Amarnath Yatra 2023: पहला जत्था आज करेगा बाबा के प्रथम दर्शन, बालटाल व पहलगाम से पवित्र गुफा की ओर रवाना
आज सवेरे प्रशासन ने हरी झंडी दिखाकर अमरनाथ यात्रा 2023 के लिए तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को बालटाल से अमरनाथ गुफा के लिए रवाना किया।
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आज सवेरे प्रशासन ने हरी झंडी दिखाकर अमरनाथ यात्रा 2023 के लिए तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को बालटाल से अमरनाथ गुफा के लिए रवाना किया। इस मौके पर उप आयुक्त, गांदरबल श्यामबीर ने कहा कि आज हम यहां से यात्रियों के पहले जत्थे को रवाना कर रहे हैं। मैं कामना करता हूं कि सबकी यात्रा मंगलमय हो। यात्रियों से निवेदन है कि वे सभी सुविधाओं का लाभ लें। अभी करीब 7000 से 8000 यात्री हैं। रजिस्ट्रेशन अभी भी जारी है। हमारे वालंटियर सभी जगहों पर मदद के लिए मौजूद हैं।
इस बीच शुक्रवार तड़के जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से बम-बम भोले और जय बाबा बर्फानी के जयघोष के बीच पहले जत्थे में 164 छोटे बड़े वाहनों में 3488 यात्री रवाना हुए, जो देर शाम को कड़ी सुरक्षा के बीच बालटाल और पहलगाम बेस कैंपों में पहुंच गए थे।
देशभर से आए भक्तों में भारी उत्साह है। बाबा भोले के भक्तों में पुरुष, महिला, साधु-संन्यासी के साथ ही मंगलामुखी भी शामिल हैं। साध्वी भी बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए आतुर दिखीं। बालटाल और पहलगाम के नुनवान बेस कैंप में पहुंचने के दौरान रास्ते भर अमरनाथ यात्रियों का जोरदार स्वागत किया गया।
रास्ते भर सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में यात्रियों को कश्मीर के दोनों बेस कैंप में पहुंचाया गया। शनिवार को तड़के अमरनाथ यात्री बालटाल के दोमेल तथा पहलगाम के चंदनबाड़ी से पवित्र गुफा के लिए आगे बढ़ेंगे। बालटाल तथा नुनवान बेस कैंप में रातभर भजन कीर्तन चलता रहा।
बाबा भोले के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। अमरनाथ यात्रा में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक यात्री के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) कार्ड अनिवार्य बनाया गया है। इस कार्ड के बिना किसी भी यात्री को यात्रा की अनुमति नहीं है।
इसे यात्री को हमेशा अपने साथ गले में लटकाए रखना है, ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। दक्षिण कश्मीर में पहलगाम के नुनवान रूट से पवित्र गुफा की दूरी 32 किलोमीटर और मध्य कश्मीर में गांदरबल के बालटाल मार्ग से यह दूरी 14 किलोमीटर है। जिससे बालटाल रूट से जाने वाले यात्री एक ही दिन में दर्शन करके लौट आते हैं और अधिकांश यात्री इसी रूट को प्राथमिकता देते हैं।
जम्मू से गए पहले जत्थे में यात्री
बालटाल
पुरुष 1145
महिलाएं 262
बच्चे 05
साधु 74
साध्वी 05
कुल 1 491
पहलगाम
पुरुष 1659
महिलाएं 223
साधु 106
साध्वी 08
मंगलामुखी 01
कुल 1997
वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच एलजी ने झंडी दिखा जत्थे को किया रवाना
आधार शिविर भगवती नगर जम्मू में शुक्रवार तड़के अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन व उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच झंडी दिखाकर पहले जत्थे को रवाना किया। उन्होंने शांति, समृद्धि और सुरक्षित आध्यात्मिक यात्रा के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि यह पवित्र तीर्थ यात्रा परम आनंद है।
यह विनम्रता, करुणा और जागरूकता का मार्ग है। 62 दिन की यात्रा की शुरुआत में आधार शिविर भगवती नगर में भक्त झूमते नजर आए। शिव सूत्र कहता है, क्षमो भैरव, आध्यात्मिक प्रयास ही भैरव है, जो परमात्मा का अनुभव करने के लिए पहला कदम है। यह आंतरिक परिवर्तन की यात्रा है।
केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने शिव भक्तों की सुरक्षित और परेशानी मुक्त तीर्थ यात्रा के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है। इस दौरान आधार शिविर श्रदालुओं से पैक रहा। हालांकि वर्ष 2022 में जम्मू से पहले जत्थे में 4890 श्रदालु कश्मीर के लिए रवाना हुए थे।
62 दिन की यात्रा की शुरुआत में आधार शिविर भगवती नगर में भक्तजन झूमते नजर आए। उनका कहना था कि कोई भी राष्ट्रविरोधी ताकत उन्हें बाबा बर्फानी के पास जाने से रोक नहीं सकती है। हमारे मुस्तैद सुरक्षाबल हर चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार खड़े हैं, जिससे हम बिना खौफ के बाबा के दरबार में हाजिरी दे सकेंगे।