आरएस पुरा। छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों को घर नहीं भेजे जाने पर सोमवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया। बच्चों के साथ धरने पर बैठे इन मजदूरों ने आरोप लगाया कि वो आठ दिन से परेशान हैं। प्रशासन ने उनको 31 मई को वापस भेजने के लिए मीरां साहिब से बुलाया था, लेकिन अब तक भेजने के लिए कुछ नहीं किया गया। मजबूर होकर उनको सड़क पर बैठना पड़ा है।
प्रदर्शन करने वाले यह मजदूर छत्तीसगढ़ के निवासी हैं। विरोध जता रहे प्रवासी मजदूर बालाराम, ऋषि पाल, गणेश कश्यप, सोहन साहू, राजकुमार, मोंगरा भाई ने बताया कि प्रशासन कि ओर उन सभी लोगों को 31 मई को आरएस पुरा तहसील कार्यालय पहुंचने के लिए कहा गया था। ताकि उनको रात को बस से कटड़ा भेजा जा सके। मजदूरों ने बताया कि आठ दिन से वे स्कूल के एक छोटे से कमरे में सौ के करीब वे लोग इंतजार कर रहे हैं। इसमें न तो वो शारीरिक दूरी का पालन कर पा रहे और न ही कमरे के अंदर पर्याप्त बिजली सुविधाएं है। लोगों ने बताया कि वो प्रतिदिन लगातार प्रशासनिक अधिकारियों से मिल रहे हैं। हर बार उनको एक नई तिथि देकर लौटा दिया जाता है। इन मजदूरों ने बताया कि वो परेशान हो चुके हैं और आज मजबूरन उन्होंने अपने बच्चों के साथ विरोध प्रदर्शन करने के लिए धरने पर पर बैठना पड़ा। विरोध जताने पर मौके पर एसडीएम राम लाल शर्मा व एसडीपीओ शबीर खान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाया और आश्वासन दिया कि उनको वापस भेजने के लिए जल्द ही व्यवस्था की जाएगी। आश्वासन के बाद मजदूरों ने अपना धरना समाप्त करने का फैसला लिया।