Amar Ujala Samvad: संवाद से खुलेंगे जम्मू समेत पूरे प्रदेश में विकास के नए द्वार, अब सभी को 30 नवंबर का इंतजार
स्वर्णिम शताब्दी वर्ष की ओर अग्रसर अमर उजाला 30 नवंबर को जम्मू में संवाद जम्मू-कश्मीर का आयोजन कर रहा है। इसमें देश की नामी गिरामी हस्तियां जम्मू-कश्मीर के विकास, उद्योग, शिक्षा, मनोरंजन और फिल्म जगत में भविष्य की संभावनाओं पर मंथन करेंगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
75वीं सालगिरह से स्वर्णिम शताब्दी की ओर बढ़ रहे अमर उजाला के संवाद-जम्मू कार्यक्रम को लेकर लोग खासे उत्साहित हैं। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा विकास का खाका खींचेंगे तो केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा मामले एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर जम्मू-कश्मीर की उपलब्धियों पर प्रकाश डालेंगे। इसके अलावा देश की नामी हस्तियां उद्योग, शिक्षा, मनोरंजन और फिल्म जगत में भविष्य की संभावनाओं पर मंथन करेंगी। कार्यक्रम के टीवी पार्टनर एनडीटीवी और रेडियो पार्टनर 91.9 रेड एफएम हैं।
संवाद में उपराज्यपाल के अलावा अभिनेता विक्की कौशल व उनकी टीम, एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. टीजी सीताराम, मास्टर कार्ड व भारत पे के चेयरमैन तथा एसबीआई के पूर्व चेयरमैन रजनीश कुमार, लाइफस्टाइल कोच व मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास, पैरा आर्चर व एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट शीतल कुमारी, राकेश कुमार, क्रिकेटर इरफान पठान और सुरेश रैना अलग-अलग सत्रों में रुबरु होंगे। इस कार्यक्रम व विकास को लेकर क्या कहना है प्रतिष्ठित लोगों का.. जानिए।
जम्मू कश्मीर के भविष्य को लेकर होने वाली चर्चा प्रदेश के लिए अहम है। विभिन्न विचारों से जम्मू-कश्मीर के भविष्य को बेहतर बनाया जा सकेगा। खासतौर पर जम्मू में राजस्व कैसे आए, आय के स्रोत कैसे बनें, इस पर मंथन को जरूरत है। -राजेंद्र शर्मा, निवर्तमान मेयर
जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए ऐसा मंच कई महत्वपूर्ण सुझाव और राय देगा। खेलों के विकास को लेकर ऐसी नोति बनाने की जरूरत है, जो खिलाड़ियों के सवांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हो। -कुलदीप हांडू, द्रोणाचार्य अवॉर्डी व वुशू टीम के नेशनल चीफ कोच
अमर उजाला संवाद जम्मू-कश्मीर की विकास की नई रूपरेखा तय करेगा। ऐसे कार्यक्रम दिशा देते हैं क्योंकि इसमें विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ तर्क के साथ महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। -अजय कपूर, निदेशक, शेरखान जम्मू आउटलेट्स
जम्मू संभाग में खासतौर पर मौजूदा औद्योगिक इकाइयों को और प्रोत्साहन देने की जरूरत है। मध्यम व लघु उद्योगों को और ऊपर उठाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। -सुधांशु महाजन, उद्योगपति
जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए नई नीतियों पर काम किया जाना चाहिए। ऐसे सकारात्मक संवाद से नीतियों को नई दिशा प्रदान होगी। -सीए ललित, पूर्व चेयरमैन, चार्टड अकाउंटेंट एसोसिएशन
जम्मू में पर्यटकों को रोकने के लिए नए पर्यटन स्थलों के निर्माण पर काम किया जाना चाहिए, ताकि होटल उद्योग को गति मिल सके। ऐसे मंच से बेहतर नीतियां बनाने में मदद मिलेंगी। -पवन गुप्ता, प्रधान, ऑल जम्मू होटल एंड लगेज एसोसिएशन
जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए ऐसे ही मंच की आवश्यकता है, जिसमें नीतिगत चर्चा हो सके। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार के लिए बेहतर नीतियां बनाने की जरूरत है। -डॉ. सलीम उर रहमान, पूर्व निदेशक, स्वास्थ्य विभाग जम्मू
नई नीतियों में कारोबारियों के कल्याण को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए उनके विचारों को जानना जरूरी है। सरकार को जम्मू में कारोबार को बढ़ाने की दिशा में पर्यटन गतिविधियों को गति देनी चाहिए। -संजय गुप्ता, प्रधान, रघुनाथ बाजार बिजनेसमैन एसोसिएशन
अगले साल फरवरी तक श्रीनगर में ट्रेन पहुंचाने की बात कही जा रही है। इससे पहले कटड़ा तक ट्रेन जाने पर जम्मू का कारोबार प्रभावित हुआ था। ऐसे में सरकार माता वैष्णो देवी आने वाले यात्रियों को जम्मू में रोकने के लिए नए और पुराने पर्यटन स्थलों का विस्तार करने के साथ बेहतर बुनियादी सुविधाएं दिलाए। -दीपक गुप्ता, प्रधान, ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाउस नेहरू मार्केट
किसी भी राज्य का विकास वहां के विकास और उद्योग पर काफी हद तक निर्भर करता है। ऐसे में जरूरी है कि जम्मू-कश्मीर में व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए व्यापारियों और उद्योगपतियों के फीडबैक के आधार पर नई नीतियां बनाई जाएं। -ललित महाजन, प्रधान, बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
लोकतंत्र में संवाद जरूरी है। ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से विचारों का आदान-प्रदान होता है। बेहतर राय और सुझाव सामने आते हैं। अमर उजाला को ऐसे संवाद कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं। उम्मीद है कि प्रगति कर रहे जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए कई सुझाव मिलेंगे। -अजय बंसल, उद्योगपति
जम्मू-कश्मीर को बेरोजगारी, नशे और आर्थिक संकट से निकाल कर विकास की दिशा में ले जाने की जरूरत है। ऐसे में संवाद कार्यक्रम से प्रशासन को मदद मिलेगी। अलग-अलग क्षेत्र की जानी मानी शख्सियतें विकास की रूपरेखा बनाने में अपना योगदान देंगी। -बलविंदर सिंह, उपप्रधान, डीजीपीसी
जम्मू कश्मीर के विकास के लिए ऐसे मंच की आवश्यकता है, जिसमें नीतिगत चर्चा हो सके। स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास को लेकर बेहतर नीतियां बनाने में मदद मिलती है। -डॉ. आशुतोष गुप्ता, प्रिंसिपल जीएमसी
अमर उजाला संवाद जम्मू-कश्मीर से काफी उम्मीदें हैं। आशा है कि इस कार्यक्रम से सूचना प्रौद्योगिकी, खेल, शिक्षा, मनोरंजन, बैंकिंग के क्षेत्र में विकास के नए आयाम तय किए जाएंगे। इन क्षेत्रों को नजरंदाज कर किसी भी राज्य का विकास नहीं हो सकता है। विकास शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक समग्र रूप से होना चाहिए। - शक्ति पाठक, डीआईजी
हितधारकों के लिए नई नीतियां बनाते समय राय को जानना जरूरी है। किसी भी नीति को तय करने से पहले जनता के साथ और उनके द्वारा चुने प्रतिनिधियों से चर्चा की जानी चाहिए। इससे जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम सामने आते हैं। -अरुण गुप्ता, अध्यक्ष, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू
जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सरकार को नई नीतियां बनाते समय हितधारकों के विचारों को साझा करना चाहिए। कारोबार के कल्याण के लिए उचित प्रयास किए जाने चाहिए। -नीरज आनंद, प्रधान, चैबर ऑफ ट्रेडर्स फेडरेशन