तीसरी बार रोक दी गई अमरनाथ यात्रा, जानिए क्या है नई वजह?
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कश्मीर में खराब हालात के चलते शुक्रवार को आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से अमरनाथ यात्रा के लिए 14वें जत्थे को रवाना नहीं किया गया। अशांति के कारण एक हफ्ते से शुक्रवार को तीसरी बार अमरनाथ यात्रा स्थगित हो गई।
अनंतनाग जिले के हरनाग में बुधवार की शाम को फायरिंग में युवक की मौत के बाद पहलगाम रूट के बजाय यात्रियों को बालटाल रूट के लिए भेजा गया। बालटाल से 8500 यात्रियों को पवित्र गुफा के दर्शन के लिए रवाना किया गया। पहलगाम से 50-60 यात्रियों को छोड़ा गया।
आधार शिविर जम्मू में 1500 से अधिक श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा हुआ है। स्थानीय धार्मिक स्थल, होटलों आदि स्थानों पर भी सैकड़ों श्रद्धालु रुके हुए हैं। तीसरी बार यात्रा रोकी गई है। बुधवार को भी देर रात रामबन के पास यात्रा रोक दी गई थी, जिसे रात दो बजे के बाद रवाना किया गया।
आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद पिछले शनिवार को भी जत्था रवाना नहीं किया गया था। इसके बाद तीसरे दिन मंगलवार की शाम को बदली रणनीति के तहत सुबह की बजाय दोपहर बाद जत्थे को रवाना किया गया था।
बालटाल रूट से दर्शन के लिए भेजे गए 8500 यात्री
आधार शिविर जम्मू में वीरवार सुबह आठ बजे यात्रियों को वाहनों में सवार होने के लिए कहा गया। गर्मी और उमस के बीच आधे दिन तक सैकड़ों यात्री वाहनों में सवार रहे। इसमें पहले सिर्फ बालटाल रूट के लिए यात्रा भेजने का फैसला किया गया। पहलगाम रूट वाले पंजीकृत यात्रियों को भी बालटाल रूट के लिए यात्रा के साथ जाने का विकल्प दिया गया।
दोपहर बाद अचानक बाहर लगे वाहनों को वापस पार्किंग में बुला लिया गया। इसको लेकर यात्रियों में मायूसी के साथ रोष भी था। इस बीच शालामार स्थित महाजन हाल केंद्र पर 16 जुलाई के लिए पहलगाम रूट के लिए 973 यात्रियों का तत्काल पंजीकरण किया गया। शुक्रवार को भी यात्रा स्थगित होने की सूरत में पंजीकरण पर फैसला लिया जाएगा।
रेलवे स्टेशन स्थित वैष्णवी और सरस्वती धाम पर सैकड़ों यात्रियों का तत्काल पंजीकरण किया गया। संगम वैंक्वेट हाल में सैकड़ों यात्रियों को तत्काल पंजीकरण के लिए टोकन जारी किए गए। श्रीराम मंदिर पुरानी मंडी में साधु संतों का पंजीकरण किया गया। यात्रा स्थगित होने से शहर में यात्रियों के साथ साधु संतों का जमावड़ा बढ़ गया है।