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खेतों में भरा पानी, फसल की कटाई हो रही बाधित
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ज्यौड़ियां। खौड़ उपजिले के सीमावर्ती गांव जिनमें पंजतूत, पलातन, दढखौड़, पलांवाला, भगवान चक्क तथा छननी दिवानू आदि गांवों के किसान धान की फसल की कटाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों के मुताबिक उनके खेतों में पानी भरा है।
किसानों ने बताया कि हमारे खेतों में बारिश का पानी भरा है। हमारी जमीन के आसपास से दो तीन नाले निकलते हैं। जब भी बारिश होती है क्षेत्र का पानी इनसे होते हुए हमारे खेतों में पहुंच जाता है, लेकिन हमारे खेतों से वह पानी आगे निकास नही होने से बाहर नहीं निकल पा रहा है। किसानों ने बताया कि जहां से पानी निकलकर मनावर तवी में जाता था वहां पर बांध के साथ सेना ने एक दीवार खड़ी कर दी है, जिससे पानी की निकासी पर रोक लग गई है और ह
मारे खेत पानी से भर गए हैं। किसानों ने बताया कि इससे पहले जब वह दीवार नहीं थी तो बारिश का पानी हमारे खेतों से होते हुए मनावर तवी में चला जाता था, लेकिन अब वह निकास सेना ने दीवार लगाकर बंद कर दिया है। चेयरमैन बलाक सामोआ प्रवीण कुमार, किसान व सरपंच विजय सिंह, गुलबदन सिंह आदि ने बताया कि इस विषय में इन छह गांवों के किसानों का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम खौड़ अनिल कुमार ठाकुर से भी दो दिन पहले मिला था। इस पर एसडीएम ने क्षेत्र का दौरा भी किया था, लेकिन आज तक पानी निकासी को लेकर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है और हम किसानों की धान पानी में बरबाद हो रही है। हम लोग कटाई भी नहीं कर पा रहे हैं। हमारा नुकसान हो रहा है। इसलिए हमारी मांग है कि जल्द से जल्द पानी की निकासी की जाए नहीं तो हम लोग खौड़ मुख्यालय में प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
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हमने इस मामले में सेना के अधिकारियों से मुलाकात की थी, उन्होंने हमें आश्वासन दिया था कि पानी की निकासी के लिए वह कोई न कोई उपाय निकालेंगे।
-अनिल कुमार ठाकुर, एसडीएम, खौड़
आसमान में छाए काले बादल से किसान चिंतित
परगवाल। पिछले सप्ताह हुई बारिश से सीमावर्ती क्षेत्र के किसान अभी तक उबर भी नहीं पाए थे कि शुक्रवार को एक बार फिर से आसमान पर काले बादलों ने डेरा डाल लिया है। इससे किसानों के माथों पर चिंता की लकीरें पड़ गई हैं।
स्थानीय किसानों के अनुसार उनके निचले खेतों में खड़ी धान की फसल के नीचे से अभी तक बारिश का पानी सूख नहीं पाया है, जिससे उनकी धान की फसल की कटाई नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार कंबाइन मशीन चालकों ने मशीन में बड़े टायर लगाकर किसानों के गीले खेतों में कटाई का प्रयास किया, लेकिन उनकी यह तरकीब ज्यादा काम नहीं आई। गांव सरवाल के रघुबीर सिंह का कहना है कि क्षेत्र में कम मजदूर होने की वजह से कटाई में काफी दिक्कतें आ रही हैं। क्योंकि अब उनको गीले खेतों में खुद कटाई करना पड़ रही है। शुक्रवार को आसमान पर बादलों ने डेरा डाल लिया है, जिससे किसान वर्ग चिंतित है। ब्यूरो
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किसानों ने बताया कि हमारे खेतों में बारिश का पानी भरा है। हमारी जमीन के आसपास से दो तीन नाले निकलते हैं। जब भी बारिश होती है क्षेत्र का पानी इनसे होते हुए हमारे खेतों में पहुंच जाता है, लेकिन हमारे खेतों से वह पानी आगे निकास नही होने से बाहर नहीं निकल पा रहा है। किसानों ने बताया कि जहां से पानी निकलकर मनावर तवी में जाता था वहां पर बांध के साथ सेना ने एक दीवार खड़ी कर दी है, जिससे पानी की निकासी पर रोक लग गई है और ह
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मारे खेत पानी से भर गए हैं। किसानों ने बताया कि इससे पहले जब वह दीवार नहीं थी तो बारिश का पानी हमारे खेतों से होते हुए मनावर तवी में चला जाता था, लेकिन अब वह निकास सेना ने दीवार लगाकर बंद कर दिया है। चेयरमैन बलाक सामोआ प्रवीण कुमार, किसान व सरपंच विजय सिंह, गुलबदन सिंह आदि ने बताया कि इस विषय में इन छह गांवों के किसानों का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम खौड़ अनिल कुमार ठाकुर से भी दो दिन पहले मिला था। इस पर एसडीएम ने क्षेत्र का दौरा भी किया था, लेकिन आज तक पानी निकासी को लेकर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है और हम किसानों की धान पानी में बरबाद हो रही है। हम लोग कटाई भी नहीं कर पा रहे हैं। हमारा नुकसान हो रहा है। इसलिए हमारी मांग है कि जल्द से जल्द पानी की निकासी की जाए नहीं तो हम लोग खौड़ मुख्यालय में प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
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हमने इस मामले में सेना के अधिकारियों से मुलाकात की थी, उन्होंने हमें आश्वासन दिया था कि पानी की निकासी के लिए वह कोई न कोई उपाय निकालेंगे।
-अनिल कुमार ठाकुर, एसडीएम, खौड़
आसमान में छाए काले बादल से किसान चिंतित
परगवाल। पिछले सप्ताह हुई बारिश से सीमावर्ती क्षेत्र के किसान अभी तक उबर भी नहीं पाए थे कि शुक्रवार को एक बार फिर से आसमान पर काले बादलों ने डेरा डाल लिया है। इससे किसानों के माथों पर चिंता की लकीरें पड़ गई हैं।
स्थानीय किसानों के अनुसार उनके निचले खेतों में खड़ी धान की फसल के नीचे से अभी तक बारिश का पानी सूख नहीं पाया है, जिससे उनकी धान की फसल की कटाई नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार कंबाइन मशीन चालकों ने मशीन में बड़े टायर लगाकर किसानों के गीले खेतों में कटाई का प्रयास किया, लेकिन उनकी यह तरकीब ज्यादा काम नहीं आई। गांव सरवाल के रघुबीर सिंह का कहना है कि क्षेत्र में कम मजदूर होने की वजह से कटाई में काफी दिक्कतें आ रही हैं। क्योंकि अब उनको गीले खेतों में खुद कटाई करना पड़ रही है। शुक्रवार को आसमान पर बादलों ने डेरा डाल लिया है, जिससे किसान वर्ग चिंतित है। ब्यूरो