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आतिशबाजी से इंसान ही नहीं पशु पक्षी भी होते परेशान: डॉ. राधिका
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अखनूर के नेहरू पब्लिक स्कूल के बच्चों को दिया ग्रीन दिवाली मनाने का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। नेहरू पब्लिक हाई स्कूल मवा करोरा में शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को प्रदूषण रहित दिवाली मनाने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में डॉ. राधिका नरगोत्रा, डॉ. ऐश्वर्या वजीर और दंत तकनीशियन विशाल सपोलिया मुख्य वक्ता थे।
डॉ. राधिका नरगोत्रा ने छात्रों को बताया कि पटाखे चलाने से होने वाले प्रदूषण से कई प्रकार की हानिकारक बीमारियां हो सकती हैं। पटाखों से ध्वनि एवं वायु प्रदूषण होता है। उन्होंने बच्चों से अनुरोध किया कि इस दिवाली कोशिश करें कि पटाखे न चलाएं। उन्होंने छात्रों को बताया की आतिशबाजी के शोर एवं प्रदूषण से इंसानों के अलावा पशुओं और पक्षियों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। डॉ. ऐश्वर्या वजीर ने छात्रों को दिवाली पर जैविक सामग्री से बनी वस्तुओं के ही इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया। उन्होंने छात्रों को घरों में रंगोली बनाने के लिए जैविक रंगों का या घर में उपलब्ध हल्दी, चावल, आटा, दालें, आदि का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्रों से विदेशी लाइटों की जगह मिट्टी के दीप जलाने का आग्रह किया। कहा कि हमें हमेशा स्वदेशी वस्तुओं का ही इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने सभी छात्रों से दिवाली के दिन एक पौधा लगाने का भी वचन लिया।
मौके पर स्कूल की प्रधानाचार्या ने कार्यक्रम के लिए अमर उजाला फाउंडेशन का आभार जताया। कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए यह बहुत आवश्यक है कि छात्रों को हरित दिवाली मनाने के लिए जागरूक करें। कार्यक्रम के बाद छात्रों को मिठाई भी वितरित की गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। नेहरू पब्लिक हाई स्कूल मवा करोरा में शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को प्रदूषण रहित दिवाली मनाने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में डॉ. राधिका नरगोत्रा, डॉ. ऐश्वर्या वजीर और दंत तकनीशियन विशाल सपोलिया मुख्य वक्ता थे।
डॉ. राधिका नरगोत्रा ने छात्रों को बताया कि पटाखे चलाने से होने वाले प्रदूषण से कई प्रकार की हानिकारक बीमारियां हो सकती हैं। पटाखों से ध्वनि एवं वायु प्रदूषण होता है। उन्होंने बच्चों से अनुरोध किया कि इस दिवाली कोशिश करें कि पटाखे न चलाएं। उन्होंने छात्रों को बताया की आतिशबाजी के शोर एवं प्रदूषण से इंसानों के अलावा पशुओं और पक्षियों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। डॉ. ऐश्वर्या वजीर ने छात्रों को दिवाली पर जैविक सामग्री से बनी वस्तुओं के ही इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया। उन्होंने छात्रों को घरों में रंगोली बनाने के लिए जैविक रंगों का या घर में उपलब्ध हल्दी, चावल, आटा, दालें, आदि का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्रों से विदेशी लाइटों की जगह मिट्टी के दीप जलाने का आग्रह किया। कहा कि हमें हमेशा स्वदेशी वस्तुओं का ही इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने सभी छात्रों से दिवाली के दिन एक पौधा लगाने का भी वचन लिया।
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मौके पर स्कूल की प्रधानाचार्या ने कार्यक्रम के लिए अमर उजाला फाउंडेशन का आभार जताया। कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए यह बहुत आवश्यक है कि छात्रों को हरित दिवाली मनाने के लिए जागरूक करें। कार्यक्रम के बाद छात्रों को मिठाई भी वितरित की गई।
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