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बर्बाद हुई फसल के मुआवजे को लेकर तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन
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तहसील के सामने प्रदर्शन करते किसान।
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अरनिया। तहसील कार्यालय के सामने भाजपा आरएस पुरा प्रवक्ता राकेश पंत के नेतृत्व में तहसील के पंचों एवं सरपंचों ने किसानों को बारिश से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा न मिलने पर सोमवार को प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि अगर तीन दिन में मुआवजा नहीं दिया गया, तो तहसील कार्यालय पर ताला लगाने को मजबूर हो जाएंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए राकेश पंत ने कहा कि अरनिया क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र है। लगभग सभी किसान मात्र खेती बाड़ी पर निर्भर हैं। फिर भी पूरे क्षेत्र के किसान मुआवजे से महरूम हैं, जिनको न तो 2019 का और न ही 2021 का मुआवजा मिला।
अगर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत एक क्लिक में किसानों के खाते में पैसे डाल सकते हैं तो किसानों की दो बार बर्बाद हुई फसल का मुआवजा तहसीलदार और उपायुक्त क्यों नहीं डाल सकते। किसानों को परेशान करने के लिए बार-बार जमीन के दस्तावेज की मांग की जाती है, जिससे यह बात साफ हो जाती है कि सरकार हमें सिर्फ कागजों में ही उलझाए रखना चाहती है। पंत ने कहा कि हम सरकार से हिसाब नहीं लेना चाहते हैं। मात्र यही मांग करते हैं कि तहसील की कार्यप्रणाली को ठीक करे और भ्रष्टाचार की जो तस्वीर शुरू हुई है इस पर लगाम लगाए।
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प्रदर्शन में सरपंच कूल पचेल सुभाष सैनी, पंच सुरेश चौधरी, मोहिंदर सैनी, गरनेडी सिंह आदि शामिल रहे।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए राकेश पंत ने कहा कि अरनिया क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र है। लगभग सभी किसान मात्र खेती बाड़ी पर निर्भर हैं। फिर भी पूरे क्षेत्र के किसान मुआवजे से महरूम हैं, जिनको न तो 2019 का और न ही 2021 का मुआवजा मिला।
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अगर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत एक क्लिक में किसानों के खाते में पैसे डाल सकते हैं तो किसानों की दो बार बर्बाद हुई फसल का मुआवजा तहसीलदार और उपायुक्त क्यों नहीं डाल सकते। किसानों को परेशान करने के लिए बार-बार जमीन के दस्तावेज की मांग की जाती है, जिससे यह बात साफ हो जाती है कि सरकार हमें सिर्फ कागजों में ही उलझाए रखना चाहती है। पंत ने कहा कि हम सरकार से हिसाब नहीं लेना चाहते हैं। मात्र यही मांग करते हैं कि तहसील की कार्यप्रणाली को ठीक करे और भ्रष्टाचार की जो तस्वीर शुरू हुई है इस पर लगाम लगाए।
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प्रदर्शन में सरपंच कूल पचेल सुभाष सैनी, पंच सुरेश चौधरी, मोहिंदर सैनी, गरनेडी सिंह आदि शामिल रहे।