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बाढ़ से कृषि क्षेत्र को चार हजार करोड़ का नुकसान

Thu, 26 Mar 2015 11:21 PM IST
Updated Thu, 26 Mar 2015 11:21 PM IST
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agriculture sector hit by 4000 crore due to flood

कृषि मंत्री गुलाम नबी लोन हंजूरा ने कहा है कि बाढ़ से कृषि क्षेत्र को 4043 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार ने किसानों को पचास प्रतिशत राहत अनुदान की अनुशंसा की है। इस मद में 2022 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नाबार्ड के तहत नौ कृषि प्रोजेक्टों को मंजूरी दी गई है, जबकि 13 नए प्रोजेक्टों को तैयार किया गया है।

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इन प्रोजेक्टों पर 58.39 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नाबार्ड के सहयोग से पहली बार कृषि विकास की कई नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं। दिल्ली में एक बड़े कोल्ड स्टोरेज बनाने की योजना पाइपलाइन में है, जिसमें सभी तरह के कृषि प्रोडक्ट रखे जा सकेंगे। राष्ट्रीय राजधानी के बाजार में जम्मू कश्मीर के प्रोडक्ट की पहुंच बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
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मंत्री कृषि विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का उत्तर दे रहे थे। मंत्री के उत्तर के बाद विधानसभा ने 142768.20 लाख रुपये की कृषि अनुदान मांगों को पारित कर दिया। चर्चा में 17 विधायकों ने हिस्सा लिया। विधायक एमवाई तारिगामी, एजाज अहमद, शाम चौधरी, दिलीप सिंह परिहार, नीलम लंगेह, और अल्ताफ बुखारी आदि ने बहस में शिरकत की।

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नहीं बिकेंगे घ‌टिया खाद-बीज

agriculture sector hit by 4000 crore due to flood

मंत्री के उत्तर के बाद विधायकों ने कटौती प्रस्ताव वापस ले लिए। मंत्री ने कहा कि सरकार प्रयास कर रही है कि कृषि शोध को प्रयोगशालाओं से भूमि तक लाया जा सके। विशेषज्ञों की एक समिति लाई जा रही है जो सरकार को कृषि और हार्टिकल्चर उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए सलाह देगी। कई प्रमुख लोग इसमें शामिल किए जाएंगे।

किसानों को प्रशिक्षण देकर एकीकृत प्रणाली लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि घटिया खाद-बीज की बिक्री रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। अगर कोई विक्रेता इसमें शामिल पाया गया तो उसके लाइसेंस रद्द किए जाएंगे। केंद्र प्रायोजित योजनाओं में विभाग को 196.33 करोड़ रुपये मिले हैं। सेफ्रान मिशन को रियासत में लागू किया गया है।

अब केसर का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 2.5 किलोग्राम से बढ़कर 2014-15 में 4 किलोग्राम हो गया है।  इस मिशन पर 400.11 करोड़ खर्च होंगे। बासमती चावल के उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए एसटीएफ ने 30 करोड़ की योजना की सिफारिश की थी जो पूरी होने वाली है।

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