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मंदिरों के शहर में बम बम भोले का शंखनाद
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जम्मू। श्री अमरनाथ यात्रा के पास आते ही मंदिरों का शहर भोले बाबा के रंग में रंगने लगा है। जहां यात्री निवास भगवती नगर में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है वहीं, साधु-संतों का भी पहुंचना शुरू हो गया है। बम बम भोल, अलख निरंजन आदि उद्घोष और शंखनाद से शहर गूंजने लगा है। प्रदेश सहित जम्मू शहर में शिवभक्ति की बयार बहने लगी है।
बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए देशभर से साधु संत पुरानी मंडी स्थित राममंदिर में पहुंचने लगे हैं। जो पंजीकरण के बाद यात्रा शुरू होते ही सफर पर निकलेंगे। पंजाब के कोड़कपुरा से आए महंत महाकाल तपस्वी ने बताया कि वह पहली बार बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आए हैं। इसके बाद हिमाचल प्रदेश स्थित मणि महेश की यात्रा करेंगे। उन्होंने बताया कि शहर में मन नहीं लग रहा है। यहां का वातावरण विचित्र और अशुद्ध है। लेकिन भोले बाबा का न्योता मिला है।
नागा बाबा हनुमान गिरी ने बताया कि वह 17 सालों से बाबा बर्फानी के दर्शन करने आ रहे हैं। प्रदेश में यात्रा का करने का अनुभव है। यहां की यात्रा करने से खुशी मिलती है। मंदिरों के शहर में रहकर लोगों के साथ मनोरंजन करना अच्छा लगता है। जो भी भक्त सच्चे दिल से भोले का दर्शन करने आते हैं उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पुरी से आए बाबा पीके सेठी, वृंदावन से बाबा रमेश पाल और लुधियाना से महंत संगम भारती ने भी भोले के जयकारों से माहौल को भक्तिमय बना दिया।
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गीता भवन में नहीं रुकने देने से बाबा नाराज
बाबा श्री शेलियम मलिक अर्जुन ने कहा कि वह कई वर्षों से भोले के दर्शन के लिए आ रहे हैं। लेकिन मंदिरों के शहर जम्मू में साधु संतों के लिए बनाए गए गीता भवन में जाने नहीं दिया जाता है। इसका निर्माण साधु-संतों के लिए ही किया गया है। जब कोई बाबा विश्राम करने के लिए जाता है तो अंदर जाने से रोका जा रहा है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि 20 जून तक किसी को भी मंदिर में भेजने की अनुमति नहीं है। इस संबंध में प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
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बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए देशभर से साधु संत पुरानी मंडी स्थित राममंदिर में पहुंचने लगे हैं। जो पंजीकरण के बाद यात्रा शुरू होते ही सफर पर निकलेंगे। पंजाब के कोड़कपुरा से आए महंत महाकाल तपस्वी ने बताया कि वह पहली बार बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आए हैं। इसके बाद हिमाचल प्रदेश स्थित मणि महेश की यात्रा करेंगे। उन्होंने बताया कि शहर में मन नहीं लग रहा है। यहां का वातावरण विचित्र और अशुद्ध है। लेकिन भोले बाबा का न्योता मिला है।
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नागा बाबा हनुमान गिरी ने बताया कि वह 17 सालों से बाबा बर्फानी के दर्शन करने आ रहे हैं। प्रदेश में यात्रा का करने का अनुभव है। यहां की यात्रा करने से खुशी मिलती है। मंदिरों के शहर में रहकर लोगों के साथ मनोरंजन करना अच्छा लगता है। जो भी भक्त सच्चे दिल से भोले का दर्शन करने आते हैं उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पुरी से आए बाबा पीके सेठी, वृंदावन से बाबा रमेश पाल और लुधियाना से महंत संगम भारती ने भी भोले के जयकारों से माहौल को भक्तिमय बना दिया।
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गीता भवन में नहीं रुकने देने से बाबा नाराज
बाबा श्री शेलियम मलिक अर्जुन ने कहा कि वह कई वर्षों से भोले के दर्शन के लिए आ रहे हैं। लेकिन मंदिरों के शहर जम्मू में साधु संतों के लिए बनाए गए गीता भवन में जाने नहीं दिया जाता है। इसका निर्माण साधु-संतों के लिए ही किया गया है। जब कोई बाबा विश्राम करने के लिए जाता है तो अंदर जाने से रोका जा रहा है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि 20 जून तक किसी को भी मंदिर में भेजने की अनुमति नहीं है। इस संबंध में प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।