Amarnath Yatra 2023: पहले जत्थे के घाटी पहुंचते ही हर-हर महादेव की गूंज, 160 वाहनों में पहुंचे 3488 भक्त
काजीगुंड से नुनवान पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों तक अमरनाथ यात्रियों के पहले जत्थे को कड़ी सुरक्षा के बीच ले जाया गया। काफिले की मुख्य जिम्मेदारी सीआरपीएफ को सौंपी गई है।
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वार्षिक अमरनाथ यात्रा का शुक्रवार तड़के जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा का जम्मू से हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ आगाज हो गया। करीब 160 से अधिक वाहनों में सवार 3488 यात्रियों वाला पहला जत्था सुबह करीब 11 बजे कश्मीर में काजीगुंड स्थित नवयुग सुरंग के रास्ते घाटी में दाखिल हुआ। वादी में दाखिल होते ही बाबा बर्फानी के यात्रियों में एक अलग ही उत्साह देखने को मिला। घाटी हर हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठी।
डीसी कुलगाम बिलाल मोहियुद्दीन भट, एसएसपी साहिल संग्राल और एएसपी नेशनल हाईवे शाबिर खान सहित अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों सहित सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने यात्रियों का स्वागत किया। इसके बाद काफिला आगे की ओर रवाना हुआ। इसके बाद नुनवन पहलगाम स्थित आधार शिविर के लिए पंजीकृत यात्री अनंतनाग होते हुए अपनी मंजिल की ओर रवाना हुए। उनका अनंतनाग की केपी रोड पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों सहित सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने स्वागत किया।
नुनवान आधार शिविर पहुंचने पर डीसी अनंतनाग फखरूदीन हामिद समेत अन्य अधिकारियों ने यात्रियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। बालटाल आधार शिविर के रास्ते पंजीकृत यात्री श्रीनगर के लसजन और शादीपोरा स्थित यात्रा ट्रांजिट कैंप में कुछ देर रुका, जहां डीसी एजाज असद, एसएसपी राकेश बलवाल, डीआईजी सीकेआर सुजीत कुमार सहित अन्य अधिकारियों और पीआरआई सदस्यों ने स्वागत किया।
30वीं यात्रा पर पहुंचे सुभाष गोयल
सुभाष गोयल नामक यात्री ने बताया कि 1993 से यह मेरी 30वीं यात्रा है। यह हमारे बुजुर्गों का करम है कि लगातार आने का मौका मिल रहा है। किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। भोले शंकर का आशीर्वाद लेने के लिए सभी को अमरनाथ यात्रा करनी चाहिए। प्रशासन द्वारा अच्छी सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अच्छी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
बहुत अंतर है पिछले सालों के मुकाबले : अनिल कुमार
लुधियाना निवासी अनिल कुमार ने बताया यह मेरी 20वीं यात्रा है। हर साल कोशिश रहती है कि पहले जत्थे का हिस्सा बनें और बाबा बर्फानी के साक्षात दर्शन करें। बहुत अंतर है पिछले सालों के मुकाबले। सुरक्षा के अलावा अन्य सभी सुविधाएं अच्छे से की गई हैं। किसी को डरने की जरूरत नहीं है। सभी को बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए आना चाहिए।
मजबूत सुरक्षा कवच के बीच पहुंचाए यात्री
काजीगुंड से नुनवान पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों तक अमरनाथ यात्रियों के पहले जत्थे को एक मजबूत सुरक्षा कवच के बीच ले जाया गया। काफिले की मुख्य जिम्मेदारी सीआरपीएफ को सौंपी गई है। हाईवे पर सीआरपीएफ, पुलिस और सेना के जवानों द्वारा मल्टी-टियर सुरक्षा प्रदान की जा रही है। ड्रोन से नजर रखी जा रही है और संवेदनशील प्वाइंटस पर सीसीटीवी भी लगाए गए हैं।