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सीमावर्ती क्षेत्र में धान की फसल तैयार
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आरएस पुरा। आरएस पुरा सेक्टर में इन दिनों सीमावर्ती क्षेत्र में किसानों द्वारा लगाई गई धान की फसल लहलहा रही है। दूसरी ओर किसानों को चिंता सता रही है कि पाकिस्तान की ओर से कहीं गोलाबारी आरंभ न कर दी जाए। हालांकि कई वर्ष से आरएस पुरा सेक्टर में शांति बनी हुई है।
किसान रतन लाल का कहना है कि जब भी सीमावर्ती क्षेत्र में किसान द्वारा लगाई फसलें तैयार होती हैं तो पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी आरंभ कर दी जाती है। किसानों में हमेशा ही तब तक भय बना रहता है जब तक वह घर में सुरक्षित फसल न पहुंचा लें। सीमावर्ती गांव विधिपुर निवासी चौधरी धर्मपाल का कहना है कि पहले ही किसानों की कमर टूट चुकी है। कभी प्राकृतिक आपदा के चलते हैं फसलें खराब हो जाती हैं तो कभी पाक गोलाबारी के चलते किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
शामका गांव के रमेश कुमार का कहना है कि जब तक पाकिस्तान क्षेत्र में किसानों द्वारा लगाई धान की फसल की कटाई नहीं हो जाती तब तक पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी करने की संभावना नहीं होती। जैसे ही पाकिस्तान के लोग अपने क्षेत्र में धान की कटाई आरंभ कर देते हैं वैसे ही भारतीय क्षेत्र के किसान भी अपने-अपने क्षेत्र में कटाई का कार्य आरंभ करते हैं।
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किसान रतन लाल का कहना है कि जब भी सीमावर्ती क्षेत्र में किसान द्वारा लगाई फसलें तैयार होती हैं तो पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी आरंभ कर दी जाती है। किसानों में हमेशा ही तब तक भय बना रहता है जब तक वह घर में सुरक्षित फसल न पहुंचा लें। सीमावर्ती गांव विधिपुर निवासी चौधरी धर्मपाल का कहना है कि पहले ही किसानों की कमर टूट चुकी है। कभी प्राकृतिक आपदा के चलते हैं फसलें खराब हो जाती हैं तो कभी पाक गोलाबारी के चलते किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
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शामका गांव के रमेश कुमार का कहना है कि जब तक पाकिस्तान क्षेत्र में किसानों द्वारा लगाई धान की फसल की कटाई नहीं हो जाती तब तक पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी करने की संभावना नहीं होती। जैसे ही पाकिस्तान के लोग अपने क्षेत्र में धान की कटाई आरंभ कर देते हैं वैसे ही भारतीय क्षेत्र के किसान भी अपने-अपने क्षेत्र में कटाई का कार्य आरंभ करते हैं।
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