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राज्य सरकार पर लगाया पिछड़ी जातियों की अनदेखी का आरोप
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
Updated Sun, 05 Nov 2017 12:12 AM IST
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : FILE PHOTO
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एक दिवसीय बैठक में जिले के यूनियन के सदस्यों ने अपनी मांगों को उजागर किया। इस अवसर पर यूनियन ने केंद्र एवं राज्य सरकार पर पिछड़ी जातियों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया। लोगों की सदियों से चली आर रही समस्याएं आज भी उसी तरह हैं जिन्हें दूर करने पर न तो पूर्व सरकारों और न ही वर्तमान सरकारों ने कोई ध्यान दिया है। संगठन के जिला प्रधान मोहम्मद कबीर, जिला सचिव मोहम्मद रशीद और चेयरमैन अब्दुल रशीद शाहपुरी ने की।
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जबकि संगठन के राज्य प्रधान अब्दुल मजीद मलिक, जम्मू प्रांत के प्रधान संदोक चंद, दर्शन लाल और राज्य के चेयरमैन एचडी बेताब बैठक में मौजूद थे। दिन भर चले इस अधिवेशन में वक्ताओं ने पिछड़ी जातियों के साथ होने वाले अन्याय को उजागर किया गया। चुनावों के पहले माननीय नरेंद्र मोदी जी को जम्मू कश्मीर में सबसे अधिक समस्याएं ओ बी सी के लोगों की दिखाई देती थी और वह उन्हें सरकार बनाने पर पूरा करने के भी वादे करते थे। आज सरकार बने चार साल होने को आए हैं।
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उन्होंने हमारे लोगों के लिए कुछ नहीं किया है। इतना ही नहीं पीडीपी और बीजेपी भी हमारे दम पर राज्यकी सत्ता में आई पर हमारे लिए कुछ नहीं किया। इस अवसर पर अब्दुल रशीद और जावेद इकबाल ने राज्य सरकार से देश के अन्य राज्यों की तरह ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने, गुज्जर एवं पहाड़ी बच्चों की ही तरह हर जिले में ओबीसी हास्टल बनाने, ओबीसी के लिए जारी किए जाने वाले प्रमाण पत्र को ओएससी न लिख कर दूसरे राज्यों की तरह ओबीसी लिखने की मांग की। इस अवसर पर यूनियन के राज्य सचिव कालीदास ने भी अपने विचार रखते हुए भविष्य में ओबीसी के अधिकारों के लिए आंदोलन चलाने की बात कही।
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