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Jammu News: पुलवामा और शोपियां ज़िले में उच्च घनत्व वाले सेब की कटाई शुरू
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पुलवामा और शोपियां ज़िले में उच्च घनत्व वाले सेब की कटाई शुरू
यूनिस खालिक
पुलवामा। दक्षिण कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिलों में उच्च घनत्व (हाई डेंसिटी) वाले सेब की कटाई शुरू हो गई है। जो उत्पादक पूरी तरह से सेब की फसल पर निर्भर हैं, वे पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष अधिक खुश हैं क्योंकि इस वर्ष प्रति किलो सेब की कीमत 130 रुपये तक पहुंच गई है। बटपोरा शोपियां के किसान तुफैल अहमद ने कहा कि हम पारंपरिक खेती पर पैसा बर्बाद कर रहे हैं, हर किसान को लाभ उठाना चाहिए और आधुनिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए, उच्च घनत्व वाले सेब की फसल उनमें से एक है। जब मैं पारंपरिक सेब का बाग लगा रहा था तब मैं 1 कनाल जमीन से मुश्किल से 1 लाख कमाता था, उसी 1 कनाल से मैं 3 लाख कमाता हूं।
उच्च घनत्व सेब की खेती ने न केवल हमारी आय के स्रोत को बदल दिया है, बल्कि मंडियों से भी मुक्ति दिला दी है और हर जिले में लगने वाली फल मंडियों से भी मुक्ति दिला दी है। मुगलपोरा पुलवामा के एक अन्य किसान, जिन्होंने हाल ही में एक पारंपरिक सेब के बगीचे को उच्च घनत्व वाले बगीचे में बदल दिया है, कहते हैं कि इस साल यह मेरी पहली फसल है और मुझे अच्छा पैसा मिला है। हमें केवल पैसे के पीछे नहीं बल्कि आधुनिक युग के साथ चलना चाहिए।
पुलवामा जिले के त्रिचल गांव के रहने वाले एक उत्पादक रईस अहमद ने कहा कि मेरे पास उच्च घनत्व वाले सेब की लगभग 7 किस्में हैं, जैसे गाला, शनिगाला, हरा सेब आदि और सभी की कीमतें अलग-अलग हैं। जैसे कि अगर मैं पिछले साल की गाला किस्म के बारे में बात करूं प्रति किलोग्राम 90-120 रुपये थी और इस साल यह बढ़कर 130-140 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
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वहीं कृषि कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वर्ष कुल उत्पादन 200 टन था और इस वर्ष हम इसके दोगुना होने की उम्मीद कर रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा कि इस वर्ष कुल उत्पादन कितना होगा, इस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी क्योंकि कटाई प्रारंभिक चरण में है।
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यूनिस खालिक
पुलवामा। दक्षिण कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिलों में उच्च घनत्व (हाई डेंसिटी) वाले सेब की कटाई शुरू हो गई है। जो उत्पादक पूरी तरह से सेब की फसल पर निर्भर हैं, वे पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष अधिक खुश हैं क्योंकि इस वर्ष प्रति किलो सेब की कीमत 130 रुपये तक पहुंच गई है। बटपोरा शोपियां के किसान तुफैल अहमद ने कहा कि हम पारंपरिक खेती पर पैसा बर्बाद कर रहे हैं, हर किसान को लाभ उठाना चाहिए और आधुनिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए, उच्च घनत्व वाले सेब की फसल उनमें से एक है। जब मैं पारंपरिक सेब का बाग लगा रहा था तब मैं 1 कनाल जमीन से मुश्किल से 1 लाख कमाता था, उसी 1 कनाल से मैं 3 लाख कमाता हूं।
उच्च घनत्व सेब की खेती ने न केवल हमारी आय के स्रोत को बदल दिया है, बल्कि मंडियों से भी मुक्ति दिला दी है और हर जिले में लगने वाली फल मंडियों से भी मुक्ति दिला दी है। मुगलपोरा पुलवामा के एक अन्य किसान, जिन्होंने हाल ही में एक पारंपरिक सेब के बगीचे को उच्च घनत्व वाले बगीचे में बदल दिया है, कहते हैं कि इस साल यह मेरी पहली फसल है और मुझे अच्छा पैसा मिला है। हमें केवल पैसे के पीछे नहीं बल्कि आधुनिक युग के साथ चलना चाहिए।
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पुलवामा जिले के त्रिचल गांव के रहने वाले एक उत्पादक रईस अहमद ने कहा कि मेरे पास उच्च घनत्व वाले सेब की लगभग 7 किस्में हैं, जैसे गाला, शनिगाला, हरा सेब आदि और सभी की कीमतें अलग-अलग हैं। जैसे कि अगर मैं पिछले साल की गाला किस्म के बारे में बात करूं प्रति किलोग्राम 90-120 रुपये थी और इस साल यह बढ़कर 130-140 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
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वहीं कृषि कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वर्ष कुल उत्पादन 200 टन था और इस वर्ष हम इसके दोगुना होने की उम्मीद कर रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा कि इस वर्ष कुल उत्पादन कितना होगा, इस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी क्योंकि कटाई प्रारंभिक चरण में है।