंतनाग के उपायुक्त तसदक जिलानी का कहना है कि अभी तो पहलगाम में बर्फ है। चंदनबाड़ी तक जाना भी संभव नहीं हो रहा। अप्रैल के अंत तक ही बर्फ कम होने की संभावना है। इसके बाद ही यात्रा के बंदोबस्त शुरू किए जा सकेंगे। देर से बर्फबारी होना शुभ संकेत नहीं है।
पिछले साल भी देरी से शुरू हुई यात्रा-
पिछले वर्ष भी यात्रा वक्त पर शुरू नहीं हो पाई थी। दोनों रूट पर बर्फबारी होने से 10 दिन देरी से यात्रा शुरू हुई। बोर्ड के सीईओ और कुछ अन्य लोगों ने यात्रा की निर्धारित तिथि पर पवित्र अमरनाथ गुफा में प्रथम पूजन कर ही शुरुआत की थी। इस साल भी बर्फ यात्रा के वक्त पर शुरू होने में विलेन बन सकती है।