गिलानी पर कार्रवाई के पक्ष में एक साथ आए सियासी दल
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सत्तापक्ष और विपक्षी पार्टियों में मुद्दों पर भले ही भिन्नता रहती हो, लेकिन अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के पाक समर्थक रवैये और श्री अमरनाथ यात्रा की अवधि पर दिए बयान के खिलाफ सभी एकसाथ खड़े हैं।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि श्री अमरनाथ यात्रा की अवधि को कम करने का बयान और गिलानी की रैली में पाक झंडे लहराए जाना गंभीर मामला है। उनका कहना है कि जबसे पीडीपी और भाजपा गठबंधन सरकार सत्ता में आई हैं, रियासत में माहौल लगातार बिगड़ रहा है।
गठबंधन सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के बाद ही मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने चुनाव के शांतिपूर्ण होने का श्रेय अलगाववादियों, आतंकवादियों यहां तक कि पाकिस्तान को दिया था।
इस सरकार से हालात संभाले नहीं जा रहे। कभी मसर्रत आलम तो कभी गिलानी देश की एकता और अखंडता को चुनौती दे रहे हैं। इन सब समस्याओं के लिए रियासत और केंद्र सरकार जिम्मेदार है।
पैंथर्स ने कहा, गिलानी जैसे लोगों की जरूरत नहीं
पैंथर्स पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष बलवंत सिंह मनकोटिया ने कहा कि गिलानी को भारत देश अगर पसंद नहीं है तो उसे वहीं चले जाना चाहिए, जिसके प्रति उसे प्यार है। गिलानी जैसे लोगों की देश में जरूरत नहीं है।
भाजपा की नाक तले यह सब हो रहा है। बड़ी-बड़ी बातें करने वाले भाजपा नेताओं को अब जवाब देना होगा। गिलानी जैसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता सुनील सेठी ने कहा कि गिलानी पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा में इसमें कोई दो राय नहीं है कि गिलानी पर भी मसर्रत की तरह पीएसए लगना चाहिए। देश की एकता और अखंडता को चुनौती देना बर्दाश्त के बाहर है।