फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   AJKSA president Imran Ansari condemns governance failures, urges to complete work instead of making excuses

Jammu News: एजेकेएसए अध्यक्ष इमरान अंसारी ने शासन की विफलताओं की निंदा की, बहानेबाजी की बजाय काम पूरा करने का आग्रह किया

Fri, 12 Sep 2025 02:25 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू Updated Fri, 12 Sep 2025 02:25 AM IST
विज्ञापन
AJKSA president Imran Ansari condemns governance failures, urges to complete work instead of making excuses
श्रीनगर। ऑल जेके शिया एसोसिएशन (एजेकेएसए) के अध्यक्ष और वरिष्ठ महासचिव मौलवी इमरान अंसारी ने एक कड़े शब्दों वाले ट्वीट में जम्मू-कश्मीर के लोगों में अधूरे वादों और सार्थक शासन के अभाव को लेकर बढ़ती निराशा को उजागर किया।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंककर पीता है। आज जम्मू-कश्मीर के लोग ऐसा ही महसूस कर रहे हैं। उन्होंने अपने चुने हुए प्रतिनिधियों पर भरोसा किया, उन्हें पूरा जनादेश दिया और उम्मीद के साथ उनका समर्थन किया। लेकिन उन्हें बदले में क्या मिला? चुनाव खत्म होते ही वादे गायब हो गए। अगर सत्ता में बैठे लोगों को सचमुच बदलाव की परवाह होती, तो लोग अब तक जमीनी स्तर पर नतीजे देख चुके होते। इसके बजाय, उन्हें शोरगुल वाले प्रेस बयान, विरोध प्रदर्शन और बहाने दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन

मौलवी अंसारी ने आगे कहा कि 200 यूनिट मुफ्त बिजली, एक लाख नौकरियां, सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर, बेहतर राशन सहायता जैसे बड़े-बड़े चुनावी वादों के बावजूद आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। राहत के बजाय अब राशन कार्ड रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। दिहाड़ी मजदूर संकट में हैं, खेल श्रेणी के तहत भर्ती किए गए एसपीओ अधर में लटके हुए हैं, ओपन मेरिट वाले छात्र अंतहीन अनिश्चितता में फंसे हुए हैं, और संविदा कर्मचारी उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, ''''शासन का मतलब आदर्श परिस्थितियों का इंतज़ार करना नहीं है। यह पहले से दी गई जिम्मेदारी के साथ काम करने के बारे में है।''''
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने राजनीतिक आचरण में विरोधाभासों पर सवाल उठाया और बताया कि कैसे नेता नागरिकों से धैर्य की मांग करते हैं जबकि खुद कोई कदम नहीं उठाते। उन्होंने पूछा, ''''अगर दिल्ली पूर्ण राज्य का दर्जा दिए बिना शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार कर सकती है तो जम्मू-कश्मीर क्यों नहीं?'''' उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर के नेताओं को बहानेबाजी छोड़कर नतीजे देने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed