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पवित्र अमरनाथ यात्रा संपन्न, यात्रा के दौरान 22 लोगों की गई जान
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Thu, 18 Aug 2016 08:26 PM IST
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बाबा बर्फानी
- फोटो : Amar Ujala
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साउथ कश्मीर हिमालय में स्थापित पवित्र गुफा में श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) पर वीरवार को भगवान अमरेश्वर के हिमलिंग स्वरूप के दर्शन करने के साथ अमरनाथ यात्रा 2016 का समापन हुआ।
छड़ी मुबारक में दशनामी अखाड़ा के महंत दिपेंद्र गिरि के साथ साधु संतों और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के पदाधिकारी पूजा में शामिल हुए। आगामी 20 अगस्त को छड़ी मुबारक लिद्दर नदी, पहलगाम में यात्रा का पूजन और विसर्जन करेगी। गत 2 जुलाई से शुरू हुई इस 48 दिन की यात्रा में 2.20 लाख श्रद्धालुओं ने ही बाबा बर्फानी के दर्शन किए।
कश्मीर हिंसा के कारण पिछले 13 वर्ष में यह सबसे कम आंकड़ा रहा। यात्रा के दौरान 22 लोगों की जान गई। इसमें दो सड़क हादसे और अन्य 20 की हृदय गति रुकने या अन्य चिकित्सा कारणों से मौत हुई।
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इसके साथ बोर्ड के चेयरमैन एवं राज्यपाल एनएन वोहरा ने सीईओ पीके त्रिपाठी को अमरनाथ यात्रा 2017 के लिए कैंप साइट और रूट स्तर पर एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
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छड़ी मुबारक में दशनामी अखाड़ा के महंत दिपेंद्र गिरि के साथ साधु संतों और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के पदाधिकारी पूजा में शामिल हुए। आगामी 20 अगस्त को छड़ी मुबारक लिद्दर नदी, पहलगाम में यात्रा का पूजन और विसर्जन करेगी। गत 2 जुलाई से शुरू हुई इस 48 दिन की यात्रा में 2.20 लाख श्रद्धालुओं ने ही बाबा बर्फानी के दर्शन किए।
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कश्मीर हिंसा के कारण पिछले 13 वर्ष में यह सबसे कम आंकड़ा रहा। यात्रा के दौरान 22 लोगों की जान गई। इसमें दो सड़क हादसे और अन्य 20 की हृदय गति रुकने या अन्य चिकित्सा कारणों से मौत हुई।
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इसके साथ बोर्ड के चेयरमैन एवं राज्यपाल एनएन वोहरा ने सीईओ पीके त्रिपाठी को अमरनाथ यात्रा 2017 के लिए कैंप साइट और रूट स्तर पर एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
यात्रा के दौरान कई सड़क हादसे
बेस कैंप के पास नदी में गिरा वाहन
- फोटो : File Photo
बोर्ड की ओर से सीईओ त्रिपाठी, अतिरिक्त सीईओ जितेंद्र कुमार सिंह ने वीरवार सुबह पवित्र गुफा में पूजा अर्चना कर राज्य में शांति की कामना की।
दर्शन के बाद राज्यपाल को यात्रा के सफल होने की जानकारी दी गई। यात्रा के दौरान हरमुल्ला, बिजबिहाड़ा जिला अनंतनाग और असेस कंट्रोल गेट चंदनबाड़ी में दो सड़क हादसे हुए।
बिजबिहाड़ा के पास हुए हादसे में एक मुसलिम चालक और एक यात्री की मौत हुई। कश्मीर हिंसा के कारण यात्रा के अंतिम 25 दिन में करीब बीस हजार श्रद्धालु ही पवित्र गुफा तक पहुंचे। राज्यपाल ने अगले पांच दिन में पहलगाम और सोनामर्ग डेवलपमेंट अथारिटी को यात्रा ट्रैक पर सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए।
दर्शन के बाद राज्यपाल को यात्रा के सफल होने की जानकारी दी गई। यात्रा के दौरान हरमुल्ला, बिजबिहाड़ा जिला अनंतनाग और असेस कंट्रोल गेट चंदनबाड़ी में दो सड़क हादसे हुए।
बिजबिहाड़ा के पास हुए हादसे में एक मुसलिम चालक और एक यात्री की मौत हुई। कश्मीर हिंसा के कारण यात्रा के अंतिम 25 दिन में करीब बीस हजार श्रद्धालु ही पवित्र गुफा तक पहुंचे। राज्यपाल ने अगले पांच दिन में पहलगाम और सोनामर्ग डेवलपमेंट अथारिटी को यात्रा ट्रैक पर सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए।
2011 में श्रद्धालुओं ने बनाया था रिकार्ड
अमरनाथ यात्रा
- फोटो : PTI
उन्होंने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए आगामी यात्रा के लिए एक्शन प्लान बनाने को कहा है। आगामी 20 अगस्त को यात्रा के बाद की समीक्षा के लिए 130 अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है।
राज्यपाल ने यात्रा के सफल होने पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन, अनंतनाग और गांदरबल के अलावा राज्य पुलिस, सीआरपीएफ, सेना और अन्य एजेंसियों के सहयोग की सराहना की है।
छड़ी मुबारक साधु संतों के साथ पहलगाम, चंदनबाड़ी, शेषनाग, पंचतरणी से 42 किमी. का सफर तय करके पवित्र गुफा तक पहुंची। इससे पूर्व वर्ष 2007 में 2.96 लाख श्रद्धालु पवित्र गुफा तक पहुंचे थे। जबकि वर्ष 2011 में 45 दिन की यात्रा में आलटाइम रिकार्ड 6.36 लाख यात्रियों ने दर्शन किए थे।
राज्यपाल ने यात्रा के सफल होने पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन, अनंतनाग और गांदरबल के अलावा राज्य पुलिस, सीआरपीएफ, सेना और अन्य एजेंसियों के सहयोग की सराहना की है।
छड़ी मुबारक साधु संतों के साथ पहलगाम, चंदनबाड़ी, शेषनाग, पंचतरणी से 42 किमी. का सफर तय करके पवित्र गुफा तक पहुंची। इससे पूर्व वर्ष 2007 में 2.96 लाख श्रद्धालु पवित्र गुफा तक पहुंचे थे। जबकि वर्ष 2011 में 45 दिन की यात्रा में आलटाइम रिकार्ड 6.36 लाख यात्रियों ने दर्शन किए थे।