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Jammu News: जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के बीच देनदारियों के निपटारे के लिए बनी रणनीति
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दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के उच्च अधिकारियों के बीच जम्मू सचिवालय में हुई बैठक में सुलझाए कई मुद्दे
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के बीच देनदारियों को निपटारे के लिए वीरवार को मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने जम्मू सचिवालय में दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति पर मंथन किया। बैठक में कई परिसंपत्तियों, देनदारियों और जनशक्ति के बंटवारे से संबंधित लंबित मुद्दों को सुलझाया गया। उप राज्यपाल लद्दाख के सलाहकार डॉ. पवन कोतवाल इन महत्वपूर्ण मामलों की समीक्षा व विचार-विमर्श करने के लिए बैठक में शामिल हुए।
इस दौरान कर्मचारियों के बंटवारे, आवश्यक रिक्तियों को भरने के लिए अधिकारियों की तैनाती, निगमों से पदों का स्थानांतरण और लद्दाख में जम्मू-कश्मीर एजेंसियों की ओर से प्रबंधित चल रही परियोजनाओं को पूरा करने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। कला, कलाकृतियों और अभिलेखों जैसी मूल्यवान सांस्कृतिक संपत्तियों के हस्तांतरण के साथ जम्मू-कश्मीर खेल परिषद से संबंधित संपत्तियों के हस्तांतरण पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिन्हें केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को आवंटित किया गया है। बैठक में प्रमुख एजेंडा लद्दाख में आवंटित कर्मचारियों को जम्मू-कश्मीर के संबंधित विभागों की वरिष्ठता सूचियों में शामिल करना था, जो 15 नवंबर 2021 तक प्रभावी है। दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में सभी कर्मचारियों के लिए समान उपचार और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने में यह कदम महत्वपूर्ण है। इसके अलावा सोनमर्ग में कारगिल सराय के निर्माण के लिए भूमि आवंटन पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसमें बुनियादी ढांचे के विकास और क्षेत्रीय विकास के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला गया। बैठक में लंबित मुद्दों को प्रभावी ढंग से हल करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए दोनों प्रदेशों के बीच सहयोग और सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला गया। जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव और लद्दाख के सलाहकार ने बैठक के परिणामों के बारे में विश्वास व्यक्त किया और दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के सुचारू व प्रभावी कामकाज की दिशा में निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के बीच देनदारियों को निपटारे के लिए वीरवार को मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने जम्मू सचिवालय में दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति पर मंथन किया। बैठक में कई परिसंपत्तियों, देनदारियों और जनशक्ति के बंटवारे से संबंधित लंबित मुद्दों को सुलझाया गया। उप राज्यपाल लद्दाख के सलाहकार डॉ. पवन कोतवाल इन महत्वपूर्ण मामलों की समीक्षा व विचार-विमर्श करने के लिए बैठक में शामिल हुए।
इस दौरान कर्मचारियों के बंटवारे, आवश्यक रिक्तियों को भरने के लिए अधिकारियों की तैनाती, निगमों से पदों का स्थानांतरण और लद्दाख में जम्मू-कश्मीर एजेंसियों की ओर से प्रबंधित चल रही परियोजनाओं को पूरा करने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। कला, कलाकृतियों और अभिलेखों जैसी मूल्यवान सांस्कृतिक संपत्तियों के हस्तांतरण के साथ जम्मू-कश्मीर खेल परिषद से संबंधित संपत्तियों के हस्तांतरण पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिन्हें केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को आवंटित किया गया है। बैठक में प्रमुख एजेंडा लद्दाख में आवंटित कर्मचारियों को जम्मू-कश्मीर के संबंधित विभागों की वरिष्ठता सूचियों में शामिल करना था, जो 15 नवंबर 2021 तक प्रभावी है। दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में सभी कर्मचारियों के लिए समान उपचार और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने में यह कदम महत्वपूर्ण है। इसके अलावा सोनमर्ग में कारगिल सराय के निर्माण के लिए भूमि आवंटन पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसमें बुनियादी ढांचे के विकास और क्षेत्रीय विकास के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला गया। बैठक में लंबित मुद्दों को प्रभावी ढंग से हल करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए दोनों प्रदेशों के बीच सहयोग और सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला गया। जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव और लद्दाख के सलाहकार ने बैठक के परिणामों के बारे में विश्वास व्यक्त किया और दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के सुचारू व प्रभावी कामकाज की दिशा में निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।
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