Amarnath Yatra 2023: भोले के भजन कर दूर कर रहे सर्दी, बारिश तेज होते ही लगते हैं बाबा बर्फानी के जयघोष
जम्मू संभाग के आधार शिविरों में भक्तों की भारी भीड़ लगी हुई है। रामबन और उधमपुर के शिविरों ने लोग ठंड से बचने के लिए भजनों का सहारा ले रहे हैं। बारिश होने पर वह भोले के जयकारे लगा रहे हैं।
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बारिश चल रही है और लोग आगे-पीछे दौड़ रहे हैं। इसके साथ में ओम नमः शिवाय का जाप हो रहा है। चाय की चुस्कियां लेने के लिए बीच परिसर में 4 टेंटो के हाल में भोले के भक्त बैठे हुए हैं। सामने पड़ी केतली में चाय भक्तों की सर्दी दूर कर रही है। बारी-बारी कतार में भक्त चाय ले रहे हैं। इसी बीच बारिश तेज हो गई और साथ ही सेवा कार्यों की रफ्तार बढ़ गई।
कोई चाय सर्व करने में लग गया। कोई बर्तन साफ करने में और कोई दिशा निर्देश दे रहा है। मौका है श्री नीलकंठ महादेव सेवा समिति के लंगर का जो आधार शिविर चंद्रकोट में निरंतर 24 घंटे चल रहा है। भक्तों की आस्था, उत्साह, श्रद्धा, जज्बा व जोश यहां देखते ही बनता है। सबसे अहम बात है कि इस पूरी व्यवस्था को चलाने के लिए दो टीमें फर्ज अदा कर रही हैं।
सुबह 8 से रात 8 बजे तक 20 सदस्यों की एक टीम सेवा कार्य में जुट जाती है। इसी तरह रात 8 से सुबह 8 बजे तक दूसरी टीम भक्तों को स्वादिष्ट व्यंजन पहुंचने के लिए तैयार रहती है। टीम से जुड़े 40 सदस्यों से जब बात की गई तो उनमें सेवा भाव की भावना साफ झलकी। 20 सदस्यीय एक ग्रुप को संभालने के लिए सुपरवाइजर है।
इसी तरह दूसरे ग्रुप में कार्य हो रहा है। दोनों ग्रुपों में सुपरवाइजर निर्मल और सनी कर्तव्य को उत्साह के साथ निभा रहे हैं। पूछने पर उन्होंने बताया- 2- 2 सदस्य चाय के स्टाल पर 2 शिफ्टों में काम कर रहे हैं। कोई पहली बार आया है, किसी सेवादार की 16वीं तो किसी की 25वीं यात्रा है। इनमें से काफी सेवादार लेबर हैं।
घर के हालात जैसे भी हो मगर आस्था के सामने कुछ नहीं है। जब समय मिलता है तब पारिवारिक सदस्यों का हालचाल पता करते हैं। कई बार ऐसे हो जाता है कि परिवार के साथ बात करने का समय नहीं मिलता, क्योंकि हजारों की संख्या में आए यात्रियों की देखभाल करने की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
ऐसे में जब कुछ मिनट मिलते हैं तो परिवार को फोन करते हैं। इतने बड़े लंगर को चलाने के लिए सभी का अपना अलग योगदान है, जो काफी महत्वपूर्ण है। दूसरे दिन भी सातवां जत्था आगे रवाना नहीं किया गया। इस कारण रौनक लगी हुई है। लंगर में रोहित, वंश, मंगत राम, संजय, लवप्रीत, राहुल, राजु कुमार, रवि, सोनू, नसीब सिंह, दीपू, रोहित, हरमन रंजीत, चरणपाल आदिसेवाएं दे रहे हैं।
उधमपुर के लॉजमेंट सेंटर में रुके 500 श्रद्धालु
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने पर उधमपुर में बनाए गए लाॅजमेंट सेंटर में 500 से अधिक अमरनाथ यात्रियों को रखा गया है। जिला प्रशासन की तरफ से यात्रियों के लिए हर तरह की सुविधा का प्रबंध किया गया है।
अमरनाथ यात्रियों का कहना है कि चाहे कितने भी दिन इंतजार करना पड़े, वह जब तक बाबा बर्फानी के दर्शन नहीं कर लेते हैं, तब तक वापस नहीं लौटेंगे।जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने पर सुबह से ही अमरनाथ यात्रियों के वाहन उधमपुर पहुंचना शुरू हो गए थे।