{"_id":"5d3c9d3e8ebc3e6d1425f62b","slug":"ajit-doval-deployment-of-extra-forces-in-kashmir-vally-80-companies-force-reached-jammu-kashmir","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर में सबसे अधिक श्रीनगर में होंगी सुरक्षाबलों की तैनाती, एसएसपी को मिले यह निर्देश...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर में सबसे अधिक श्रीनगर में होंगी सुरक्षाबलों की तैनाती, एसएसपी को मिले यह निर्देश...
Sun, 28 Jul 2019 12:24 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 28 Jul 2019 12:24 AM IST
विज्ञापन
श्रीनगर हाईवे पर सीआरपीएफ का काफिला
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार की ओर से घाटी में भेजी जा रही 100 कंपनियों में कश्मीर जोन में सीआरपीएफ की 50 तथा एसएसबी की 30 कंपनियां तैनात की गई हैं। सबसे अधिक कंपनियां श्रीनगर में तैनात होंगी। सभी जिलों के एसएसपी को हिदायत दी गई है कि वे इन कंपनियों के ठहरने का प्रबंध कर लें।
अनुच्छेद 35ए को निरस्त करने की बातें कोरी अफवाह: शिवराज
श्रीनगर। भाजपा के सदस्यता अभियान के राष्ट्रीय प्रमुख शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अनुच्छेद 35ए का मामला न्यायालय में लंबित है। ऐसे में इस अनुच्छेद को निरस्त करने को लेकर बातें कोरी अफवाहें है। श्रीनगर में पत्रकारों से कहा कि अनुच्छेद 35ए को निरस्त करने जैसे प्रस्ताव पर फिलहाल केंद्र सरकार गौर नहीं कर रही है। उन्होंने अनुच्छेद 35ए को हटाने के लिए राज्य में केंद्रीय बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती के सवाल पर कहा कि ऐसी बातें कोरी अफवाह है और अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती केवल एक नियमित अभ्यास है।
शाह फैसल बोले, जाने क्या होने वाला है?
केंद्रीय बलों द्वारा ज्यादा सुरक्षा बल तैनात करने पर नौकरशाह से नेता बने शाह फैसल ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि इससे कश्मीर में अनिश्चितता और बढ़ेगी। कोई नहीं जानता कि अचानक ऐसा क्यों किया जा रहा है और क्या होने वाला है? अफवाहों का बाजार गर्म है। यह अनुच्छेद 35ए को लेकर तो नहीं? यह राज्य के लिए लंबी रात होने जा रही है।
विज्ञापन
कंपनियों की तैनाती सामान्य प्रक्रिया : आईजी सीआरपीएफ
सीआरपीएफ के आईजी रविदीप सिंह साही का कहना है कि कंपनियों की तैनाती और उन्हें वापस भेजना एक सामान्य प्रक्रिया है। जब कभी भी लॉं एंड ऑर्डर ग्रिड और काउंटर इंटेलिजेंस ग्रिड को मजबूत करने की जरूरत महसूस होती है तो उसके अनुसार कंपनियां बुलाई जाती है। उन्होंने इसे एक नियमित प्रक्रिया बताया है।
निकाय चुनाव से तैनात कंपनियों को बदलना मकसद : एडीजी
जम्मू कश्मीर पुलिस के एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) मुनीर अहमद खान का कहना है कि असलियत यह है कि शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की शुरुआत के बाद से अर्धसैनिक बलों की 200 ट्रेनिंग कंपनियां कश्मीर में थीं। वे बाहरी राज्य से आए थे और तब से अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रहे हैं। अब इन्हें 100 कंपनियों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा और यह एक नियमित अभ्यास है। पहले चरण में 100 ट्रेनिंग कंपनियों को बदला जाएगा और अगले चरण में अन्य 100 कंपनियां बाकी ट्रेनिंग कंपनियों को बदल देंगी।
विज्ञापन
अनुच्छेद 35ए को निरस्त करने की बातें कोरी अफवाह: शिवराज
श्रीनगर। भाजपा के सदस्यता अभियान के राष्ट्रीय प्रमुख शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अनुच्छेद 35ए का मामला न्यायालय में लंबित है। ऐसे में इस अनुच्छेद को निरस्त करने को लेकर बातें कोरी अफवाहें है। श्रीनगर में पत्रकारों से कहा कि अनुच्छेद 35ए को निरस्त करने जैसे प्रस्ताव पर फिलहाल केंद्र सरकार गौर नहीं कर रही है। उन्होंने अनुच्छेद 35ए को हटाने के लिए राज्य में केंद्रीय बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती के सवाल पर कहा कि ऐसी बातें कोरी अफवाह है और अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती केवल एक नियमित अभ्यास है।
विज्ञापन
शाह फैसल बोले, जाने क्या होने वाला है?
केंद्रीय बलों द्वारा ज्यादा सुरक्षा बल तैनात करने पर नौकरशाह से नेता बने शाह फैसल ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि इससे कश्मीर में अनिश्चितता और बढ़ेगी। कोई नहीं जानता कि अचानक ऐसा क्यों किया जा रहा है और क्या होने वाला है? अफवाहों का बाजार गर्म है। यह अनुच्छेद 35ए को लेकर तो नहीं? यह राज्य के लिए लंबी रात होने जा रही है।
विज्ञापन
कंपनियों की तैनाती सामान्य प्रक्रिया : आईजी सीआरपीएफ
सीआरपीएफ के आईजी रविदीप सिंह साही का कहना है कि कंपनियों की तैनाती और उन्हें वापस भेजना एक सामान्य प्रक्रिया है। जब कभी भी लॉं एंड ऑर्डर ग्रिड और काउंटर इंटेलिजेंस ग्रिड को मजबूत करने की जरूरत महसूस होती है तो उसके अनुसार कंपनियां बुलाई जाती है। उन्होंने इसे एक नियमित प्रक्रिया बताया है।
निकाय चुनाव से तैनात कंपनियों को बदलना मकसद : एडीजी
जम्मू कश्मीर पुलिस के एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) मुनीर अहमद खान का कहना है कि असलियत यह है कि शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की शुरुआत के बाद से अर्धसैनिक बलों की 200 ट्रेनिंग कंपनियां कश्मीर में थीं। वे बाहरी राज्य से आए थे और तब से अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रहे हैं। अब इन्हें 100 कंपनियों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा और यह एक नियमित अभ्यास है। पहले चरण में 100 ट्रेनिंग कंपनियों को बदला जाएगा और अगले चरण में अन्य 100 कंपनियां बाकी ट्रेनिंग कंपनियों को बदल देंगी।
इन जगह पर होगी तैनाती...
स्थान |
सीआरपीएफ |
एसएसबी |
कुल |
| श्रीनगर | 05 | 10 | 15 |
| बडगाम | 05 | 00 | 05 |
| गांदरबल | 05 | 00 | 05 |
| अनंतनाग | 05 | 00 | 05 |
| कुलगाम | 05 | 00 | 05 |
| पुलवामा | 10 | 00 | 10 |
| शोपियां | 05 | 00 | 05 |
| अवंतीपोरा | 00 | 05 | 05 |
| बारामुला | 05 | 00 | 05 |
| सोपोर | 05 | 05 | 10 |
| कुपवाड़ा | 00 | 00 | 00 |
| हंदवाड़ा | 00 | 05 | 05 |
| बांदीपोरा | 00 | 05 | 05 |
कुल |
50 |
30 |
80 |