जानिए, क्यों कश्मीर वालों के लिए वरदान बनी मुगल रोड?
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जम्मू संभाग को कश्मीर घाटी से जोड़ने वाली मुगल रोड इन दिनों यात्रियों के लिए वरदान साबित हो रही है। जम्मू श्रीनगर नेशनल हाईवे पर पस्सियां गिरने से घंटों लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए अब यात्री मुगल रोड को प्राथमिकता दे रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार पिछले एक हफ्ते में मुगल रोड के रास्ते से कश्मीर घाटी जाने वाले यात्रियों की संख्या में भारी मात्रा में इजाफा हुआ है।
थन्नामंडी के एसडीपीओ सुर्जीत कुमार के अनुसार एक हफ्ते से मुगल रोड से कश्मीर घाटी की ओर जाने वाले यात्रियों में एक दम इजाफा हुआ है। पहले मुगल रोड से घाटी के लिए हर रोज 200 से 300 छोटे वाहन ही आते-जाते थे। लेकिन पिछले एक हफ्ते में यह संख्या बढ़कर 1 हजार से 1200 तक जा पहुंची है।
इन दिनों हर रोज एक हजार से 1200 तक छोटे बढ़े वाहन मुगल रोड से घाटी पहुंच रहे हैं। इन में बढ़े-बढ़े ट्रक भी शामिल हैं। राहत साम्रगी ले जाने वाले ट्रक हों या फिर अन्य व्यापारियों का सामान ले जाने वाले ट्रक , सब मुगल रोड के रास्ते कश्मीर घाटी जाने को प्राथमितका दे रहे हैं।
एक हफ्ते से हर रोज हजारों वाहन मुगल रोड से पहुंच रहे कश्मीर घाटी
वहीं बकरीद के पर्व पर मुगल रोड के रास्ते पहलगाम जा रहे कुछ विद्यार्थियों ने बताया कि वह पिछले कई वर्षो से दूसरे राज्यों में पढ़ाई कर रहे हैं। पहले वह जम्मू श्रीनगर नेशनल हाइवे से ही घर जाते थे। लेकिन इस बार वह मुगल रोड से घाटी जा रहे हैं।
पंजाब विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे इरशाद वानी ने बताया कि जहां एक तरफ उन्हें ईद के पर्व पर घर जाने की खुशी है तो वहीं दूसरी तरफ उन्हें मुगल रोड से यात्रा करने में उत्सुकता हो रही है।
बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय में एमसीए की पढ़ाई कर रही सदफ बट्ट ने बताया कि वह पहले छुट्टियों में जम्मू के रास्ते से अपने घर जाती थीं, लेकिन इस बार वह पहली बार मुगल रोड से हो कर घर जा रही हैं। वहीं मुगल रोड से घाटी जाने वाले यात्री थन्नामंडी स्थित प्रसिद्ध बाबा गुलाम शाह बादशाह की पाक जियारत पर माथा टेकने भी वहां पहुंच रहे हैं।
बाबा गुलाम शाह बादशाह ट्रस्ट के चेयरमैन के अनुसार पिछले कुछ दिनों से यहां यात्रियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। हर रोज सेंकड़ों की संख्या में पयर्टक जियारत पर पहुंच रहे हैं।