विकास की पटरी पर दौड़ा मुफ्ती सरकार का पहला बजट
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मुफ्ती सरकार ने अपने पहले बजट में रियासत में विकास को बढ़ावा देने की पहल की है। इसके लिए राज्य के कृषि से जुड़े उद्योगों के अलावा अन्य उद्योग-धंधों के विकास को प्राथमिकता दी है, ताकि आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार के साथ ही रियासत की अर्थव्यवस्था में भी सुधार हो।
मॉडल बिजनेस विलेज
वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू ने बजट में नये मॉडल बिजनेस विलेज की अवधारणा को प्रस्तुत किया है। इसके तहत आदर्श गांवों में आधारभूत संरचनाओं के विकास के विपरीत व्यापार के विकास पर बल दिया जाएगा। यहां व्यापार को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत जम्मू संभाग में एक आदर्श बासमती गांव तथा कश्मीर संभाग में एक-एक सेब और केसर गांव विकसित होगा। सेब गांव में स्टोर से लेकर फल को तोड़ने तथा पैकिंग करने की यूनिट भी लगाई जाएगी। इसी तरह बासमती गांव में फसल लगाने से लेकर उसकी पैकेजिंग तथा ब्रांडिंग की सुविधाएं होंगी।
लद्दाख क्षेत्र में हार्टिकल्चर के लिए सोलर ड्रायर्स तथा आधुनिक तकनीकी का विकास होगा।
बजट में उद्योगों पर फोकस
सरकार ने नये इंडस्ट्रियल इस्टेट की भी घोषणा की। यह 31335 कनाल जमीन पर बनाया जाएगा। इसमें सांबा तथा लसीपोरा में बन रहा ग्रोथ सेंटर शामिल होगा। 1000 कनाल जमीन पर या तो नया इंडस्ट्रियल इस्टेट विकसित किया जाएगा या फिर उसी इंडस्ट्रियल इस्टेट को विकसित किया जाएगा।
इसके साथ ही 10 हजार कनाल लैंड बैंक पर इंडस्ट्रियल इस्टेट विकसित करने का प्रस्ताव है। 29 हजार लघु उद्योगों पर राज्य की अर्थव्यवस्था निर्भर है। 83 मध्यम तथा बड़े उद्योगों में 4084 करोड़ रुपये का निवेश है। इन सभी उद्योगों में 1.5 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है।
पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि इन क्षेत्रों में नई इकाइयां लगाने के लिए सब्सिडी दी जा सके। प्रदूषण नियंत्रण इकाइयां लगाने के लिए सब्सिडी मद में दस करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 20 लाख तक के उपकरण पर 30 प्रतिशत को बढ़ाकर 35 लाख तक के उपकरणों पर 50 फीसदी कर दिया गया है।
फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के विकास के लिए सोपोर के खूनमोह तथा दोआबगाह में फूड पार्क स्थापित किए गए हैं। हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और कारपेट उद्योग के विकास के लिए भी सरकार की ओर से पहल की गई है।
बजट में डल डेवलपमेंट बांड
बीमार उद्योगों के लिए पैकेज
बीमार उद्योगों को फिर से पुनर्जीवित करने के लिए भी सरकार प्रयास करेगी। जो लघु और मध्यम उद्योग बीमार घोषित कर दिए गए हैं, उनके लिए जेके बैंक के सहयोग से एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी का गठन किया जाएगा। यह कंपनी जरूरत पड़ने पर इन उद्योगों के लिए पैकेज का भी निर्धारण करेगी।
संस्कृति को बढ़ावा
सरकार की ओर से रियासत के हेरिटेज और सांस्कृतिक धरोहरों को भी विकसित करने की पहल की जाएगी। इसके तहत सांस्कृतिक गांव का विकास किया जाएगा। कश्मीरी पंडितों के आवासीय क्षेत्र को पहला पायलट सांस्कृतिक गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। यह कश्मीरी पंडितों की परंपरा और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में पहल होगी।
डल डेवलपमेंट बांड
डल झील के संरक्षण के लिए डल डेवलपमेंट बांड की भी घोषणा की गई। इस पायलट प्रोजेक्ट में जम्मू कश्मीर के बाहर के राज्यों को शामिल किया जाएगा। वित्त मंत्री ने विश्वास दिलाया कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो तीन साल में डल झील का पुराना वैभव लौटाने में सफलता मिल जाएगी।
बजट में हार्टिकल्चर के लिए 150 करोड़
सुरक्षित हार्टिकल्चर भविष्य के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, ताकि वर्तमान पैदावार को अंतर्राष्ट्रीय मानक के अनुरूप 40-70 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर तक पहुंचाया जा सके। हमारा उद्देश्य है कि एक कनाल जमीन से एक लाख रुपये मिले।
इसके लिए त्रिस्तरीय पैकेज पर काम किया गया है। इसके तहत प्रत्येक जिले में एक मिट्टी और पत्ता परीक्षण प्रयोगशाला खोली जाएगी। इसके साथ ही वर्मी कंपोस्ट तैयार करने वाले को सब्सिडी दी जाएगी।
इसके साथ ही अच्छे किस्म के मेवों के बाग विकसित किए जाएंगे। एक कनाल बाग पर 75 हजार से 1.75 लाख रुपये का खर्च आएगा। पौधे लगाने पर प्रति कनाल 50 हजार का खर्च आएगा। इस पर 50 फीसदी तक सब्सिडी दी जाएगी।