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कश्मीर में एम्स तो जम्मू र्में आईआईएम बनेगा

Fri, 10 Apr 2015 11:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Fri, 10 Apr 2015 11:21 PM IST
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aiims for kashmir and iim for jammu says mufti

मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने स्पष्ट किया है कि कश्मीर में एम्स तो जम्मू में आईआईएम बनेगा। कश्मीर में एम्स पर हो रहे हंगामे पर उन्होंने कहा कि जम्मू र्में आईआईएम बनेगा और कश्मीर के पुलवामा जिले में एम्स। रियासत के लोगों को इन दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों के बनने से फायदा होगा।

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अब तक रियासत के लोगों को बेहतर उपचार के लिए चंडीगढ़ या नई दिल्ली जाने को मजबूर होना पड़ता है। विधान परिषद में मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ और बारिश से हुए नुकसान के बाद पुनर्वास कार्य में सरकार केवल कश्मीर-कश्मीर नहीं करेगी। जम्मू में भी आधारभूत ढांचे को नुकसान हुआ है। चिनाब घाटी हो या पुंछ-राजोरी या अन्य इलाके, हर जगह काम होगा।
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लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका अहम
लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को अहम बताते हुए मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि विपक्ष की भूमिका सरकार की गलतियों को उजागर करने की है। विधान परिषद विधानसभा में हुई गलती को सुधार सकती है। उन्होंने बजट सत्र में हुई चर्चाओं की सराहना करते हुए कहा कि सभी को साथ लेकर चलना उनका एजेंडा है।
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मुख्यमंत्री ने सदन को शानदार तरीके से चलाने के लिए पूर्र्व चेयरमैन अमृत मल्होत्रा की सराहना की। उन्होंने कार्यकारी चेयरमैन जहांगीर मीर के कार्य को भी सराहते हुए कहा कि परिषद में नए सदस्यों के आने से चर्चा की गुणवत्ता में बेहतरी हुई है।

पहाड़ी भाषियों को आरक्षण विचाराधीन: भगत
समाज कल्याण मंत्री बाली भगत ने शुक्रवार को विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान पीडीपी सदस्य जावेद अहमद और भाजपा सदस्य विबोध गुप्ता के सवाल के जवाब में कहा कि पहाड़ी भाषी लोगों को आरक्षण देना सरकार के विचाराधीन है। मंत्री ने कहा कि राज्यपाल की ओर से प्रस्ताव को समीक्षा के लिए वापिस लौटाये जाने के बाद सरकार की ओर से कमेटी बर्नाई गई हैं और इस कमेटी की अभी सिफारिश सरकार को नहीं मिली है।


विधान परिषद में चार बिल पास
विधान परिषद में शुक्रवार को बजट सत्र के आखिरी दिन सरकार ने चार बिल पारित करवाये। आठ सदस्यों के मनोनीत होने से बहुमत में होने से सत्तापक्ष को बिलों को पारित करवाने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। पारित किये गए बिलों में जम्मू कश्मीर सिविक ला (विशेष प्रावधान) एक्ट 2014 संशोधन बिल (एल ए बिल संख्या नंबर तीन 2015), जम्मू कश्मीर प्रोटेक्शन आफ हयूमन राइटस एक्ट 1997 संशोधन बिल (एलए बिल संख्या चार 2015), जम्मू कश्मीर जबावदेही आयोग अधिनियम 2002 संशोधन बिल (एल ए बिल संख्या पांच 2015) और जम्मू कश्मीर विश्वविद्यालय एक्ट 1969 संशोधन बिल (एल ए बिल संख्या छह 2015) शामिल है। इन बिलों को विधान सभा में पहले ही मंजूर किया जा चुका है।

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