Amarnath Yatra 2022: घटने लगा बाबा बर्फानी का आकार, श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार, दो लाख यात्री कर चुके हैं दर्शन
जम्मू कश्मीर में देशभर से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस बीच सोमवार को आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से 5649 श्रद्धालुओं का जत्था पारंपरिक बालटाल और पहलगाम रूट के लिए रवाना हुआ, जो देर शाम तक संबंधित बेस कैंपों तक पहुंच गया था।
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अमरनाथ यात्रा का दर्शनार्थी आंकड़ा दो लाख के पार हो गया है। यात्रा के शुरू होने के बाद पिछले बीस दिन में दो लाख से अधिक भक्तों ने पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं। रक्षाबंधन पर 11 अगस्त तक यात्रा जारी रहेगी। पवित्र गुफा में प्राकृतिक हिमलिंग का आकार कम हुआ है, लेकिन श्रद्धालुओं के जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।
देशभर से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे
जम्मू कश्मीर में देशभर से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस बीच सोमवार को आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से 5649 श्रद्धालुओं का जत्था पारंपरिक बालटाल और पहलगाम रूट के लिए रवाना हुआ, जो देर शाम तक संबंधित बेस कैंपों तक पहुंच गया था।
बालटाल रूट के लिए 2558 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना
आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से बालटाल रूट के लिए 2558 श्रद्धालुओं का जत्था गया, इसमें 1641 पुरुष, 801 महिलाएं, 32 बच्चे, 51 साधु और 33 साध्वी शामिल रहीं। इसी तरह पहलगाम रूट के लिए 3091 श्रद्धालुओं के जत्थे में 2379 पुरुष, 576 महिलाएं, 4 बच्चे, 119 साधु और 13 साध्वी शामिल हैं।
जम्मू में रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं के जोश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महाजन हाल शालामार, वैष्णवी धाम और पंचायत भवन रेलवे स्टेशन पर तत्काल पंजीकरण के लिए भारी भीड़ में भक्तों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
इससे पहले सरस्वती धाम पर तड़के टोकन पाने के लिए भक्तों की भीड़ पहुंच रही है। इन्हीं टोकन के आधार पर तिथि और रूट के मुताबिक यात्रियों का तत्काल यात्री पंजीकरण किया जा रहा है।
- वर्ष 2019 में 3.4 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। उस समय जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की प्रक्रिया के बीच यात्रा को आखिर में रोक दिया गया था, जिससे यह आंकड़ा कम रहा था।