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Jammu News: विस्थापितों को कस्टोडियन भूमि का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू
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राजस्व विभाग विस्थापित परिवारों की सूची बनाने में जुटा
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। भारत-पाकिस्तान युद्ध (1965 और 1971) के दौरान विस्थापित हुए परिवारों को कस्टोडियन भूमि का मालिकाना हक देने की प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजस्व विभाग विस्थापित परिवारों की सूची बना रहा है। विस्थापित परिवारों की मांग को विधायक डॉ. देवेंदर मन्याल ने हाल में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के समक्ष उठाया था। मांग की थी कि विस्थापितों को वर्षों से अलॉट की गई कस्टोडियन भूमि का स्थायी मालिकाना हक दिया जाए। एलजी ने मामले पर कार्रवाई के लिए दो माह का समय मांगा था। अब राजस्व विभाग रिकॉर्ड खंगालकर पात्र परिवारों की सूची तैयार कर रहा है। बताया जा रहा है कि विभागीय अधिकारियों को भूमि संबंधी दस्तावेज की जांच तथा वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। विस्थापित यशपाल, सुदेश कुमार, अशोक कुमार, गार जीत का कहना है कि वे कई दशकों से इन जमीनों पर रह रहे हैं। खेती-बाड़ी कर रहे हैं लेकिन मालिकाना हक न होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। भारत-पाकिस्तान युद्ध (1965 और 1971) के दौरान विस्थापित हुए परिवारों को कस्टोडियन भूमि का मालिकाना हक देने की प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजस्व विभाग विस्थापित परिवारों की सूची बना रहा है। विस्थापित परिवारों की मांग को विधायक डॉ. देवेंदर मन्याल ने हाल में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के समक्ष उठाया था। मांग की थी कि विस्थापितों को वर्षों से अलॉट की गई कस्टोडियन भूमि का स्थायी मालिकाना हक दिया जाए। एलजी ने मामले पर कार्रवाई के लिए दो माह का समय मांगा था। अब राजस्व विभाग रिकॉर्ड खंगालकर पात्र परिवारों की सूची तैयार कर रहा है। बताया जा रहा है कि विभागीय अधिकारियों को भूमि संबंधी दस्तावेज की जांच तथा वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। विस्थापित यशपाल, सुदेश कुमार, अशोक कुमार, गार जीत का कहना है कि वे कई दशकों से इन जमीनों पर रह रहे हैं। खेती-बाड़ी कर रहे हैं लेकिन मालिकाना हक न होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।