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'हर मंत्री के घर पांच कुत्ते छोड़ दूंगा': राशिद
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 30 Mar 2015 03:56 PM IST
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सड़क पर लावारिस कुत्तों से लोगों को निजात दिलाने में सरकार के असफल रहने पर विधायक इंजीनियर राशिद कुछ खासे नाराज नजर आए। उन्होंने सदन में तकरीर के दौरान कहा कि सरकार लावारिस कुत्तों से लोगों को नहीं बचा सकती तो वह हर मंत्री के घर 5-5 कुत्ते छोड़ देंगे, ताकि लावारिस कुत्तों की परेशानी उन्हें भी पता चल सके।
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राणा और सत्ता पक्ष में हुई तकरार
नगरोटा से विधायक एवं नेकां के जम्मू संभाग के अध्यक्ष देवेंद्र राणा और सत्ता पक्ष के विधायकों के बीच विधानसभा में तकरार हो गई। विधानसभा अध्यक्ष ने बीचबचाव कर दोनों पक्षों को शांत किया। हुआ यूं कि विधानसभा में पावर पर ‘कट मोशन’ के दौरान उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह अपना पक्ष रख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पावर प्रोजेक्ट वापस लाने के पिछली सरकार के असफल प्रयासों की चर्चा की।
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देवेंद्र राणा बीच में ही इसका विरोध कर बैठे। इस पर सत्ता पक्ष के मंत्रियों और विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के सामने विरोध किया। साथ ही कहा कि उप मुख्यमंत्री की तकरीर के दौरान बीच में बोलना उनका अपमान है। इसके बाद अन्य विधायकों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और राणा अपनी सीट पर बैठ गए।
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सदन से वाकआउट
‘कोट मोशन’ के दौरान नेकां विधायक जावेद राणा ने चर्चा के दौरान अध्यक्ष द्वारा समय न दिए जाने पर कड़ा विरोध जताया और सदन से वाकआउट कर गए। बिजली ‘कट मोशन’ पर मंत्री ने शाम छह बजे जवाब देना था। लेकिन अभी कई विधायकों ने चर्चा में भाग लेना था, इसलिए अध्यक्ष ने समय बढ़ाकर शाम सात बजे कर दिया। इसके बावजूद साढ़े सात बज गए।
इस पर अध्यक्ष ने मंत्री को अपना पक्ष रखने को कहा। चर्चा में समय न दिए जाने पर नेकां विधायक जावेद राणा भड़क गए और सदन में शोर मचाने लगे। इस दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों के साथ भी उनकी तू-तू, मैं-मैं हुई। बाद में अध्यक्ष द्वारा समय न दिए जाने पर वह सदन से बाहर चले गए। उनका कहना था कि पुंछ-राजोरी क्षेत्र के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
इंडस्ट्रीज से बकाया वसूलो
प्रत्येक विधायक के क्षेत्र में बिजली ढांचे के लिए एक-एक करोड़ रुपये देने पर विपक्ष नाराज नजर आया। विधायकों ने कहा कि यदि पीडीडी घाटे में चल रहा है तो बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रियल एरिया और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों पर बकाया करोड़ों रुपये के बिजली बिल की वसूली की जाए ताकि प्रत्येक विधायक के क्षेत्र के लिए 5-5 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाएं जा सकें।