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संचारू रूप से नहरी पानी की आपूर्ति न होने पर किसानो का प्रदर्शन
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रणवीर नहर की वुत्ती तोडने पर विरोध- प्रदर्शन करते किसान
- फोटो : RSPURA
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मीरां साहिब। कस्बे में मरालिया मोड़ के पास रणबीर नहर के पुल पर किसानों ने नहरी पानी की सुचारु रूप से आपूर्ति न होने पर सरकार व सिंचाई विभाग के खिलाफ सोमवार प्रदर्शन करने के साथ मार्ग बंद रखा। विरोध कर रहे किसानों का कहना था कि डी-10 रणबीर नहर से लगभग बीस गांव में माईनर नहरों से किसानों के सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि पर यही एक पानी का साधन है, पर नहर विभाग की ओर से पहले ही जरूरत के मुताबिक नहीं छोड़ा जा रहा। अब नहरी विभाग की ओर रातोंरात डी-10 रणबीर नहर में दो सौ वर्ष पूर्व बनी नहर में वुत्ती जेसीबी लगा तुड़वा दी, जिसके चलते माईनर नहरों में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही।
किसान मोहम्मद असलम, नागर सिंह, करनेल सिंह, सुरेंद्र सिंह पोला सिंह आदि किसानों ने मांग करते हुए कहा कि नहर में तोड़ी वुत्ती का निर्माण कराया जाए, ताकि किसानों को सुचारु रूप से माइनर नहरों से नहरी पानी की आपूर्ति हो सके।
इस दौरान आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश खजूरिया, कांग्रेस नेता जितेंद्र भगत, समाजसेवीदीपक शर्मा सहित किसानों ने नहर विभाग द्वारा किसानों को जानकारी दिए बिना नहर से वुत्ती तोड़ने पर मीरां साहिब पुलिस थाना प्रभारी जहीर मन्हास से नहर विभाग के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। थाना प्रभारी ने विभाग के उच्चधिकारियों को सूचित कर मौके पर पहुंचने के लिए कहा। विभाग के जेई सहित अन्य कर्मियों ने वहां पहुंच किसानों को कहा कि उन्होंने वुत्ती नहीं तुड़वाई। बाद में नहर विभाग की ओर से लोहे के गार्डर मंगवा रणबीर नहर में लगवा माईनर नहरों में पानी की आपूर्ति कराए जाने की व्यवस्था कराने पर किसानों ने विरोध-प्रदर्शन बंद किया।
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आबियाना लगाए जाने पर रोष जताया
मीरां साहिब। भारतीय किसान संघ के पूर्व महासचिव व किसान नेता सुभाष दषगोत्रा ने शासन की ओर से नहर व लिफ्ट के माध्यम से किसानों द्वारा नहरी पानी पर दोबारा आबियाना लगाए जाने पर किसान वर्ग के लोगों पर बोझ डालने का आरोप लगाया। दषगोत्रा ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से किसानों का आबियाना बंद करने पर इसका भुगतान करने का निर्देश जारी कर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों पर आबियाना लगाए जाने का निर्देश वापस लिया जाए। नहरों की जर्जर हालत बनी होने पर किसानों को सुचारु रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही। नहरों की सफाई करने पर करोड़ों रुपये खर्च करने पर भी किसानों को पानी नहीं मिल रहा। इन दिनों धान लगाए जाने का समय होने पर किसानों में पानी के लिए परेशानी होने पर शासन की ओर आबियाना थोप दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर शासन ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो किसान बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसके लिए राज्य सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार होगी।
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किसान मोहम्मद असलम, नागर सिंह, करनेल सिंह, सुरेंद्र सिंह पोला सिंह आदि किसानों ने मांग करते हुए कहा कि नहर में तोड़ी वुत्ती का निर्माण कराया जाए, ताकि किसानों को सुचारु रूप से माइनर नहरों से नहरी पानी की आपूर्ति हो सके।
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इस दौरान आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश खजूरिया, कांग्रेस नेता जितेंद्र भगत, समाजसेवीदीपक शर्मा सहित किसानों ने नहर विभाग द्वारा किसानों को जानकारी दिए बिना नहर से वुत्ती तोड़ने पर मीरां साहिब पुलिस थाना प्रभारी जहीर मन्हास से नहर विभाग के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। थाना प्रभारी ने विभाग के उच्चधिकारियों को सूचित कर मौके पर पहुंचने के लिए कहा। विभाग के जेई सहित अन्य कर्मियों ने वहां पहुंच किसानों को कहा कि उन्होंने वुत्ती नहीं तुड़वाई। बाद में नहर विभाग की ओर से लोहे के गार्डर मंगवा रणबीर नहर में लगवा माईनर नहरों में पानी की आपूर्ति कराए जाने की व्यवस्था कराने पर किसानों ने विरोध-प्रदर्शन बंद किया।
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आबियाना लगाए जाने पर रोष जताया
मीरां साहिब। भारतीय किसान संघ के पूर्व महासचिव व किसान नेता सुभाष दषगोत्रा ने शासन की ओर से नहर व लिफ्ट के माध्यम से किसानों द्वारा नहरी पानी पर दोबारा आबियाना लगाए जाने पर किसान वर्ग के लोगों पर बोझ डालने का आरोप लगाया। दषगोत्रा ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से किसानों का आबियाना बंद करने पर इसका भुगतान करने का निर्देश जारी कर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों पर आबियाना लगाए जाने का निर्देश वापस लिया जाए। नहरों की जर्जर हालत बनी होने पर किसानों को सुचारु रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही। नहरों की सफाई करने पर करोड़ों रुपये खर्च करने पर भी किसानों को पानी नहीं मिल रहा। इन दिनों धान लगाए जाने का समय होने पर किसानों में पानी के लिए परेशानी होने पर शासन की ओर आबियाना थोप दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर शासन ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो किसान बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसके लिए राज्य सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार होगी।