{"_id":"606f69818ebc3e8cd11fee06","slug":"agriculture-development-jammu-news-jammu-city-news-jmu233055889","type":"story","status":"publish","title_hn":"जैविक उत्पादों की जांच के लिए बनेगी एजेंसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जैविक उत्पादों की जांच के लिए बनेगी एजेंसी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। प्रदेश में तैैयार होने वाले जैविक कृषि उत्पादों की परख के लिए अब एक ऐंजसी बनेगी। जम्मू-कश्मीर दोनों संभागों में ही
जैविक उत्पाद प्रमाणन एजेंसी स्थापित होगी। वीरवार को स्टेट सीड सब कमेेेटी की बैठक में इसको मंजूरी दी गई। कृषि उत्पादन विभाग के आयुक्त सचिव नवीन चौधरी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें उक्त एजेंसी को स्थापित करने की जरूरत बताई गई। इस पर चौधरी ने मंजूरी की मुहर लगाई। जल्द ही इसे लेकर अधिसूचना भी जारी होगी। यह एजेंसी प्रदेश में हॉर्टिकल्चर, डेयरी और एग्रीकल्चर जैविक उत्पादों को प्रमाणित करेगी, जो लोग जैविकता के नाम पर फर्जीवाड़ा करते हैं, उस पर भी अंकुश लगेगा। लोगों तक जैविक उत्पाद सही पहुंचेंगे। एजेंसी का नेतृत्व एक एग्रो केमिस्ट, एक डिप्टी डायरेक्टर रैंक का अधिकारी करेगा, जिसे कृषि विभाग के कम से कम एक जिला स्तरीय अधिकारी और बागवानी में विशेषज्ञता वाले एक एचडीओ द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी। यह एजेंसी विभाग का ढांचा इस्तेमाल कर सकती है और इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। उत्पादों के प्रभावी विश्लेषण के लिए, एक सहायक प्रोफेसर भी एजेंसी का सदस्य होगा। एजेंसी कार्बनिक कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम द्वारा निर्धारित जैविक प्रमाणीकरण की पूरी प्रक्रिया को अपनाएगी। हर तीन महीने में एजेंसी के कार्यप्रणाली की समीक्षा होगी। कृषि विभाग छह कलस्टर की तलाश करेगा। यहां पर एजेंसी काम शुरू करेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि दोनों पशुपालन निदेशक अच्छी योग्य वीएएस को अपनी संबंधित एजेंसियों के सदस्यों के रूप में शामिल करने के लिए नामित करेंगे। इसके अलावा कृषि विभाग के दोनों निदेशक देश की एक प्रतिष्ठित एजेंसी से संपर्क करेंगे और नई बनाई गई एजेंसियों के सदस्यों के लिए 14 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन करेंगे।
विज्ञापन
जैविक उत्पाद प्रमाणन एजेंसी स्थापित होगी। वीरवार को स्टेट सीड सब कमेेेटी की बैठक में इसको मंजूरी दी गई। कृषि उत्पादन विभाग के आयुक्त सचिव नवीन चौधरी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें उक्त एजेंसी को स्थापित करने की जरूरत बताई गई। इस पर चौधरी ने मंजूरी की मुहर लगाई। जल्द ही इसे लेकर अधिसूचना भी जारी होगी। यह एजेंसी प्रदेश में हॉर्टिकल्चर, डेयरी और एग्रीकल्चर जैविक उत्पादों को प्रमाणित करेगी, जो लोग जैविकता के नाम पर फर्जीवाड़ा करते हैं, उस पर भी अंकुश लगेगा। लोगों तक जैविक उत्पाद सही पहुंचेंगे। एजेंसी का नेतृत्व एक एग्रो केमिस्ट, एक डिप्टी डायरेक्टर रैंक का अधिकारी करेगा, जिसे कृषि विभाग के कम से कम एक जिला स्तरीय अधिकारी और बागवानी में विशेषज्ञता वाले एक एचडीओ द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी। यह एजेंसी विभाग का ढांचा इस्तेमाल कर सकती है और इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। उत्पादों के प्रभावी विश्लेषण के लिए, एक सहायक प्रोफेसर भी एजेंसी का सदस्य होगा। एजेंसी कार्बनिक कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम द्वारा निर्धारित जैविक प्रमाणीकरण की पूरी प्रक्रिया को अपनाएगी। हर तीन महीने में एजेंसी के कार्यप्रणाली की समीक्षा होगी। कृषि विभाग छह कलस्टर की तलाश करेगा। यहां पर एजेंसी काम शुरू करेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि दोनों पशुपालन निदेशक अच्छी योग्य वीएएस को अपनी संबंधित एजेंसियों के सदस्यों के रूप में शामिल करने के लिए नामित करेंगे। इसके अलावा कृषि विभाग के दोनों निदेशक देश की एक प्रतिष्ठित एजेंसी से संपर्क करेंगे और नई बनाई गई एजेंसियों के सदस्यों के लिए 14 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन करेंगे।